
ब्रेस्टफ़ीडिंग के दौरान अक्सर बच्चे ब्रेस्ट में काट लेते हैं जो माँओं के लिए ख़ासी तकलीफ़ का कारण बन जाता है. आइये जानते हैं ऐसा क्यों होता है और इस समस्या को कैसे हल किया जाए.
दूध पीने के दौरान बच्चों के ब्रेस्ट में काटने (Baby biting while breastfeeding in Hindi) के कई कारण हो सकते हैं; जैसे कि-
असल में जब बच्चों के दाँत निकलना शुरू होते हैं तो उनके गम्स यानी मसूढ़ों में खुजली होने लगती है और साथ ही वो अपने मुँह में उभरते दाँतों को लेकर बेहद जिज्ञासु भी हो जाते हैं. इस वजह से वो अक्सर कई चीज़ों को दाँतों से काटने की कोशिश करते हैं जिसमें ब्रेस्ट भी शामिल हैं. हालाँकि, माँ को कई बार इससे बहुत ज़्यादा तकलीफ़ और दर्द हो जाता है.
इसे भी पढ़ें : शिशु के दांत निकालते वक्त इन बातों का रखें विशेष ध्यान
ब्रेस्टफ़ीडिंग के दौरान बच्चे का काटना (Baby biting while breastfeeding in Hindi) कभी-कभी ख़राब लैचिंग के कारण भी होता है. जब बच्चा ब्रेस्ट को सही ढंग से नहीं पकड़ पाता है, तो ब्रेस्ट पर अपना ग्रिप बनाने की कोशिश में वह अनजाने ही अपने मसूढ़ों का प्रयोग करके निप्पल को पकड़ता है, जिससे माँ को असुविधा या दर्द हो सकता है. इसके लिए यह सुनिश्चित करें कि दूध पिलाने की शुरुआत में बच्चे का मुँह पूरी तरह से खुला हो जिससे वह निप्पल के साथ एरोला वाले हिस्से को भी मुँह के अंदर ले सके.
इसे भी पढ़ें : बेबी ठीक से दूध नहीं पी पा रहा है? जानें क्या हो सकती है वजह
अटेंशन सीकिंग के लिए भी आपका बच्चा ब्रेस्ट में बाइट कर सकता है और इस व्यवहार को मैनेज करना पेरेंट्स के लिए थोड़ा चैलेंजिंग हो सकता है. माँ का ध्यान खींचने के लिए जब बच्चे ऐसा करते हैं तो यह ज़रूरी है वो धैर्य के साथ इसे टैकल करे. बच्चे को धीरे से ब्रेस्ट से अलग कर दें और फिर शांत लेकिन गंभीर स्वर में समझाएँ कि ऐसा नहीं करना है. इसके अलावा ब्रेस्टफ़ीडिंग के दौरान बच्चे को ख़ुद को इंगेज करें; जैसे कि उसे गले लगाना या खेलना. ऐसा करने से बच्चे के लिए आपके अटेंशन की आवश्यकता अपने आप ही पूरी हो जाएगी.
ब्रेस्टफ़ीडिंग के दौरान बच्चे का काटना कभी-कभी लो मिल्क सप्लाई से भी जुड़ा हुआ होता है. फ़ीडिंग के दौरान जब बच्चे को पर्याप्त दूध नहीं मिलता है, तो वह फ्रस्टेट होकर ज़्यादा ज़ोर लगाने का प्रयास करता है और ऐसा करते हुआ ब्रेस्ट में काट लेता है. इसके लिए यह ज़रूरी है कि पर्याप्त दूध का प्रोडक्शन बना रहे. माँ अच्छी डाइट लें, खुद को हाइड्रेटेड रखें और ब्रेस्टफ़ीडिंग की सही टेक्निक का प्रयोग करें जिससे उसके बच्चे को पर्याप्त पोषण मिल सके.
इसे भी पढ़ें : ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने के लिए क्या करें?
ब्रेस्टफ़ीडिंग करते हुए बच्चे का काटना कभी-कभी कान के इन्फेक्शन के कारण भी होता है. अगर बच्चे के कान में संक्रमण हो जाए तो चूसने की प्रोसेस में कान के भीतर प्रेशर पड़ता है जिससे उसे असुविधा और दर्द होता है. बच्चा उस असुविधा को कम करने के प्रयास में अनजाने ही ब्रेस्ट को काट लेता है. ब्रेस्टफ़ीडिंग के अलावा भी अगर बच्चा बार-बार अपना हाथ कान की ओर ले जाता हो तो यह कान के इन्फेक्शन का एक और संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में आपको तुरंत अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए.
इसे भी पढ़ें : ब्रेस्टफ़ीडिंग के दौरान निप्पल दर्द हो तो क्या करें?
ब्रेस्टफ़ीडिंग के दौरान बेबी के काटने पर आप कई घरेलू नुस्खे ट्राई कर सकती हैं जो असरदार रूप से काम करते हैं; जैसे-
बेबी के काटने पर कोल्ड कंप्रेस का प्रयोग करना एक इफेक्टिव तरीक़ा है. बच्चे के बाइट करने के बाद अपनी ब्रेस्ट के उस हिस्से पर कुछ सेकंड के लिए ठंडी सिकाई करें. कोल्ड कंप्रेस से दर्द या जलन शांत होती है, और बच्चे को आगे ऐसा करने से रोकने में भी मदद मिलती है.
ब्रेस्टफ़ीडिंग के दौरान अगर बच्चा बाइट करे तो दर्द से राहत के लिए गर्म सेक का उपयोग करना अच्छा रहता है. सेक की गर्माहट से बच्चे के जबड़े की मसल्स को भी आराम मिलता है, जिससे दूध पिलाते समय उसे चूसने में आसानी होती है. हालाँकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि सेक बहुत गर्म न हो. ब्रेस्ट पर लगाने से पहले इसे अपनी स्किन पर ज़रूर टेस्ट करें.
स्तनपान के दौरान बच्चे के काटने पर राहत पाने के लिए ब्रेस्ट मिल्क एक असरदार प्राकृतिक घरेलू उपाय है. ब्रेस्ट मिल्क में प्राकृतिक एंटीबॉडीज़ और एंटीइन्फ़्लेमेटरी गुण होते हैं जो बच्चे के काटने से होने वाली परेशानी को कम करने में मदद करते हैं. दर्द वाली जगह पर इसे लगाने से यह त्वचा को हील करता है जिससे दर्द से तुरंत राहत मिलती है.
बच्चे के ब्रेस्ट पर काटने से बचने का एक और आसान तरीक़ा है- निपल शील्ड का उपयोग करना. यह बच्चे के मुँह और निप्पल के बीच एक अतिरिक्त लेयर का काम करती है और ब्रेस्ट की स्किन को सुरक्षा देती है. जब कोई बच्चा इस शील्ड को पकड़कर काटने की कोशिश करता है तो इससे सीधे निप्पल की त्वचा पर चोट नहीं लगती और कट या दर्द होने की संभावना काफ़ी कम हो जाती है.
इसे भी पढ़ें : ब्रेस्टफ़ीडिंग के दौरान ब्रेस्ट में गांठ बनने का खतरा कब होता है?
लैनोलिन क्रीम का प्रयोग एक और असरदार तरीक़ा है- बच्चे के काटने से रोकने का. लैनोलिन माँ और बच्चे दोनों के लिए सुरक्षित है. इसकी हीलिंग प्रॉपर्टीज़ डिसकंफ़र्ट को कम करने में मदद करती हैं, साथ ही काटने के कारण होने वाले जलन या दर्द से भी राहत देती हैं. यह त्वचा को मॉइस्चराइज करते हुए एक सुरक्षात्मक लेयर बनाती है, जिससे ब्रेस्ट की स्किन की सेफ़्टी होती है.
आगे आपको बताएँगे बेबी को ब्रेस्टफ़ीडिंग के दौरान काटने से रोकने के कुछ असरदार टिप्स.
इसे भी पढ़ें : क्या ब्रेस्टफ़ीडिंग के दौरान निप्पल बटर क्रीम का इस्तेमाल कर सकते हैं?
1. बच्चे की हंगर क्यूज़ पर ध्यान दें और उन्हें बहुत अधिक भूख लगने से पहले ही दूध पिला दें.
2. बच्चे के दाँत निकलने की उम्र के दौरान लगातार ध्यान दें और दर्द से राहत के लिए उसे अच्छी क्वालिटी के टीथिंग टॉय दें.
3. दूध पिलाते हुए बच्चे के हाव-भाव की निगरानी करें और जैसे ही लगे कि वह काटने वाला है तुरंत उसे ब्रेस्ट से अलग कर दें.
4. हमेशा दूध पिलाने की शुरुआत एक अच्छी लैचिंग से करें जिससे बच्चे की ब्रेस्ट पर सही ग्रिप बन सके.
5. बच्चे के परेशान या व्याकुल दिखने के संकेतों पर ध्यान दें और शांत वातावरण में फ़ीड कराएँ.
6. बच्चे के काटने पर उसे खुद से थोड़ा अलग करें और हाव-भाव से बताएँ कि दर्द हो रहा है. इसके बाद फिर दूध पिलाना शुरू करें.
7. काटने वाले व्यवहार को कम करने के लिए हर बार एक ही तरह का रिएक्शन दें जिससे बच्चा यह समझ पाये कि आप उसे ऐसा करने से मना कर रहे हैं.
8. ज्यादा दिक्कत होने पर अपने डॉक्टर से गाइडेंस लें.
ब्रेस्ट में काटने से बच्चे को रोकने के लिए बेबी को ऐसा करते ही पहले ब्रेस्ट से अलग करना ज़रूरी है हालाँकि, ऐसा करते हुए आप शांत रहें और सधे हुए शब्दों में उसे प्यार से बताएँ कि काटने से दर्द होता है. बच्चे के मसूढ़ों को आराम देने के लिए टीथिंग टॉय या ठंडे वॉशक्लॉथ दें जिससे माँ और बच्चे दोनों के लिए ब्रेस्टफ़ीडिंग एक अधिक आरामदायक एक्सपीरिएन्स बन सके.
1. Van der Veek SMC, de Graaf C, et al. (2019). Baby's first bites: a randomized controlled trial to assess the effects of vegetable-exposure and sensitive feeding on vegetable acceptance, eating behavior and weight gain in infants and toddlers. BMC Pediatr.
2. Bernard-Bonnin AC. (2006).Feeding problems of infants and toddlers. Can Fam Physician.
Yes
No



















It is highly recommend product to all the mommies. I could see the difference from day one of using this product. As it has all the natural ingredients and now sugar it doesn’t have any side effect too.


Hello friends... Dr ne mujhe bola he 12 april se 15 april tak delivery ho jani chahiye baki bache ko prblm ho sakti he... Par bache ne head niche fix hi nai kra to bachedani ka muh kese khule.. apme koi he jiski sath ye prblm hui ho...!!
Hello mom's mera 6 month chsl rha h kl maine thoda wajan utha liya tha tkriban 10 kg k lgbhg to ky mere bachche ko koi problem to nhi n hogi
Hello moms meri delivery ko 4 month ho gye h mujhe feb me halki bleeding hui thi march me nahi hui fir april me start ho gaye kya ye normal h plzzz reply me
Hello sisters please meri ultrasound report dekhkar bataiye ki sab Kuch hai .... our meri pregnancy ko kitne din ho gay me bahut confused Hu ....mere hisaab se 7th month abhi start hua hai doctor ne Bola hai ki 7 month complete hone wala hai ..... please help me
Hlw mom's Mera baby rat bilkul bhi nahi sota aur din m sota h kyaa kru bhot rota h
Your body needs extra nutrition this trimester - these can help.





This content is for informational purposes only and should not replace professional medical advice. Consult with a physician or other health care professional if you have any concerns or questions about your health. If you rely on the information provided here, you do so solely at your own risk.

Mylo wins Forbes D2C Disruptor award

Mylo wins The Economic Times Promising Brands 2022
Baby Carrier | Baby Soap | Baby Wipes | Stretch Marks Cream | Baby Cream | Baby Shampoo | Baby Massage Oil | Baby Hair Oil | Stretch Marks Oil | Baby Body Wash | Baby Powder | Baby Lotion | Diaper Rash Cream | Newborn Diapers | Teether | Baby Kajal | Baby Diapers Pants | Cloth Diapers | Laundry Detergent | Lactation Granules |