This changing weather, protect your family with big discounts! Use code: FIRST10This changing weather, protect your family with big discounts! Use code: FIRST10
ADDED TO CART SUCCESSFULLY GO TO CART
Track your pregnancy journey

Breast Pain During Pregnancy in Hindi | प्रेग्नेंसी में क्यों होता है ब्रेस्ट पेन? जानें कारण और राहत पाने के उपाय!

Pregnancy
Written by - Kavita Upretyअंतिम अपडेट: May 29, 2026
Breast Pain During Pregnancy in Hindi | प्रेग्नेंसी में क्यों होता है ब्रेस्ट पेन? जानें कारण और राहत पाने के उपाय!
Likes12 Likes|
Read time9 min

AI-Generated Summary

Quick overview in 30 seconds
toggle

सारांश


  • प्रेग्नेंसी में ब्रेस्ट पेन या मास्टाल्जिया होना बेहद आम है, जो हार्मोनल बदलाव और मिल्क प्रोडक्शन की तैयारी के कारण होता है.
  • एस्ट्रोजन-प्रोजेस्टेरोन में उतार-चढ़ाव, ब्रेस्ट साइज में बदलाव, कोलोस्ट्रम लीकेज और फाइब्रोसिस्टिक गाँठें ब्रेस्ट टेंडरनेस और सेंसिटिविटी बढ़ाने के मुख्य कारण हैं.
  • सपोर्टिव बिना अंडरवायर वाली ब्रा, गर्म-ठंडा सेक, हल्की मसाज, हाइड्रेशन और कैफ़ीन-नमक से परहेज ब्रेस्ट पेन से राहत दिला सकते हैं.
  • ब्रेस्ट पेन में आराम के लिए क्या इस्तेमाल करें? Explore our Bra Extenders (White) - Pack of 3.
Bra Extenders (White) - Pack of 3
Bra Extenders (White) - Pack of 3
Rating4.3
Pregnancy Massage Oil + Coconut Oil - 200 ml each
Pregnancy Massage Oil + Coconut Oil - 200 ml each
Rating4.7

कई गर्भवती महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान ब्रेस्ट (Breast pain during pregnancy in Hindi) में दर्द या ब्रेस्ट टेंडरनेस (breast tenderness) यानी कि ब्रेस्ट में सॉफ्टनेस फील होती है. इसे मेडिकल भाषा में मास्टाल्जिया (mastalgia) या मास्टोडीनिया (mastodynia) कहते हैं. आइये जानते हैं कि क्या ऐसा होना सामान्य है?

क्या प्रेग्नेंसी में ब्रेस्ट पेन होना कॉमन है? (Is breast pain during pregnancy common in Hindi)

जी हाँ, गर्भावस्था के दौरान (Breast pain during early pregnancy in Hindi) ब्रेस्ट पेन आम है और यह कई महिलाएँ को होता है. हार्मोनल बदलाव के अलावा प्रेग्नेंसी में ब्रेस्ट, खुद को मिल्क प्रोडक्शन के लिए तैयार करते हैं जिससे उनमें सेंसिटिविटी और सॉफ्टनेस बढ़ जाती है. साथ ही ब्लड सर्कुलेशन बढ्ने से ब्रेस्ट के टिशू और लिगामेंट्स में खिंचाव आता है और यह भी दर्द का कारण बन सकता है. ब्रेस्ट पेन की इंटेंसिटी हर महिला में अलग हो सकती है जिसमें हल्के डिसकंफ़र्ट से लेकर तेज़ दर्द तक कुछ भी हो सकता है.

आइये प्रेग्नेंसी में ब्रेस्ट पेन के कारणों (Reason for breast pain during pregnancy in Hindi) को विस्तार से समझते हैं.

प्रेग्नेंसी के दौरान ब्रेस्ट में दर्द होने के कारण (Reason for breast pain during pregnancy in Hindi)

चलिए जानते हैं उन कारणों के बारे में जो प्रेग्नेंसी में ब्रेस्ट पेन का कारण बनते हैं!

  1. हार्मोन में बदलाव (Hormone changes)

प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले लगभग सभी परिवर्तनों की तरह ब्रेस्ट पेन का मुख्य कारण भी हार्मोनल बदलाव है. दरअसल, गर्भावस्था के दौरान कई तरह के हार्मोनल बदलाव, ख़ासकर एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के लेवल में उतार-चढ़ाव होते हैं. इन के कारण ब्रेस्ट टिशूज़ में परिवर्तन आता है और वह मिल्क प्रोडक्शन के लिए तैयार होते हैं. इस वजह से ब्रेस्ट टेंडरनेस और सेंसिटिवटी बढ़ जाती है.

  1. ब्रेस्ट लीक (Breast leakage)

प्रेग्नेंसी के दौरान ब्रेस्ट लीकेज जिसे कोलोस्ट्रम लीकेज (colostrum leakage) भी कहा जाता है, आमतौर पर थर्ड ट्राइमेस्टर में होता है. कोलोस्ट्रम गाढ़ा, पीला, पोषक तत्वों से भरपूर दूध है जो ब्रेस्ट्फीडिंग की तैयारी के दौरान ब्रेस्ट में बनता है. जब ब्रेस्ट दूध से भर जाते हैं तो मिल्क डक्ट्स और मेमरी ग्लेण्ड्स फेल हो जाती हैं और इनके कारण ब्रेस्ट में दर्द, खिंचाव, तनाव और असुविधा होने लगती है.

  1. ब्रेस्ट के आकार में बदलाव होना (Changes in breast size)

जैसे-जैसे ब्रेस्ट टिशू बढ़ते हैं और अंदर बन रहे दूध को होल्ड करने के लिए खुद को फैलाते हैं उससे ब्रेस्ट के लिगामेंट्स और कनेक्टिंग टिशू में खिंचाव पड़ता है और इससे भी दर्द होता है.

  1. फाइब्रोसिस्टिक (Fibrocystic)

कुछ महिलाओं में प्रेग्नेंसी से पहले ही ब्रेस्ट लंप (breast lumps) या सिस्ट (cyst) होती हैं. ऐसे में प्रेग्नेंसी के दौरान हार्मोनल बदलाव होने पर ये पहले से मौजूद गाँठे दर्द करने लगती हैं.

प्रेग्नेंसी के दौरान ब्रेस्ट में दर्द होने के लक्षण (Symptoms of breast pain during pregnancy in Hindi)

प्रेग्नेंसी में ब्रेस्ट पेन के लक्षण महिलाओं में अलग-अलग तरह से दिख सकते हैं और इनकी तीव्रता भी अलग हो सकती है; जैसे कि

  • छूने या दबाने पर ब्रेस्ट का बेहद कोमल महसूस होना.

  • निप्पल और एरोला में सेंसिटिविटी का बढ़ना.

  • ब्रेस्ट का नॉर्मल से अधिक भरा हुआ और भारी महसूस होना.

  • ब्रेस्ट टिशू में सूजन या उभार दिखाई देना.

  • कुछ महिलाओं को स्तनों में तेज दर्द या शूटिंग पेन (shooting pain) भी अनुभव होता है.

  • ऐसे काम जिनमें ब्रेस्ट हिलती हो; जैसे- चलना या व्यायाम करना आदि में असुविधा होना.

  • ब्रेस्ट टिशू में छोटी, दर्दभरी गांठें दिखना जो हार्मोनल परिवर्तनों के कारण होती हैं.

  • ब्रेस्ट पेन का संबंध, गर्भावस्था के हार्मोनल परिवर्तनों से होने वाले इमोशनल मूड स्विंग्स से भी जुड़ा हुआ हो सकता है.

  • एक ब्रेस्ट में दूसरे की तुलना में अधिक दर्द होना.

प्रेग्नेंसी में ब्रेस्ट पेन से कैसे राहत पाएँ? (Treatment for breast pain during pregnancy in Hindi)

प्रेग्नेंसी का ब्रेस्ट पेन ज़्यादातर नॉर्मल ही होता है और इसमें चिंता की कोई बात नहीं होती है. लेकिन अगर दर्द गंभीर है और लगातार बना रहे तो माँ और बच्चे दोनों की सेफ़्टी के लिए और इसके पीछे छुपी किसी अंडरलाइन कंडीशन का पता लगाने के लिए डॉक्टर की सलाह लेना ज़रूरी है. आप इस दर्द से राहत पाने के लिए इन तरीक़ों को आज़मा सकते हैं.

  • सपोर्टिव ब्रा (Supportive bras): अच्छी फिटिंग वाली, सपोर्टिव ब्रा पहनने से ब्रेस्ट मूवमेंट में सपोर्ट मिलता है. प्रेग्नेंसी में बिना अंडरवायर वाली ब्रा ट्राई करें क्योंकि वे अधिक आरामदायक होती हैं.

  • गर्म सेक (Warm compresses): ब्रेस्ट पर गर्म सेक करने से टिशूज़ को आराम मिलता है और दर्द में कमी आती है.

  • कोल्ड पैक (Cold packs): स्तनों पर कोल्ड पैक या आइस पैक का उपयोग करने से भी सूजन घटती है और दर्द कम होता है.

  • ब्रेस्ट मसाज़ (Gentle breast massage): ब्रेस्ट पर हल्के हाथों से सर्कुलर मूवमेंट में मालिश करने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और दर्द में राहत मिलती है.

  • मेडिसिन (Medicine): एसिटामिनोफेन (Acetaminophen) या टाइलेनॉल (Tylenol) को आमतौर पर प्रेग्नेंसी सेफ मेडिसिन माना जाता है और तेज़ दर्द होने पर डॉक्टर की सलाह से इसका उपयोग किया जा सकता है.

  • प्रॉपर हाइड्रेशन (Proper hydration): खूब पानी पीते रहने से भी ब्रेस्ट पेन और सूजन को कम करने में मदद मिलती है.

  • कैफ़ीन से परहेज (Avoiding caffeine): कुछ महिलाओं को कैफ़ीन का सेवन कम करने या बंद करने से भी राहत मिलती है. आप भी इसे ट्राई कर सकते हैं.

  • अत्यधिक नमक के सेवन से बचें (Avoiding excessive salt intake): साथ ही ज़्यादा नमक खाने से भी बचें. फ़्लुइड रिटेन्शन कम होने से ब्रेस्ट टेंडरनेस को कम करने में मदद मिल सकती है.

प्रेग्नेंसी के दौरान ब्रेस्ट पेन होने पर कब करें डॉक्टर से परामर्श? (When to consult a doctor for breast pain during pregnancy in Hindi)

सामान्य दर्द और असुविधा के अलावा नीचे दी गयी स्थितियों में आपको डॉक्टर की सलाह तुरंत लेनी चाहिए.

  • यदि ब्रेस्ट में गंभीर दर्द हो जो लगातार बना रहे या बढ़ता जाए.

  • अगर दर्द एक ब्रेस्ट में होता हो और दूसरे में नहीं.

  • अगर आपको कोई गांठ महसूस हो.

  • अगर आपको ब्रेस्ट के आकार या स्किन में बदलाव या फिर निप्पल डिस्चार्ज दिखाई दे.

  • यदि आपको ब्रेस्ट इन्फेक्शन के लक्षण; जैसे कि ब्रेस्ट में रेडनेस, निप्पल में सूजन और बुख़ार भी आ रहा हो.

  • अगर ब्रेस्ट पेन से आप को रोज़मर्रा के काम करने में दिक्कत होने लगे.

  • अगर आपकी फैमिली हिस्ट्री में ब्रेस्ट डिज़ीज़ रही हो और आपको भी उसी तरह के लक्षण दिखाई देते हैं.

प्रो टिप (Pro Tip)

प्रेग्नेंसी में ब्रेस्ट पेन होना नॉर्मल है फिर चाहे कम हो या ज़्यादा. लेकिन अगर दर्द के साथ ब्रेस्ट में और कोई भी बदलाव दिखाई दे; जैसे कि गाँठ, लाली या निप्पल से पस आना तो तुरंत डॉक्टर से मिलें. इसके अलावा अपनी ब्रेस्ट को सेल्फ चेक करते रहें जिसे आपको किसी भी ऐसे बदलाव का पता तुरंत चल सके.

रेफरेंस

1. Hubbard TJ, Sharma A, Ferguson DJ. (2020). Breast pain: assessment, management, and referral criteria.

2. Dzoic Dominkovic M, Ivanac G, Bojanic K, et al. (2020). Exploring Association of Breast Pain, Pregnancy, and Body Mass Index with Breast Tissue Elasticity in Healthy Women: Glandular and Fat Differences.

Tags

Breast Pain During Pregnancy in English

गर्भवती माँओं की पसंदीदा कोमल देखभाल

प्रेग्नेंसी में ब्रेस्ट टेंडरनेस को आराम देने के लिए सही सपोर्ट और सौम्य देखभाल बेहद ज़रूरी है.

Bra Extenders (White) - Pack of 3

Bra Extenders (White) - Pack of 3

Makes Bra Comfortable | Increases Bra Band Strength

1138 Moms bought
₹99₹21955% Off
Rating
4.3
(93)
Pregnancy Massage Oil + Coconut Oil - 200 ml each

Pregnancy Massage Oil + Coconut Oil - 200 ml each

2006 Moms bought
₹720₹104831% Off
Rating
4.7
(62)

Article Posted Under

Related Articles

Related Topics

Medical Disclaimer

This content is for informational purposes only and should not replace professional medical advice. Consult with a physician or other health care professional if you have any concerns or questions about your health. If you rely on the information provided here, you do so solely at your own risk.

foot top wavefoot down wave

AWARDS AND RECOGNITION

Awards

Mylo wins Forbes D2C Disruptor award

Awards

Mylo wins The Economic Times Promising Brands 2022

AS SEEN IN

Mylo featured on Business World
Mylo featured on CNBC
Mylo featured on Financial express
Mylo featured on The Economics Times
Mylo featured on Business Today
Mylo featured on Business World
Mylo featured on CNBC
Mylo featured on Financial express
Mylo featured on The Economics Times
Mylo featured on Business Today
Mylo featured on TOI
Mylo featured on inc42
Mylo featured on Business Standard
Mylo featured on YourStory
Mylo featured on ANI
Mylo Logo

Start Exploring

wavewave
About Us
Mylo_logo
At Mylo, we help young parents raise happy and healthy families with our innovative new-age solutions:
  • Mylo Care: Effective and science-backed personal care and wellness solutions for a joyful you.
  • Mylo Baby: Science-backed, gentle and effective personal care & hygiene range for your little one.
  • Mylo Community: Trusted and empathetic community of 10mn+ parents and experts.