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Pregnancy Journey
4 September 2023 को अपडेट किया गया
प्रेग्नेंसी के दौरान एक महिला कई तरह के बदलावों से गुज़रती है. यह बदलाव शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के होते हैं. पैरों में दर्द और ऐंठन होना इन्हीं में से एक है. कभी-कभी यह दर्द असहनीय हो जाता है, ऐसे में अधिकतर महिलाएँ पेन किलर मेडिसिन का सहारा लेने के बारे में सोचती हैं, जो कि बिल्कुल भी ठीक नहीं है. इससे माँ और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों को नुकसान हो सकता है. इसलिए इस समय आपको मेडिसिन लेने से बचना चाहिए. हालाँकि, कुछ बातों का ध्यान रखकर आप इस दर्द से राहत पा सकते हैं. इस आर्टिकल के ज़रिये हम आपको प्रेग्नेंसी के दौरान पैरों में होने वाले दर्द व ऐंठन के आम कारणों के बारे में बताएँगे. साथ ही, आपको बताएँगे कि कैसे आप इस दर्द से राहत पा सकते हैं.
अगर आप माँ बनने की राह पर हैं, और पैरों में बेहद दर्द का अनुभव कर रही हैं तो यक़ीन मानिए आप अकेली नहीं हैं. प्रेग्नेंसी में पैरों में दर्द या मांसपेशियों में ऐंठन की शिकायत आम है और इसके कई कारण होते हैं. हार्मोन्स में बदलाव, कैल्शियम की कमी, वज़न बढ़ना, पैरों में सूजन, थकान और बढ़ते हुए गर्भ के कारण रक्त वाहिनियों पर पड़ने वाला दबाव आदि इसके कारण हैं. आमतौर पर प्रेग्नेंसी की दूसरी और तीसरी तिमाही में गर्भवती महिलाएँ पैरों में दर्द और ऐंठन महसूस करती हैं.
प्रेग्नेंसी के दौरान पैरों में दर्द महसूस होने पर गर्म पानी से सिकाई करें. पानी के टब या बाल्टी में सेंधा नमक मिलाएँ और इस पानी में कुछ देर के लिए अपने पैर रखें. इससे न सिर्फ़ आपको दर्द से राहत मिलेगी; बल्कि पैरों की सूजन भी कम होगी.
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इसे भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी में पैरों की सूजन क्यों होती हैं और उससे बचने के उपाय
प्रेग्नेंसी के दौरान आप घर के हल्के-फुल्के काम कर सकते हैं. थोड़ी देर के लिए वॉक कर सकते हैं. इससे आपके पैरों का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होगा और आपको दर्द से राहत मिलेगी. हालाँकि, अगर आपकी प्रेग्नेंसी में कोई कॉम्प्लिकेशन है, तो आपको कोई भी एक्टिविटी करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से परामर्श कर लेना चाहिए.
प्रेग्नेंसी के दौरान लगातार एक ही पोजीशन में न बैठे रहें. इससे ब्लड फ्लो प्रभावित होता है, जिसके चलते नसों पर दबाव पड़ता है और पैरों में दर्द होने लगता है.
पानी की कमी भी पैरों में दर्द का कारण बन सकती है. इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में पानी की कमी बिल्कुल भी न होने दें. शरीर को हाइड्रेट रखें. दिन में कम से कम 8 गिलास पानी ज़रूर पिएं.
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प्रेग्नेंसी के दौरान जंक फूड खाने से बचें. इस दौरान आप जितनी हेल्दी डाइट फॉलो करेंगे, उतना आपको फ़ायदा होगा. हेल्दी डाइट आपको पैरों के दर्द से राहत दे सकती है. हेल्दी डाइट का सेवन करने से माँ और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों को फ़ायदा होता है.
इसे भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी की दूसरी तिमाही में कुछ ऐसी होनी चाहिए आपकी डाइट
पैरों के दर्द से राहत पाने के लिए आप अपने पैरों की मसाज भी कर सकते हैं. ऐसे में आप माइलो का आयुर्वेदिक प्रेग्नेंसी मसाज ऑइल- धन्वंतरम तैलम (Mylo Ayurvedic Pregnancy Massage Oil - Dhanwantram Thailam) इस्तेमाल कर सकते हैं. यह ऑइल तिल, आँवला, चंदव और अश्वगंधा की ख़ूबियों के साथ आता है, जो आपको नेचुरल तरीक़े से पैरों के दर्द व सूजन से राहत देता है. इतना ही नहीं, यह तेल बदन दर्द पर भी काम करता है और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करने में मदद करता है. नियमित तौर पर इसका इस्तेमाल करने से आप ख़ुद को तनाव मुक्त महसूस करेंगे.
ऊपर बताए गए टिप्स की मदद से आप प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले दर्द और सूजन से राहत पा सकते हैं. हालाँकि, अगर आपको बहुत ज़्यादा दर्द महसूस होता है, तो ऐसी स्थिति में आपको अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए.
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2. Orlin JR, Oen J, Andersen JR, Tjugum IJ, Westbye HJ, Roska J, Aasved H, Hjelmeland K. (2014) Jun Leg cramps in pregnancy caused by chronic compartment syndrome and relieved by fasciotomy after childbirth. Clin Case Rep.
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Written by
Jyoti Prajapati
Jyoti is a Hindi Content Writer who knows how to grip the audience with her compelling words. With an experience of more
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