


Conception
20 February 2026 को अपडेट किया गया

Medically Reviewed by
Dr. Ritu S Santwani
Infertility treatment, Cosmetology, Recurrent abortion treatment, Menopause, Hysteroscopy & colposcopy, PCOS/PCOD, Sexual health - M.D (Obst & Gynaec)| FICOG, FIAOG, AMRCOG, ART-Singapore
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प्रेग्नेंसी किसी महिला के लिए एक बहुत ही स्पेशल और ख़ूबसूरत सफ़र होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं इस सफ़र की शुरुआत किन लक्षणों से होती है. जो कपल्स पहली बार प्रेग्नेंसी प्लान करते हैं, उनके मन में प्रेग्नेंसी को लेकर पहला सवाल यही आता है कि आख़िर प्रेग्नेंसी के शुरुआती लक्षण (Early signs of pregnancy) क्या होते हैं! अगर आप भी उन्हीं लोगों में से एक हैं, तो चिंता न करें. इस आर्टिकल की मदद से हम आपको बताएँगे कि आमतौर पर प्रेग्नेंसी के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं, और आपको कब प्रेग्नेंसी टेस्ट करना चाहिए.
एक्सपर्ट्स की मानें तो गर्भ ठहरने के लगभग 5 से 6 हफ़्ते के बाद प्रेग्नेंसी के लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं. ये लक्षण हैं-
गर्भ ठहरने का सबसे पहला लक्षण है- पीरियड्स का मिस होना. पीरियड्स मिस होना प्रेग्नेंसी का पहला संकेत होता है. हालाँकि, आज की लाइफस्टाइल के चलते कई महिलाओं के पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं, ऐसे में बेहतर है कि आप इस बारे में एक बार अपने डॉक्टर से परामर्श करें.
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अगर मासिक चक्र के आसपास या इससे एक हफ़्ते पहले आपको स्पॉटिंग होती है, तो इसे भी प्रेग्नेंसी का शुरुआती लक्षण माना जाता है. ध्यान रहें कि इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग के बाद शरीर में तेज़ी से हार्मोन्स में बदलाव होने लगता है. इसके अलावा, गर्भ ठहरने के बाद पेट में मरोड़ भी महसूस होने लगती हैं.
आमतौर पर गर्भ ठहरने के 5 से 6 हफ़्ते के बाद महिलाओं को उल्टी और जी मिचलाने जैसी समस्याएँ होने लगती हैं. कई महिलाओं को यह समस्या प्रेग्नेंसी की शुरुआती तिमाही में होती है, तो कुछ महिलाएँ ऐसी भी होती हैं, जो पूरे 9 महीने तक इस समस्या का सामना करती हैं.
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प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन की मात्रा बढ़ने लगती है, जिसके चलते ब्रेस्ट में भारीपन आने लगता है. इसके कारण ब्रेस्ट में दर्द और सूजन भी होने लगती है.
प्रेग्नेंसी के शुरुआती महीनों में प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन बढ़ने लगते हैं, जो कि शिशु के विकास के लिए बहुत जरूरी होते हैं. लेकिन इन हॉर्मोन्स के कारण मेटाबॉलिज्म भी कमज़ोर होने लगता है, जिसके चलते महिलाओं को थकान महसूस होने लगती है.
गर्भ ठहरने के 5 से 6 हफ़्ते के बाद आपको सामान्य से अधिक बार पेशाब आने लगेगा. दरअसल, इस समय एक महिला के शरीर में खून की मात्रा बढ़ जाती है, गर्भाशय बढ़ता है और इसका असर ब्लैडर पर पड़ता है, जिसके कारण आपको बार-बार वॉशरूम जाने की ज़रूरत महसूस होती है.
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गर्भ ठहरने का असर मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है. हार्मोन्स में बदलाव होने के चलते बार-बार मूड में भी बदलाव होने लगता है. आपको एक ही समय पर अच्छा और बुरा महसूस कर सकते हैं. इसके अलावा, आप छोटी-छोटी बातों पर चिंता करने लगते हैं.
तो ये थे वे आम लक्षण जो अक्सर गर्भ ठहरने के बाद एक महिला के शरीर में देखने को मिलते हैं. इनमें से कोई भी लक्षण महसूस होने पर आपको तुरंत अपने डॉक्टस से परामर्श करना चाहिए और प्रेग्नेंसी टेस्ट करना चाहिए.
रेफरेंस
1. Chard T. (1992). Pregnancy tests: a review.
2. Gnoth C, Johnson S. (2014). Strips of Hope: Accuracy of Home Pregnancy Tests and New Developments.
3. DeLaney M, Wood L. (2021). Urine pregnancy testing: When does no mean maybe?
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Dr. Ritu S Santwani
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Written by
Ravish Goyal
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