
भारतीय आयुर्वेदिक पद्धति में कुछ ऐसी औषधियां है जो एलोपैथिक दवाइयों के समान ही प्रभावशाली और बेहद गुणकारी होती हैं. ऐसी ही एक बहुत प्रचलित औषधि है अशोकारिष्ट जो महिलाओं के रिप्रोडक्टिव सिस्टम से जुड़ी हुई समस्याओं के इलाज़ में बहुतायत से प्रयोग की जाती है. आइए जानते हैं क्या है अशोकारिष्ट और क्या होते हैं इससे फ़ायदे!
अशोकारिष्ट अशोक वृक्ष (Saraca indica) की छाल के बनाई जाने वाली एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधि है. एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर होने के साथ ही यह ब्रेन और इम्यूनिटी पावर बढ़ाने के काम आती है. अशोकारिष्ट को मासिक धर्म संबंधी असामान्यताओं, यूट्रस की प्रॉब्लम और गाइनेकोलोजिकल समस्याओं के लिए विशेष रूप से प्रयोग किया जाता है. इसे आमतौर पर दूसरी आयुर्वेदिक दवाओं के साथ मिलाकर लिया जाता है.
अशोकारिष्ट एक सम्पूर्ण टॉनिक है (ashokarishta uses in hindi) जिसके अनेक फ़ायदे हैं. आइये जानते हैं अशोकारिष्ट के सेवन से महिलाओं को विशेष रूप से होने वाले फ़ायदों (ashokarishta ke fayde) के बारे में.
पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज में गर्भाशय, बच्चेदानी, फेलोपियन ट्यूब (fallopian tube) और पेशाब नली में संक्रमण हो जाता है जो महिलाओं में एक आम समस्या है और ये बैक्टीरियल इन्फेक्शन से होता है. अशोकारिष्ट के औषधीय गुण यूरिनरी ट्रैक इन्फेक्शन को कम करने में मदद करते हैं और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मज़बूत बनाते हैं.
पीसीओएस (PCOS) में गर्भाशय में सिस्ट बनते हैं और हार्मोनल इंबैलेंस होने के कारण इरेगुलर मेंस्ट्रुएशन, हेवी हेयर ग्रोथ, डेप्रेशन (depression) और वज़न बढ़ने लगता है. अशोकारिष्ट में मौजूद औषधियों से इन सभी लक्षणों को कंट्रोल करने में मदद मिलती है.
अशोकारिष्ट में प्रयोग होने वाली जड़ी बूटियाँ मासिक धर्म से संबंधित समस्याओं; जैसे कि पीरियड्स क्रैम्प (periods cramps) हेवी ब्लीडिंग, यूट्रस की सूजन और मसल्स को रिलेक्स करने में असरदार रूप से काम करती हैं.
मेनोरेजिया यानी कि अधिक ब्लीडिंग (Menorrhagia), मेट्रोरेजिया यानी कि इरेगुलर पीरियड्स (Metrorrhagia) और मेनोमेट्रोरेजिया यानी कि इरेगुलर पीरियड्स जिनमें बहुत ज़्यादा ब्लीडिंग होती हो (Menometrorrhagia) इन तीनों स्थितियों को कंट्रोल करने में अशोकारिष्ट मदद करता है. इसमें मौजूद जड़ी बूटियाँ इरेगुलर पीरियड्स, और क्रैम्प्स के साथ यूट्रस के इन्फेक्शन को भी कम करती हैं.
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अशोकारिष्ट कैल्शियम का रिच सोर्स है जिससे हड्डियों में मज़बूती आती है. इसके अलावा इसमें अन्य मिनरल्स और न्यूट्रीएंट्स भी होते हैं जो बोन डेंसिटी को बढ़ाने में हेल्पफुल हैं जिससे फ्रैक्चर, हड्डी से जुड़ी अन्य समस्याओं और ऑस्टियोपोरोसिस (osteoporosis) तक को रोकने में भी मदद मिलती है.
अशोकारिष्ट प्राकृतिक जड़ी बूटियों से बना एक ऐसा टॉनिक है जिसे स्त्री रोगों के इलाज़ के अलावा एक जनरल टॉनिक (Ashokarishta benefits) की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इसमें ऐसे प्राकृतिक तत्व होते हैं जो महिलाओं के एनर्जी लेवल, ब्लड सर्क्युलेशन और ऑक्सीजनेशन को सुधारते हैं. इससे थकान में कमी आती है और स्टेमिना बढ्ने लगता है.
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अशोकारिष्ट के फ़ायदे (Ashokarishta benefits) जानने के बाद आइये अब जानते हैं इसके उपयोग के सही तरीके के बारे में.
क्योंकि अशोकारिष्ट एक प्राकृतिक औषधि है इसलिए बताई गयी मात्रा के अंदर इसका सेवन पूरी तरह से सुरक्षित है लेकिन अलग-अलग लोगों के शरीर की प्रकृति के अनुसार इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं जो हम आपको आगे बताएँगे. इसका सेवन करते हुए अगर आपको इनमें से कोई भी साइड इफेक्ट दिखाई दे तो बिना देरी के अपने चिकित्सक की राय लें.
अशोकारिष्ट के फ़ायदे और साइड एफेक्ट के बारे में बात करने के बाद आइये अब इससे जुड़े कुछ आम सवालों के जवाब जानते हैं.
जवाब : जी हाँ, ये अशोकारिष्ट के कई फ़ायदों (ashokarishta ke fayde) में से एक है. क्योंकि यह मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं को ठीक करने में मदद करता है और यूट्रस को स्वस्थ करता है इसलिए इससे कुछ महिलाओं को गर्भधारण करने में मदद मिल सकती है. प्रेग्नेंसी में मदद के लिए आपको इसे डॉक्टर द्वारा बतायी गयी मात्रा के अनुसार नियमित रूप से लेना चाहिए.
जवाब : अशोकारिष्ट को पीरियड्स के दौरान लिया जा सकता है क्योंकि यह इस दौरान सेवन के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है. ये पीरियड्स और उससे पहले होने वाली समस्याओं को नियंत्रित करने में बेहद प्रभावी है और इससे मासिक धर्म संबंधी समस्याओं में बहुत आराम मिलता है; जैसे- अनियमित पीरियड्स, (irregular periods) अधिक मात्रा में ब्लीडिंग, ऐंठन, दर्द और कमज़ोरी. लेकिन इसे हमेशा एक आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह से ही लेना चाहिए. वो आपके शरीर की प्रकृति और रोग के लक्षणों के आधार पर आपको इसकी उचित खुराक और उपयोग की सलाह देंगे.
जवाब : जी हाँ, अशोकारिष्ट अनियमित पीरियड्स के लिए भी उपयोगी है और ये इसके कई फ़ायदों (ashokarishta ke fayde) में से एक है. अशोकारिष्ट के सेवन से अनियमित पीरियड्स (irregular periods) सामान्य होते हैं और यूट्रस के फंक्शन में सुधार आता है. लेकिन इसका उपयोग आपको किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह के अनुसार और उचित मात्रा में करना चाहिए.
आयुर्वेदिक टॉनिक अशोकारिष्ट किसी भी अन्य एलोपैथिक दवा की तरह ही असरदार और गुणकारी है. महिलाओं के रिप्रोडक्टिव सिस्टम को स्वस्थ रखने के अलावा अब्ड़ोमिनल क्रैंप्स, अनियमित पीरियड्स और इस दौरान होने वाले अधिक ब्लीडिंग की समस्या के लिए आप इसका प्रयोग डॉक्टर की सलाह से ज़रूर करें. यह पूरी तरह से सुरक्षित है.
1. Modi MB, Donga SB, Dei L. (2012). Clinical evaluation of Ashokarishta, Ashwagandha Churna and Praval Pishti in the management of menopausal syndrome.
2. Otta SP, Reddy RG, Sangvikar S, Tripathy R. (2021). Ayurvedic management of female infertility due to tubal blockage.
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