
सारांश




आईयूआई यानी कि इंट्रा यूटेराइन इनसेमिनेशन (Intrauterine insemination) उन कपल्स के लिए एक फर्टिलिटी ट्रीटमेंट है, जो नेचुरल तरीक़े से गर्भधारण नहीं कर पाते हैं. ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखकर इस ट्रीटमेंट की मदद से प्रेग्नेंसी की संभावनाओं को बढ़ाया जा सकता है. चलिए इस आर्टिकल के ज़रिये आपको बताते हैं कि आईयूआई के बाद आपको क्या सावधानी बरतनी चाहिए (After iui precautions in Hindi), क्या खाना चाहिए और किन चीज़ों को खाने से बचना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, आदि.
आईयूआई प्रोसेस के बाद कुछ घंटों तक अपने शरीर को पर्याप्त आराम दें. कम से 24 से 48 घंटे तक किसी भी प्रकार की फिजिकल एक्टिविटी में शामिल होने से बचें.
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बॉडी को हेल्दी रखने के लिए ज़रूरी है कि आप पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ. ध्यान रखें इस दौरान आपकी बॉडी का हाइड्रेटेड रहना बहुत ही ज़रूरी है.
आईयूआई के कुछ दिन बाद तक कोई भी भारी सामान न उठाएँ. ऐसा करने से पेल्विक क्षेत्र पर दबाव पड़ सकता है.
आईयूआई प्रोसेस के बाद संबंध बनाने से बचें. बता दें कि आईयूआई प्रोसेस के बाद के अगले 24 से 48 घंटे बहुत ही नाज़ुक होते हैं, क्योंकि इस समय स्पर्म एग तक पहुँच रहे होते हैं, जिससे फर्टिलाइजेशन होता है. इसलिए इस समय सेक्स से दूरी बनाना ही आपके लिए फ़ायदेमंद है.
आईयूआई जैसे फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के बाद तनाव होना लाज़िमी है. आपके मन में कई तरह के सवाल आ सकते हैं, भविष्य की चिंता आपको परेशान कर सकती है. लेकिन ऐसी स्थिति में भी आपका ख़ुद पर कंट्रोल होना चाहिए. पॉजीटिव रहें और अपने मन पसंदीदा काम करें. आप चाहें अपनी फेवरेट बुक पढ़ सकते हैं, म्यूज़िक सुन सकते हैं, अपने किसी क़रीबी या फिर दोस्त से बात कर सकते हैं.
इस समय आपको अपने डॉक्टर पर भरोसा रखना चाहिए और उनके द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना चाहिए. डॉक्टर आपको लाइफस्टाइल से लेकर डाइट तक में बदलाव करने के लिए कह सकते हैं. इसके अलावा, वे आपको कुछ मेडिसिन भी लेने के लिए कह सकते हैं.
आईयूआई के बाद अल्कोहल और स्मोकिंग करना आप पर भारी पड़ सकता है. इसके कारण हार्मोन्स असंतुलित हो सकते हैं, ओव्यूलेशन पर नेगेटिव असर हो सकता है और स्पर्म की क्वालिटी कम हो सकती है, जिसका सीधा असर आपकी फर्टिलिटी पर पड़ सकता है, जिसके चलते प्रेग्नेंसी की संभावनाएँ कम हो सकती है.
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आईयूआई के बाद पेशेंट को ट्रेवल करने से बचना चाहिए. ऐसे में इस दौरान ट्रेवल करने से बचें. लॉन्ग ट्रिप और समय का आपकी बॉडी पर नेगेटिव असर हो सकता है. अगर इस समय आपका ट्रेवल करना ज़रूरी है, तो एक बार डॉक्टर से ज़रूर परामर्श करें.
आईयूआई के बाद पर्याप्त नींद लें. कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद ज़रूर लें. साथ ही, इस दौरान आपको अपनी सोने की पोजीशन पर ध्यान देना चाहिए; जैसे-
हेल्दी रहने के लिए एक्सरसाइज़ करना बहुत ही ज़रूरी है. लेकिन आईयूआई के बाद आपको इससे बचना चाहिए. हालाँकि, आप हल्की-फुल्की एक्सरसाइज़ कर सकते हैं; जैसे कि आप धीरे-धीरे वॉक कर सकते हैं. ऐसा करने से आपका ब्लड सर्कुलेशन बेहतर रहेगा. आप योग भी कर सकते हैं, लेकिन आपको ऐसे आसान को चुनना चाहिए, जिसमें ज़्यादा शारीरिक मेहनत न लगती हो. इसके अलावा, आप स्ट्रेचिंग कर सकते हैं.
डाइट हर मायने में अहम होती है. ऐसे में आईयूआई ट्रीटमेंट के बाद आपको अपनी डाइट पर बहुत ध्यान देना चाहिए.
पालक, केल, केल जैसी पत्तेदार सब्ज़ियाँ खाएँ. ये विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं. साथ ही, इससे फर्टिलिटी क्षमता में सुधार भी होता है.
दही, पनीर और दूध जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करना शुरू करें. इनमें कैल्शियम और विटामिन डी जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं, जो हड्डियों के स्वास्थ्य और फर्टिलिटी क्षमता के लिए ज़रूरी होते हैं.
आपको अपनी डाइट में साबुत अनाज; जैसे कि ब्राउन राइस, क्विनोआ और साबुत गेहूँ की ब्रेड आदि को शामिल करना चाहिए. ये ब्लड सर्कुलेशन को स्थिर बनाने में मदद करते हैं, जो कि फर्टिलिटी क्षमता के लिए ज़रूरी होता है.
एवोकैडो, जैतून के तेल और नट्स, आदि को डाइट में शामिल कर लें. ये हेल्दी फैट के नेचुरल सोर्स होते हैं.
चिकन और टोफू जैसे लीन प्रोटीन को अपनी डाइट में शामिल करें. ये भ्रूण के स्वस्थ विकास करे लिए अमीनो एसिड की आपूर्ति करते हैं.
इम्प्लांटेशन और फर्टिलिटी को सपोर्ट करने के लिए हेल्दी डाइट बहुत ही ज़रूरी होती है. ऐसे में आपको इन फूड्स का सेवन नहीं करना चाहिए
इस समय आपको हाई मरक्युरी फिश के सेवन से बचना चाहिए, ये भ्रूण के लिए नुक़सानदायक होती हैं. आप इसकी जगह सैल्मन, सार्डिन और ट्राउट जैसे कम मरक्युरी वाले विकल्पों पर विचार कर सकते हैं. इसके अलावा, अधपका चिकन, अंडे आदि भी न खाएँ.
प्रोसेस्ड और शुगरी फूड्स का आपकी फर्टिलिटी पर नेगेटिव असर हो सकता है. मिठाई, चिप्स और अन्य प्रोसेस्ड स्नैक्स का सीमित मात्रा में सेवन करें.
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बहुत अधिक कैफ़ीन का फर्टिलिटी पर नेगेटिव असर हो सकता है. प्रति दिन 200 मिलीग्राम यानी कि 2 कप से अधिक कैफ़ीन का सेवन न करें.
फ्रूट्स की बात करें, तो आपको अनानास (Pineapple), पपीता (Papaya), अंगूर (Grapes) आदि खाने से बचना चाहिए. दरअसल, इनके कारण आपको गर्भाशय में संकुचन महसूस हो सकता है, जिसके कारण अन्य कॉम्प्लिकेशन हो सकते हैं.
आईयूआई के बाद आपको अपनी डाइट और लाइफस्टाइल का विशेष ध्यान रखना चाहिए. पॉजीटिव रहें, खुश रहें , तनाव लेने से बचें और डॉक्टर के निर्देशों का पालन करें.
1. Järvelä IY, Tapanainen JS, Martikainen H. (2010). Improved pregnancy rate with administration of hCG after intrauterine insemination: a pilot study.
2. Ganguly I, Singh A, Bhandari S, Agrawal P, Gupta N. (2016). Pregnancy Predictors after Intrauterine Insemination in Cases of Unexplained Infertility: A Prospective Study.
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