
सारांश
ग्राइप वॉटर एक हर्बल तरल (सौंफ, डिल, अदरक, कैमोमाइल आदि से बना) है जिसे भारत में पारंपरिक रूप से शिशुओं को गैस, पेट दर्द और हिचकी के लिए दिया जाता है। लेकिन यह जानना ज़रूरी है कि इसके असरदार होने का कोई मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, और अमेरिकन एकेडमी ऑफ़ पीडियाट्रिक्स (AAP) इसकी सलाह नहीं देती (AAP)। कुछ ग्राइप वॉटर उत्पादों में शराब, चीनी या अनियमित तत्व हो सकते हैं, जो शिशु के लिए हानिकारक हैं। 1 महीने से छोटे शिशु को ग्राइप वॉटर बिल्कुल न दें, और किसी भी उम्र में देने से पहले डॉक्टर से ज़रूर पूछें। गैस/कोलिक के लिए सुरक्षित और असरदार तरीके हैं: डकार दिलाना, टमी टाइम, पैरों की साइकिल मूवमेंट और कोमल पेट मालिश। ग्राइप वॉटर माँ के दूध या फॉर्मूला का विकल्प नहीं है।
तुरंत जवाब
ग्राइप वॉटर एक हर्बल तरल है जो शिशुओं को गैस और पेट दर्द के लिए दिया जाता है, लेकिन इसके असरदार होने का मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है और AAP इसकी सलाह नहीं देती। कुछ उत्पादों में शराब या चीनी हो सकती है। 1 महीने से छोटे शिशु को न दें और किसी भी उम्र में देने से पहले डॉक्टर से पूछें। गैस के लिए डकार दिलाना, टमी टाइम और पेट की मालिश सुरक्षित विकल्प हैं।
लेखिका: प्रियंका वर्मा, सीनियर बेबी केयर कंटेंट एडिटर, Mylo पेरेंटिंग डेस्क मेडिकल रिव्यू: Mylo पीडियाट्रिक एडिटोरियल बोर्ड, AAP, NHS और IAP दिशानिर्देशों के अनुसार अंतिम अपडेट: 11 जून 2026
मेडिकल डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी पेशेवर चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। शिशु को ग्राइप वॉटर या कोई भी सप्लीमेंट देने से पहले हमेशा बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। यदि शिशु लगातार रोता है, उसे बुखार, उल्टी, मल में खून, या ठीक से दूध न पीने की समस्या है, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें, ये किसी गंभीर समस्या के संकेत हो सकते हैं।
ग्राइप वॉटर एक पारंपरिक हर्बल तरल है जिसे शिशुओं को गैस, पेट दर्द, हिचकी और कोलिक (अत्यधिक रोना) के लिए दिया जाता है। इसमें आमतौर पर ये तत्व होते हैं:
महत्वपूर्ण: ग्राइप वॉटर एक रेगुलेटेड दवा नहीं है, यह एक हर्बल सप्लीमेंट है। अलग-अलग ब्रांड में तत्व अलग होते हैं, इसलिए हर उत्पाद का असर और सुरक्षा अलग हो सकती है (AAP)।
इसका कोई मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ़ पीडियाट्रिक्स (AAP) और अन्य चिकित्सा संस्थान ग्राइप वॉटर की सलाह नहीं देते, क्योंकि (AAP) (NHS):
इसका मतलब यह नहीं कि हर बच्चे को नुकसान होगा, बल्कि यह कि इसका फायदा साबित नहीं है और इसमें कुछ जोखिम हैं। इसलिए डॉक्टर की सलाह ज़रूरी है।
सावधानी ज़रूरी है। ग्राइप वॉटर के कुछ संभावित जोखिम (AAP) (FDA):
| जोखिम | विवरण |
|---|---|
| शराब (alcohol) | कुछ पुराने/अनियमित उत्पादों में, शिशु के लिए हानिकारक |
| चीनी | दाँतों और आदत के लिए ठीक नहीं |
| एलर्जी | होंठों में सूजन, उल्टी, खुजली, आँखों से पानी |
| संक्रमण | खुली/दूषित बोतल से बैक्टीरिया |
| भूख पर असर | पेट भरने से दूध कम पी सकता है |
| असली समस्या छुपना | गंभीर कारण का इलाज देर से होना |
| अनियमित तत्व | ब्रांड के अनुसार अलग-अलग, गुणवत्ता अनिश्चित |
कभी न करें: शराब वाले उत्पाद, 1 महीने से छोटे शिशु को देना, या इसे दूध/फॉर्मूला का विकल्प बनाना।
अगर डॉक्टर ने सलाह दी हो, तभी और उन्हीं के निर्देश अनुसार दें। सामान्य सावधानियाँ:
ध्यान दें: ये सावधानियाँ "ग्राइप वॉटर देने की सलाह" नहीं हैं, बल्कि अगर डॉक्टर ने अनुमति दी हो तो जोखिम कम करने के लिए हैं। सबसे सुरक्षित रास्ता है पहले गैर-दवा उपाय आज़माना।
ग्राइप वॉटर की जगह ये सुरक्षित, सिद्ध तरीके पहले आज़माएँ (NHS) (AAP):
हर फीड के बाद शिशु को कंधे पर लेकर पीठ थपथपाएँ, इससे पेट की हवा निकलती है।
शिशु को (जागते समय, निगरानी में) पेट के बल थोड़ी देर लिटाएँ, इससे गैस निकलने में मदद मिलती है।
शिशु को पीठ के बल लिटाकर पैरों को साइकिल की तरह धीरे-धीरे घुमाएँ, गैस में राहत देता है।
घड़ी की दिशा में हल्की मालिश से पेट की हवा और कब्ज़ में आराम मिल सकता है।
सही latch और धीरे पिलाने से शिशु कम हवा निगलता है, जिससे गैस कम होती है।
अगर शिशु को बार-बार गैस हो, तो माँ देख सकती है कि कौन सा भोजन असर करता है, पर बिना ज़रूरत खाना न छोड़ें, डॉक्टर से पूछें।
हल्के झूलना, सफ़ेद शोर (white noise), लपेटना (swaddle) शिशु को शांत करने में मदद करते हैं।
याद रखें: कोलिक आमतौर पर 3 से 4 महीने में अपने आप ठीक हो जाता है। यह डरावना लगता है पर अस्थायी है।
शिशु का रोना सामान्य है, लेकिन इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से मिलें (AAP) (NHS):
| मिथक | तथ्य | स्रोत |
|---|---|---|
| "ग्राइप वॉटर हर गैस/रोने का इलाज है" | गलत। इसका असर वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं | AAP |
| "ग्राइप वॉटर हाइड्रेशन देता है" | गलत। यह दूध/फॉर्मूला का विकल्प नहीं | WHO |
| "यह नैचुरल है तो पूरी तरह सुरक्षित है" | गलत। कुछ में शराब/चीनी/अनियमित तत्व होते हैं | FDA |
| "नवजात को भी दे सकते हैं" | गलत। 1 महीने से छोटे को न दें | AAP |
| "कोलिक के लिए दवा ज़रूरी है" | गलत। यह 3 से 4 महीने में अपने आप ठीक होता है | NHS |
| "ग्राइप वॉटर दूध में मिला सकते हैं" | गलत। दूध/फॉर्मूला में न मिलाएँ | AAP |
ग्राइप वॉटर एक हर्बल तरल है (सौंफ, डिल, अदरक, कैमोमाइल आदि से बना) जो शिशुओं को गैस, पेट दर्द और हिचकी के लिए दिया जाता है (AAP)। यह एक रेगुलेटेड दवा नहीं है और इसके असर का मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
Gripe water ka asar scientifically saabit nahi hai aur AAP iski salah nahi deti. Kuch products mein alcohol ya sugar ho sakta hai. 1 mahine se chhote shishu ko bilkul na dें, aur kisi bhi umar mein dene se pehle doctor se zaroor poochें. Gas ke liye burping, tummy time aur pet ki halki maalish safe aur behtar tarike hain.
नहीं, 1 महीने से छोटे शिशु को ग्राइप वॉटर नहीं देना चाहिए (AAP)। इस उम्र में शिशु का पाचन तंत्र बहुत नाज़ुक होता है और केवल माँ का दूध ही चाहिए। किसी भी उम्र में देने से पहले डॉक्टर से ज़रूर पूछें।
सुरक्षित और सिद्ध तरीके: हर फीड के बाद डकार दिलाना, टमी टाइम, पैरों की साइकिल मूवमेंट, और घड़ी की दिशा में कोमल पेट मालिश (NHS)। सही तरीके से दूध पिलाने से भी शिशु कम हवा निगलता है।
Bacche ki gas ke liye: har feed ke baad burp karवायें, jagte time tummy time dें, pairon ko cycle ki tarah ghumayें, aur pet ki clockwise halki maalish karें. Sahi latch se feed karवायें taaki kam hawa jaye. Agar bacche ko bukhar, ulti, ya weight gain ki problem ho toh doctor se milें.
इसका कोई मजबूत प्रमाण नहीं है। कोलिक (अत्यधिक रोना) आमतौर पर 3 से 4 महीने में अपने आप ठीक हो जाता है (NHS)। ग्राइप वॉटर से जो सुधार दिखता है, वह अक्सर समय के साथ प्राकृतिक रूप से होता है।
संभावित नुकसान: कुछ उत्पादों में शराब या चीनी, एलर्जी (सूजन, खुजली, उल्टी), संक्रमण (दूषित बोतल से), भूख कम होना, और असली समस्या का इलाज देर से होना (AAP)। इसलिए डॉक्टर की सलाह ज़रूरी है।
नहीं। ग्राइप वॉटर को दूध या फॉर्मूला में नहीं मिलाना चाहिए (AAP)। अगर डॉक्टर ने अनुमति दी हो, तो इसे निर्देश अनुसार अलग से दें, फॉर्मूला में मिलाने से बचें।
पहले डकार, टमी टाइम, मालिश और शांत करने के तरीके आज़माएँ। लेकिन अगर रोने के साथ बुखार, उल्टी, मल में खून, या ठीक से दूध न पीना हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें (AAP), ये गंभीर समस्या के संकेत हो सकते हैं।




This content is for informational purposes only and should not replace professional medical advice. Consult with a physician or other health care professional if you have any concerns or questions about your health. If you rely on the information provided here, you do so solely at your own risk.

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