
यूरिक ऐसिड आजकल के समय में एक बड़ी समस्या बन गया है जिस से काफी लोग परेशान रहते हैं. आइए जानते हैं कि आखिर क्या है ये बीमारी और कैसे बनता है शरीर में यूरिक एसिड.
शरीर में यूरिक एसिड का बनना – हमारे द्वारा खाये गए भोजन से एक नैचुरल वेस्ट बनता है जिसमें प्यूरिन होता है. जब प्यूरिन टूटता है तो इससे यूरिक एसिड बनता है.
किडनी द्वारा यूरिक एसिड की सफाई - किडनी जो कि शरीर के अंदर के वेस्ट को बाहर निकालती हैं उनमें से एक है ऐसिड. यूरिक ऐसिड भी एक तरह का ऐसिड है जो कि हमारी किडनी से फ़िल्टर हो जाता है और टॉयलेट के जरिए शरीर से निकल जाता है.
ब्लड में एसिड का बढ्ना - लेकिन, अगर यूरिक ऐसिड शरीर में ज़रूरत से ज्यादा बन रहा है या किडनी इसको सही तरीके से फिल्टर नहीं कर पाती हैं, तो हमारे खून में इसका लेवल बढ़ जाता है.
जोड़ों में किस्टल्स का जमा होना – ऐसा होने पर ये धीरे धीरे हड्डियों के बीच में जमा होने लगता है.
गाठों का बन जाना – लगातार ऐसा होते रहने पर जोड़ों के बीच में इसके किस्टल्स बन जाते हैं. इस कारण गांठें मोटी हो जाती हैं और जोड़ सूज जाते हैं.
अक्सर लोग यूरिक ऐसिड बढ्ने को सही तरह से पहचान नहीं पाते और इसलिए ये उन्हे एक गंभीर स्थिति में पहुंचा देता है. ज़्यादातर लोगों को शुरुआत में यूरिक ऐसिड लैवल बढ्ने का पता नहीं चल पाता, क्योंकि वो नहीं जानते कि बढ़ते हुए यूरिक ऐसिड को कैसे पहचानें. लेकिन हम आपको कुछ ऐसे आम लक्षण बता रहे हैं, जिन्हें देख कर आप अलर्ट हो सकते हैं कि आपका यूरिक ऐसिड बढ़ रहा है.
जोड़ों में दर्द- जोड़ों में तेज दर्द होना और उठने-बैठने में दिक्कत होना
सूजन - हाथों और पैरों कि उंगलियों में सूजन और लाली आना
गांठों का फूलना - जोड़ों में सूजन आना और किसी तरह की गांठ बनना
जोड़ों में दर्द - हाथों और पैरों की उंगलियों में बहुत तेज दर्द होना
काम करने में परेशानी होना - जल्दी थकान महसूस होना और रोज़मर्रा के काम करने में परेशानी होना
आइए अब जानते हैं यूरिक ऐसिड बढ़ने के कारण
खराब लाइफस्टाइल - खानपान और लाइफस्टाइल में बदलाव यूरिक ऐसिड बढ़ने का एक आम कारण है.
शुगर लेवल का बढ्ना - डायबिटीज के मरीजों में अक्सर यूरिक एसिड का लैवल बढ़ सकता है.
हाई प्रोटीन डाइट - कुछ खाने की चीज़ें जैसे कि सी फूड, रेड मीट, तूअर दाल, राजमा, गोभी आदि भी यूरिक ऐसिड को बढ़ा सकते हैं.
प्यूरिन प्रोटीन - कई लोग प्यूरिन प्रोटीन को अपने डाइट में इस्तेमाल करते हैं और इससे भी यूरिक एसिड बढ़ सकता है.
जेनेटिक - इसके अलावा, अगर आपके परिवार ये समस्या जेनेटिक रूप से है, तो भी आपका यूरिक ऐसिड बढ़ सकता है.
हालांकि यूरिक ऐसिड के इलाज के लिए कई घरेलू नुस्खे हैं लेकिन इनमें से एक बहुत कारगर तरीका है बेकिंग सोडा का इस्तेमाल. आइये जानते हैं कि बेकिंग सोडा इस समस्या को कैसे कम करता है.
क्लीनिंग एजेंट - यूरिक ऐसिड से राहत के लिए आप हर दिन एक ग्लास पानी में एक चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर पिएँ जो बौडी से एक्सट्रा एसिड को क्लीन करेगा.
अल्कालाइन होता है - बेकिंग सोडा हमारे शरीर में मौजूद नेचुरल अल्कलाइन लेवल को सही मात्रा में बनाए रखने में सहायता करता है.
पी एच लेवल सही करता है – बेकिंग सोडा शरीर के बिगड़े हुए पी एच लेवल को सही कर देता है जिससे बौडी का अल्कालाइन लेवल बढ़ जाता है और एसिड कंट्रोल में आ जाता है.
एसिड क्रिस्टल्स को डाइल्यूट करता है - बेकिंग सोडा से शरीर में यूरिक ऐसिड आसानी से घुल जाता और किडनी को इसे आसानी से शरीर से बाहर निकालने में मदद मिलती है.
दर्द् में कमी - बेकिंग सोडा की मदद से यूरिक ऐसिड के आसानी से बाहर निकल जाने से जोड़ों के दर्द में काफी कमी आती है.
अब जानते हैं यूरिक एसिड की समस्या में बेकिंग सोडा के इस्तेमाल के अन्य फायदे
प्राकृतिक उपाय – ये एक प्राकृतिक उपाय है और अपने डॉक्टर की सलाह से अगर आप बेकिंग सोडा का सही तरीके से सेवन करें तो ये आपको यूरिक ऐसिड की वजह से होने वाले दर्द में काफी राहत दिला सकता है.
नो साइड एफ़ेक्ट्स - सही मात्रा में सेवन करने पर बेकिंग सोडा के कोई साइड एफेक्ट्स नहीं होते.
एसिड लेवल कंट्रोल - बेकिंग सोडा शरीर के ऐसिड लैवल को बिलकुल नैचुरल तरीके से नियंत्रित कर सकता है.
अल्कालाइन लेवल - बेकिंग सोडा के नियमित इस्तेमाल से शरीर का अल्कलाइन लेवल सही रहता है जिससे आगे भी यूरिक ऐसिड बढ्ने के चांसेस कम हो जाते हैं.
दर्द और सूजन से राहत – बेकिंग सोडा के प्रयोग से आप बिना पेन किलर खाये यूरिक एसिड के कारण होने वाले जोड़ों के दर्द और सूजन को कम कर सकते हैं.
तो ये थी यूरिक ऐसिड की बीमारी में बेकिंग सोडा के इस्तेमाल के बारे में पूरी जानकारी जो कि यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के घरेलू उपाय में से एक है. उम्मीद है कि आप भी इसे आजमा कर अपनी यूरिक ऐसिड की समस्या को कम कर पाएंगे.
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