
प्रेग्नेंसी हर महिला की ज़िंदगी में सबसे अहम समय होता है. इस समय माँ जो भी खाती है, उसका सीधा असर उसके गर्भ में पल रहे शिशु पर होता है. इसलिए इस समय गर्भवती महिला को यह पता होना चाहिए कि उसे क्या खाना चाहिए और क्या नहीं. हालाँकि, प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को कई तरह की क्रेविंग होती है. चॉकलेट, आइसक्रीम, गोल-गप्पे और पॉपकॉर्न आदि. इन्हीं में से एक है मूँगफली. मूँगफली से अक्सर लोगों को एलर्जी की शिकायत होने लगती है, इसलिए गर्भवती महिलाओं के मन में यह सवाल आता है कि इसे प्रेग्नेंसी में खाना सुरक्षित है या नहीं. अगर आपके भी मन में कुछ इसी तरह के सवाल हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है. इस आर्टिकल के ज़रिये हम आपको मूँगफली के सेवन के बारे में डिटेल में जानकारी देंगे.
मूँगफली प्रोटीन, फाइबर और मैग्नीशियम जैसे गुणों से भरपूर होती है. लेकिन फिर भी प्रेग्नेंसी में मूँगफली खाना एक विवादास्पद विषय है. कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि गर्भवती महिलाओं और उनके होने वाले बच्चे के लिए मूँगफली सुरक्षित होते हैं वहीं कुछ का मानना है कि इसकी वजह से एलर्जी हो सकती है. दरअसल, मूँगफली एक आम एलर्जेन है और गर्भवती महिलाओं को ऐसी चीज़ें खाने से बचने की सलाह दी जाती है जिनमें मूँगफली होती हैं.
जिन लोगों को मूँगफली से एलर्जी है, उनके शरीर में मूँगफली की वजह से एलर्जिक रिएक्शन हो सकती है. बच्चों और बड़ों में मूँगफली से होने वाली एलर्जी सबसे आम है. कुछ मामलों में यह एलर्जी गंभीर हो सकती है. सुरक्षा के लिहाज़ से यह सबसे अच्छा होगा कि वे महिलाएँ इससे दूर रहें जिन्हें मूँगफली से एलर्जी है, खासतौर पर गंभीर एलर्जी होने पर. हालाँकि, इसका सीधा असर बच्चे पर नहीं होगा लेकिन माँ पर इसके खतरनाक प्रभाव हो सकते हैं, जिसके कारण प्रेग्नेंसी में कॉम्प्लिकेशन हो सकते हैं. यह भी याद रखना ज़रूरी है कि मूँगफली का इस्तेमाल कई प्रोडक्ट्स में किया जाता है इसलिए, जिन्हें इनसे एलर्जी है वे इस प्रोडक्ट्स का ध्यान रखें. इनमें से कुछ आम चीजें चॉकलेट से बने प्रॉडक्ट्स हैं; जैसे कि बार्स, कैंडी, ग्रैनोला बार्स, आदि. मूँगफली का इस्तेमाल आमतौर पर खाने की कई चीज़ों में किया जाता है.
आप प्रेग्नेंसी के दौरान सीमित मात्रा में मूँगफली का सेवन कर सकते हैं. लेकिन ऐसी गर्भवती महिलाएँ, जिन्हें मूँगफली से एलर्जी है या जो गर्भावस्था में मूँगफली खाने से होने वाले संभावित नुकसान को लेकर परेशान हैं उन्हें एक बार अपने गायनेकोलॉजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए.
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प्रेग्नेंसी के दौरान मूँगफली खाने के कई फ़ायदे हो सकते हैं. इनमें से कुछ के बारे में नीचे बताया गया है:
मूँगफली प्रोटीन के अच्छा स्रोत होती हैं और इनमें ज़रूरी पोषण; जैसे कि फोलेट, मैग्नीशियम और विटामिन ई मौजूद होता है. मूँगफली की वजह से गर्भवती महिलाओं को बढ़ी हुई कैलोरी की ज़रूरत पूरी करने में मदद मिल जाती है और इससे वज़न कंट्रोल करने में भी मदद मिलती है.
मूँगफली जेस्टेशनल डाइबिटीज के खतरे को कम करती है. ऐसे में जो महिलाएँ प्रेग्नेंसी के दौरान जेस्टेशनल डाइबिटीज से बचना चाहती हैं, या राहत पाना चाहती हैं, उन्हें मूँगफली का सेवन करना चाहिए.
वास्तव में मूँगफली ही नहीं बल्कि सारे नट्स आयरन से भरपूर होते हैं जो खून से संबंधित परेशानियों जैसे एनीमिया से बचने में मदद करते हैं. एनीमिया डिलीवरी के समय समस्या पैदा कर सकता है.
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मूँगफली में फाइटोकेमिकल (Phytochemical) होते हैं जो भ्रूण के विकास में मदद करते हैं. ये गर्भ में पल रहे बेबी के ब्रेन डेवलपमेंट के लिए भी फ़ायदेमंद होती है. दरअसल मूँगफली प्रोटीन, फोलेट और फोलिक एसिड से भरपूर होती है. बता दें कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को फोलेट और फोलिक एसिड लेने की सलाह दी जाती है.
अक्सर प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाएँ हाई बीपी की शिकायत करती हैं और हाई बीपी प्रीक्लेम्पसिया का कारण बन सकता है. ऐसे में मूँगफली का सेवन गर्भवती महिलाओं के लिए फ़ायदेमंद हो सकता है. इसके सेवन से प्रीक्लेम्पसिया (Preeclampsia)को रोका जा सकता है.
प्रेग्नेंसी के दौरान कब्ज़ होना एक बहुत ही कॉमन समस्या है. इस समय अगर गर्भवती महिलाएँ मूँगफली खाती हैं, तो उन्हें कब्ज़ की समस्या से राहत मिल सकती है. मूँगफली में पर्याप्त मात्रा में फाइबर होता है, जिसके कारण इसके सेवन से पेट साफ़ रहता है.
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प्रेग्नेंसी के दौरान मूँगफली खाने से कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं. जैसे-
प्रेग्नेंसी के दौरान मूँगफली का सेवन सीमित मात्रा में करें. अगर आपको मूँगफली से एलर्जी है, तो इसे खाने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह ले लें.
रेफरेंस
1. Kmietowicz Z. (2007). Advice to pregnant women to avoid eating peanuts should be withdrawn, says Lords committee.
2. Sicherer SH, Wood RA, Stablein D, Lindblad R, Burks AW, et al. (2010). Maternal consumption of peanut during pregnancy is associated with peanut sensitization in atopic infants.
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