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10 January 2026 को अपडेट किया गया
ब्रेस्ट पंप पिछले कुछ समय से काफी प्रचलन में आ गए हैं क्योंकि इनसे ख़ासतौर पर कामकाजी माँओं को अपने छोटे बच्चों के लिए ब्रेस्टमिल्क सप्लाई बनाए रखने में मदद मिलती है. इसके अलावा खराब हेल्थ, सोर ब्रेस्ट या लैचिंग न हो पाने जैसे कारणों में भी एक मैनुअल ब्रेस्ट पंप का (Breast pump uses in hindi ) इस्तेमाल एक सुविधाजनक ऑप्शन है जो प्रयोग में काफ़ी आसान और बहुत कम कीमत में मिल जाता है.
फ़ीडिंग बॉटल की तरह ही ब्रेस्ट पंप को भी हर बार इस्तेमाल के बाद ठीक से साफ़ करना चाहिए जिसका सबसे आसान तरीक़ा है- पंप को स्टरलाइज़ करना. आइये जानते हैं कि ऐसा करना क्यों ज़रूरी है!
ब्रेस्ट पंप को स्टरलाइज़ न करने से इसमें हानिकारक बैक्टीरिया पनपने लगते हैं. पंप से निकाला गया दूध क्योंकि आपके छोटे शिशु के लिए प्रयोग होना है इसलिए इस बात का ख़ासतौर पर ध्यान रखना चाहिए कि इसमें किसी भी तरह की बैक्टीरियल ग्रोथ न होने पाए क्योंकि इससे दूध ख़राब होकर बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है.
पंप के वो हिस्से जो ब्रेस्ट मिल्क के सीधे संपर्क में आते हैं उन्हें ख़ासतौर पर (How to sterilize breast pump in Hindi) स्टरलाइज़ करना चाहिए ताकि बच्चे को किसी भी तरह का इन्फेक्शन या अन्य हेल्थ प्रॉब्लम न हों. उचित साफ़ सफाई से न केवल कंटेमिनेशन का खतरा कम हो जाता है; बल्कि पंप की इफेक्टिवनेस भी बढ़ जाती है और वो ज़्यादा लंबे समय तक चलता है.
इसे भी पढ़ें : मैनुअल ब्रेस्ट पंप को कैसे इस्तेमाल करते हैं?
ब्रेस्ट पंप को साफ़ करने के (How to clean breast pump in Hindi) कई तरीके हैं और आप इनमें से कोई भी एक तरीक़ा अपना सकते हैं.
हमेशा एक एर्गोनोमिकल डिजाइन वाले एंटीकोलिक ब्रेस्ट पंप का यूज़ करें जो साफ़ करने में आसान होते हैं. ब्रेस्ट मिल्क के सीधे संपर्क में आने वाले इसके सभी हिस्सों को अलग कर दें; जैसे कि ब्रेस्ट शील्ड्स, वाल्व, और बॉटल और इन्हें ठंडे पानी से धो लें ताकि इनसे बचा हुआ दूध निकल जाए. इसके बाद गर्म पानी और साबुन से साफ़ करें और अंदर के हिस्सों की सफाई के लिए बॉटल साफ़ करने वाले ब्रश का उपयोग करें. साबुन को पूरी तरह हटाने के लिए सभी हिस्सों को अंत में गर्म पानी से अच्छे से धोएँ और साफ़ तौलिये पर हवा में सूखने के लिए छोड़ दें.
सबसे पहले चेक करें कि क्या आपके ब्रेस्ट पंप के हिस्से डिशवॉशर-सेफ हैं. अक्सर इन्हें डिशवॉशर के सबसे ऊपर के रैक में बिना नुकसान पहुंचाए साफ़ किया जा सकता है. सभी हिस्सों को डिशवॉशर में रखें और डिटर्जेंट के साथ गर्म पानी से एक साइकिल तक क्लीन होने दें. टाइम पूरा होने पर डिशवॉशर से निकाल कर हवा में सुखा लें.
कुछ ब्रेस्ट पंप के साथ ख़ासतौर पर बने माइक्रोवेव स्टीम बैग या इलेक्ट्रिक स्टीम स्टरलाइज़र आते हैं. अगर आपके प्रोडक्ट के साथ भी ये दिये गए हैं तो आप इनका प्रयोग करें.
यह तरीक़ा सबसे पुराना और आसान है और किसी भी अन्य तरीक़े जितना ही असरदार भी. इसके लिए एक बर्तन में पानी उबालें और पंप के सभी साफ़ हिस्सों को लगभग 5 मिनट तक उबलते पानी में डुबाए रखें. अब इसके सभी हिस्सों को बिना छुए किसी साफ़ चिमटे से पकड़ कर बाहर निकाल लें और हवा में सूखने के लिए किसी सूखी जगह पर रख दें.
कुछ बॉटल स्टरलाइज़र इस तरह से बनाए जाते हैं कि उनमें ब्रेस्टपंप को भी स्टरलाइज़ किया जा सके. आप उनका भी उपयोग कर सकते हैं.
इसे भी पढ़ें : बेबी के लिए किस तरह की फ़ीडिंग बॉटल होती है बेस्ट?
कुछ प्रोडक्ट्स के साथ क्विक क्लीन वाइप्स या फिर स्प्रे आते हैं जिनका प्रयोग ब्रेस्ट पंप के सभी हिस्सों को साफ़ करने के लिए सुरक्षित रूप से किया जा सकता है. यह ख़ासतौर पर तब ज़्यादा यूज़फुल है जब आप के पास साबुन और पानी उपलब्ध न हो जैसे कि ट्रेवलिंग के दौरान.
ब्रेस्ट पंप को एक दिन में कितनी बार स्टरलाइज़ करना चाहिए ये पूरी तरह से आपके बच्चे की उम्र, हेल्थ कंडीशन और आपके डेली रूटीन जैसे फ़ैक्टर्स पर निर्भर करता है. नवजात बच्चे और ख़ासतौर पर जिनका जन्म प्रीमैच्योर रूप से हुआ हो या फिर जिनके साथ किसी तरह का हेल्थ रिस्क हो उनके लिए ब्रेस्ट पंप को हर रोज़ स्टरलाइज़ करना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि इन बच्चों के इम्यून सिस्टम को विकसित होने में समय लगता है और इन्हें इन्फेक्शन होने का खतरा अधिक होता है. लेकिन जैसे-जैसे आपका बच्चा बढ़ता है और उसकी हेल्थ ठीक होती जाती है, आप ब्रेस्ट पंप को कुछ दिनों में एक बार या वीकली भी स्टरलाइज़ कर सकते हैं. लेकिन बैक्टीरियल ग्रोथ से बचने के लिए आपको हर बार यूज़ करने के बाद इसे अच्छी तरह से साफ़ करना चाहिए, भले ही आप इसे हर बार स्टरलाइज़ न करें.
ब्रेस्ट पंप को स्टरलाइज़ करने के लिए सबसे पहले ब्रेस्ट मिल्क के सीधे संपर्क में आने वाले सभी पार्ट्स को अलग कर लें; जैसे कि- ब्रेस्ट शील्ड, वाल्व और बॉटल. फिर एक बॉटल साफ़ करने वाले ब्रश की मदद से इन हिस्सों को साबुन और गरम पानी से अच्छी साफ़ करें ताकि किसी भी तरह की चिकनाई या दूध के बचे-कुचे कण बॉटल में लगे ना रह जाएँ. अब ब्रेस्ट पंप के सभी हिस्सों को गर्म पानी से अच्छे से 2 से 3 बार धो लें ताकि साबुन निकल जाए. इसके बाद आप उबलते पानी या स्टरलाइज़र की मदद से इसे स्टीम करें और एक सूखी जगह पर रखकर हवा में सुखा लें.
ब्रेस्ट पंप के हिस्सों को सबसे पहले ठंडे पानी से अच्छे से खंगालें ताकि उनमें लगा हुआ दूध निकल जाए. इसके बाद साबुन और गरम पानी के साथ क्लीनिंग ब्रश की मदद से साफ़ करें और फिर अंत में गरम पानी से 2-3 बार अंदर बाहर अच्छी तरह से साफ़ कर लें ताकि साबुन के कण अच्छे से साफ़ हो जाएँ.
नहीं, ऐसा ज़रूरी नहीं है. आपको हर बार प्रयोग से पहले ब्रेस्ट पंप को स्टरलाइज़ करने की ज़रुरत नहीं है लेकिन पंप की पूरी सफ़ाई और स्वच्छता बनाए रखना आवश्यक है. इसके लिए एक बार उपयोग के बाद डीप क्लीनिंग यानी कि साबुन और गरम पानी से साफ़ करके हवा में सुखाना ज़रूरी है जिससे बैक्टीरिएल इन्फेक्शन का खतरा नहीं रहता.
याद रखें कि ब्रेस्ट पंप को धोने और सुखाने के बाद हाथ लगाते हुए आपके हाथ अच्छी तरह से धुले हुए हों. दोबारा अटैच करने और पंप को स्टोर करने से पहले उसके सभी हिस्सों को पूरी तरह से सूखने दें. हमेशा लीक फ्री, बीपीए फ्री और 100% फूड ग्रेड मटीरियल से बना हुआ पंप चुनें जो किसी भी ब्रेस्ट साइज़ के साथ यूज़ किया जा सके.
1. Laforce-Lavoie A, Turgeon A, Gaussen A, Girard M. (2023). Comparison and Efficacy of Breast Pump Cleaning Techniques for Bioburden Reduction.
2. Flores-Antón B, Martín-Cornejo J, Morante-Santana MA, et al. (2019). Comparison of two methods for cleaning breast pump milk collection kits in human milk banks.

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