प्रेगनेंसी के दौरान पैरों में ऐंठन अचानक होने वाली, दर्दभरी मांसपेशियों की ऐंठन (muscle spasms) होती है, जो अक्सर पिंडलियों (calves) में होती है और 50% तक गर्भवती महिलाओं को प्रभावित करती है, खासकर दूसरी और तीसरी तिमाही में (NHS) (Cleveland Clinic)। यह ऐंठन सबसे ज्यादा रात में होती है और इसके कारण हैं — रक्त संचार (circulation) में बदलाव, शरीर में पानी की कमी (dehydration), मांसपेशियों की थकान, वजन बढ़ना और संभावित खनिज असंतुलन (कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम) (ACOG)। ज्यादातर मामले हानिरहित होते हैं और स्ट्रेचिंग, पर्याप्त पानी, मैग्नीशियम से भरपूर आहार और गर्म सिकाई से ठीक हो जाते हैं। लेकिन अगर एक ही पैर में तेज सूजन, लालिमा या गर्माहट हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि यह डीप वेन थ्रोम्बोसिस (Deep Vein Thrombosis, DVT) का संकेत हो सकता है (Mayo Clinic)।
प्रेगनेंसी में पैरों की ऐंठन अचानक होने वाली, दर्दभरी पिंडली की मांसपेशियों की ऐंठन है, जो लगभग आधी गर्भवती महिलाओं को प्रभावित करती है, खासकर दूसरी और तीसरी तिमाही में। इसके कारणों में रक्त संचार में बदलाव, पानी की कमी, वजन बढ़ना और खनिजों की कमी शामिल हैं। स्ट्रेचिंग, पर्याप्त पानी, मैग्नीशियम से भरपूर आहार और गर्म सिकाई से राहत मिलती है। अगर पैर में सूजन, लालिमा या गर्माहट हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें — यह DVT के संकेत हो सकते हैं।
लेखक: Mylo Editorial Team, Mylo Parenting Desk चिकित्सकीय समीक्षा: Mylo Editorial Board, FOGSI (Federation of Obstetric and Gynaecological Societies of India), ACOG और NICE UK के क्लिनिकल दिशानिर्देशों के अनुरूप अंतिम अपडेट: 02-07-2026
चिकित्सा अस्वीकरण (Medical Disclaimer): यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है और पेशेवर चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अगर आपके पैर की ऐंठन के साथ सूजन, लालिमा, गर्माहट, लगातार दर्द या एक तरफ की पिंडली में छूने पर दर्द हो, तो डीप वेन थ्रोम्बोसिस (Deep Vein Thrombosis, DVT) — जो प्रेगनेंसी की एक गंभीर जटिलता है — की जांच के लिए तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
पैरों की ऐंठन (जिसे कभी-कभी "चार्ली हॉर्स / charley horse" भी कहा जाता है) अचानक, अनैच्छिक मांसपेशियों का संकुचन है, जिससे तेज दर्द होता है — आमतौर पर पिंडली, पैर के पंजे या जांघ में (NHS)। यह आमतौर पर कुछ सेकंड से लेकर कई मिनट तक रहती है और इसके बाद मांसपेशी में कई घंटों तक दर्द बना रह सकता है।
प्रेगनेंसी में पैरों की ऐंठन बेहद आम है और लगभग आधी महिलाओं को प्रभावित करती है, खासकर:
हालांकि यह दर्दनाक और परेशान करने वाली होती है, प्रेगनेंसी में ज्यादातर पैरों की ऐंठन खतरनाक नहीं होती और साधारण घरेलू उपायों से ठीक हो जाती है (Cleveland Clinic)।
ज्यादातर गर्भवती महिलाएं अपनी पहली पैरों की ऐंठन weeks 20 to 24 के बीच महसूस करती हैं (Cleveland Clinic)। हालांकि, समय अलग-अलग हो सकता है:
| तिमाही | ऐंठन का पैटर्न |
|---|---|
| पहली तिमाही (weeks 1 to 13) | कम आम; अगर हो भी तो हल्की ऐंठन |
| दूसरी तिमाही (weeks 14 to 27) | ऐंठन दिखनी शुरू होती है, ज्यादातर रात में |
| तीसरी तिमाही (weeks 28 to 40) | सबसे ज्यादा आवृत्ति और तीव्रता, नियमित रात की ऐंठन |
तीसरी तिमाही सबसे ज्यादा प्रभावित समय है, क्योंकि इस दौरान वजन बढ़ता है, पैरों की नसों पर दबाव बढ़ता है और शरीर में तरल पदार्थ (fluid retention) ज्यादा जमा होता है (NHS)।
इसका सटीक कारण पूरी तरह समझा नहीं गया है, लेकिन कई कारक इसमें योगदान देते हैं (ACOG) (NICE UK):
| कारण | यह ऐंठन कैसे पैदा करता है | स्रोत |
|---|---|---|
| रक्त संचार में बदलाव | हार्मोन के कारण धीमा रक्त प्रवाह, नसों में सूजन | NHS |
| पानी की कमी (Dehydration) | मांसपेशियों में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन घटाती है | ICMR |
| वजन बढ़ना और नसों पर दबाव | बढ़ता गर्भाशय पेल्विक रक्त वाहिकाओं पर दबाव डालता है | Cleveland Clinic |
| मांसपेशियों की थकान | अतिरिक्त वजन पैरों की मांसपेशियों पर जोर डालता है | ACOG |
| कैल्शियम (Calcium) असंतुलन | शिशु की विकसित होती हड्डियों की बढ़ती मांग | NIH ODS |
| मैग्नीशियम (Magnesium) की कमी | मैग्नीशियम मांसपेशियों के संकुचन को नियंत्रित करता है | NIH ODS Magnesium |
| पोटैशियम (Potassium) असंतुलन | मांसपेशियों के कार्य के लिए बेहद जरूरी | NIH ODS Potassium |
| शारीरिक गतिविधि में कमी | रक्त संचार घटाती है, अकड़न बढ़ाती है | NHS |
| साइटिक नर्व (sciatic nerve) पर दबाव | गर्भाशय पीठ और पेल्विस की नसों पर दबाव डालता है | Mayo Clinic |
| डीप वेन थ्रोम्बोसिस (Deep Vein Thrombosis, DVT) | दुर्लभ लेकिन गंभीर मेडिकल इमरजेंसी | Mayo Clinic DVT |
गर्भवती महिलाओं में डीप वेन थ्रोम्बोसिस (Deep Vein Thrombosis, DVT) — पैर की नसों में खून का थक्का — होने की संभावना गैर-गर्भवती महिलाओं की तुलना में 5 to 10 गुना ज्यादा होती है (ACOG) (Mayo Clinic)।
| लक्षण | सामान्य ऐंठन | संभावित DVT |
|---|---|---|
| अवधि | कुछ सेकंड से मिनट | लगातार, घंटों से दिनों तक |
| दर्द का पैटर्न | तेज, अचानक, स्ट्रेचिंग से ठीक हो जाता है | लगातार, हल्का दर्द या धड़कता हुआ दर्द |
| प्रभावित पैर | कोई भी पैर, अक्सर अलग-अलग समय पर दोनों | आमतौर पर सिर्फ एक पैर |
| सूजन | आमतौर पर सूजन नहीं | एक तरफ के पैर में सूजन |
| त्वचा का रंग | सामान्य | लाल, बैंगनी या पीला (फीका) |
| त्वचा का तापमान | सामान्य | छूने पर गर्म |
| चलने पर दर्द | चलने-फिरने से बेहतर होता है | चलने पर और बढ़ता है |
| दिखने वाली नसें | सामान्य | बढ़ी हुई या सूजी हुई दिखने वाली नसें |
आपातकालीन कदम (Emergency Action): अगर आपके एक तरफ के पैर में सूजन, लालिमा, गर्माहट हो या चलने पर दर्द बढ़ता हो, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें या इमरजेंसी रूम जाएं। DVT फेफड़ों तक पहुंच सकता है (पल्मोनरी एम्बोलिज्म / pulmonary embolism) और जानलेवा हो सकता है (Mayo Clinic)।
जब पैर में ऐंठन हो, तो ये तुरंत किए जाने वाले उपाय आजमाएं (NHS) (Cleveland Clinic):
सोने से पहले यह स्ट्रेच करने से रात की ऐंठन से बचाव हो सकता है।
सुरक्षित, डॉक्टर-अनुमोदित घरेलू उपायों में शामिल हैं (Mayo Clinic) (NHS):
मैग्नीशियम (Magnesium) मांसपेशियों के संकुचन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके स्रोत हैं (NIH ODS Magnesium):
प्रेगनेंसी में कैल्शियम (Calcium) की जरूरत बढ़कर 1000 mg प्रतिदिन हो जाती है (ICMR RDA)। स्रोत:
पोटैशियम (Potassium) ऐंठन रोकने में मदद करता है:
बचाव की आदतें ऐंठन की आवृत्ति काफी हद तक कम कर सकती हैं (Cleveland Clinic) (NICE UK):
| बचाव का उपाय | कब करें |
|---|---|
| दिन भर पानी पीती रहें | जागने के घंटों में हर घंटे |
| सोने से पहले पिंडलियों को स्ट्रेच करें | रोज रात 5 minutes |
| मैग्नीशियम और कैल्शियम युक्त संतुलित भोजन करें | हर भोजन में |
| पंजों को नीचे की ओर पॉइंट करने से बचें | पूरे दिन |
| 30 minutes पैदल चलें | रोजाना, अगर डॉक्टर की अनुमति हो |
| लंबे समय तक खड़े रहने से बचें | हर 30 minutes में ब्रेक लें |
| लंबे समय तक बैठने से बचें | हर घंटे खड़ी होकर चलें |
| बाईं करवट सोएं | पूरी रात |
| आरामदायक, सपोर्ट देने वाले जूते पहनें | पूरे दिन |
| ऊंची एड़ी (high heels) से बचें | पूरी प्रेगनेंसी के दौरान |
| कम्प्रेशन स्टॉकिंग्स का इस्तेमाल करें | दिन में, अगर लंबे समय तक खड़ी या बैठी रहती हैं |
| स्वस्थ वजन बनाए रखें | सभी तिमाहियों में |
| भारी सामान उठाने से बचें | सभी तिमाहियों में |
संतुलित भारतीय प्रेगनेंसी आहार ऐंठन की आवृत्ति को प्राकृतिक रूप से कम कर सकता है (ICMR Dietary Guidelines):
कोई भी सप्लीमेंट शुरू करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें। कुछ शोध-समर्थित विकल्प हैं (NIH ODS) (Cochrane Review on Leg Cramps in Pregnancy):
| सप्लीमेंट | शोध क्या कहता है | नोट |
|---|---|---|
| मैग्नीशियम (Magnesium) | कुछ महिलाओं में ऐंठन की आवृत्ति और तीव्रता कम कर सकता है | केवल डॉक्टर द्वारा अनुमोदित खुराक |
| कैल्शियम (Calcium) | मिले-जुले प्रमाण; अगर आहार से सेवन कम हो तो मददगार | ज्यादातर प्रीनेटल विटामिन में पहले से मौजूद |
| विटामिन B कॉम्प्लेक्स (खासकर B6) | ऐंठन में कमी के कुछ प्रमाण | केवल डॉक्टर की अनुमति से |
| विटामिन D | कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है | भारतीयों में आम कमी |
| प्रीनेटल मल्टीविटामिन | बुनियादी सूक्ष्म पोषक तत्व (micronutrients) प्रदान करता है | मानक सिफारिश |
Cochrane की समीक्षाएं बताती हैं कि प्रेगनेंसी में पैरों की ऐंठन के लिए सप्लीमेंट के प्रमाण सीमित और मिले-जुले हैं। मैग्नीशियम और कैल्शियम से भरपूर आहार का सेवन पहला उपाय होना चाहिए (Cochrane)।
अगर आपको ये लक्षण हों तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें (Mayo Clinic) (ACOG):
| मिथक | सच्चाई | स्रोत |
|---|---|---|
| "पैरों की ऐंठन का मतलब कैल्शियम की कमी है" | हमेशा नहीं; अक्सर मैग्नीशियम और पानी की कमी कारण होती है | NIH ODS |
| "ज्यादा कैल्शियम लेने से सारी ऐंठन रुक जाएगी" | मिले-जुले प्रमाण; सभी खनिजों का संतुलन मायने रखता है | Cochrane |
| "ऐंठन से बचने के लिए व्यायाम न करें" | गलत। नियमित हल्का व्यायाम ऐंठन कम करता है | ACOG |
| "ऐंठन का मतलब है लेबर शुरू हो रहा है" | गलत। पैरों की ऐंठन संकुचन (contractions) नहीं है | NHS |
| "कम पानी पीने से सूजन कम होती है" | गलत। पानी की कमी ऐंठन को और बढ़ाती है | ICMR |
| "टॉनिक वॉटर (क्विनाइन / quinine) से ऐंठन ठीक हो जाती है" | सुरक्षा चिंताओं के कारण प्रेगनेंसी में बिल्कुल अनुशंसित नहीं | FDA |
| "पैरों का हर दर्द हानिरहित है" | गलत। एक तरफ की सूजन DVT हो सकती है | Mayo Clinic |
ज्यादातर गर्भवती महिलाओं को पैरों की ऐंठन दूसरी तिमाही में (लगभग weeks 20 to 24) शुरू होती है और तीसरी तिमाही में यह और ज्यादा होने लगती है (Cleveland Clinic)। प्रेगनेंसी के आखिरी महीनों में रात की ऐंठन सबसे आम है।
प्रेगनेंसी में पैरों की ऐंठन होने के कई कारण होते हैं: रक्त संचार धीमा हो जाता है, शरीर में अतिरिक्त वजन आता है, पानी की कमी होती है, और कैल्शियम, मैग्नीशियम या पोटैशियम की कमी हो सकती है। बढ़ता हुआ गर्भाशय पैरों की नसों और रक्त वाहिकाओं पर दबाव डालता है। ज्यादातर यह दूसरी और तीसरी तिमाही में रात के समय ज्यादा होती है।
नहीं। पैरों की ऐंठन (पिंडली या पंजे में तेज दर्द) संकुचन (contractions) से अलग है। संकुचन में पेट के निचले हिस्से और कमर के निचले हिस्से में कसाव महसूस होता है। हालांकि, अगर पैर के दर्द के साथ पेट में नियमित ऐंठन हो, तो प्रीटर्म लेबर की जांच के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें (ACOG)।
सबसे आम कारण मैग्नीशियम, कैल्शियम और पोटैशियम का असंतुलन है (NIH ODS)। हालांकि, पानी की कमी और रक्त संचार में बदलाव भी बड़े कारण हैं। ब्लड टेस्ट से विशेष कमी का पता लगाया जा सकता है।
हां, अनुशंसित खुराक में। मैग्नीशियम प्रेगनेंसी के लिए जरूरी है और पैरों की ऐंठन में मदद कर सकता है। प्रेगनेंसी में मैग्नीशियम की अनुशंसित दैनिक मात्रा (Recommended Dietary Allowance, RDA) 350 to 400 mg प्रतिदिन है (NIH ODS Magnesium)। सप्लीमेंट लेने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
जब ऐंठन हो, तुरंत ये करें:
हां, गर्म (बहुत गर्म नहीं) सिकाई या कम सेटिंग पर हीटिंग पैड पैरों की ऐंठन के लिए सुरक्षित और मददगार है (Cleveland Clinic)। इसे पेट पर रखने से बचें।
हां, अक्सर। पानी की कमी सबसे आम कारणों में से एक है (NHS)। प्रेगनेंसी में रोजाना 2.3 to 3 litres पानी का लक्ष्य रखें, भारत की गर्मी में और ज्यादा।
तीसरी तिमाही में पैरों की ऐंठन आमतौर पर सामान्य और आम है। लेकिन इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से मिलें (Mayo Clinic):
हां। नारियल पानी पोटैशियम, मैग्नीशियम और इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है, जो इसे ऐंठन का एक बेहतरीन प्राकृतिक उपाय बनाता है। सामान्य प्रेगनेंसी में रोजाना 1 to 2 ताजे नारियल सुरक्षित हैं (ICMR)।
कई कारण हैं (Cleveland Clinic):
कम्प्रेशन मोजे (compression socks) रक्त संचार बेहतर कर सकते हैं और सूजन कम कर सकते हैं, खासकर अगर आप लंबे समय तक खड़ी रहती हैं या बैठती हैं (ACOG)। मैटरनिटी-ग्रेड ग्रेजुएटेड कम्प्रेशन मोजे चुनें और दिन में पहनें।
सीमित मात्रा में नमक ठीक है और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकता है। बहुत ज्यादा नमक से बचें, क्योंकि यह सूजन और ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है (ICMR Dietary Guidelines)। अगर आपको जेस्टेशनल हाइपरटेंशन (gestational hypertension) या प्री-एक्लेम्पसिया (pre-eclampsia) है, तो अपने डॉक्टर की विशेष सलाह का पालन करें।
हां, टखने से जांघ तक हल्के गोलाकार स्ट्रोक के साथ खुद से की गई हल्की मालिश सुरक्षित है। डीप टिश्यू मसाज से बचें। पेशेवर प्रीनेटल मसाज भी मदद कर सकती है; सुनिश्चित करें कि थेरेपिस्ट प्रेगनेंसी मसाज में प्रशिक्षित हो (Mayo Clinic)।

This content is for informational purposes only and should not replace professional medical advice. Consult with a physician or other health care professional if you have any concerns or questions about your health. If you rely on the information provided here, you do so solely at your own risk.

Mylo wins Forbes D2C Disruptor award

Mylo wins The Economic Times Promising Brands 2022
Baby Carrier | Baby Soap | Baby Wipes | Stretch Marks Cream | Baby Cream | Baby Shampoo | Baby Massage Oil | Baby Hair Oil | Stretch Marks Oil | Baby Body Wash | Baby Powder | Baby Lotion | Diaper Rash Cream | Newborn Diapers | Teether | Baby Kajal | Baby Diapers Pants | Cloth Diapers | Laundry Detergent | Lactation Granules |