
महिलाओं में मोटापा की बीमारी की वजह से दूसरी कई तरह की बीमारियों जैसे दिल की बीमारी, डायबिटीज़, और जोड़ों में दर्द/परेशानी हो सकती है. आइए महिलाओं में मोटापा की वजह समझते हैं, साथ ही यह भी कि यह कितनी बड़ी परेशानी है और मोटापा से पीड़ित महिलाएं मोटापा से जुड़ीं स्वास्थ्य समस्याओं के रिस्क को कम करने के लिए क्या कर सकती हैं.
इस सवाल का जबाब किसी एक साइज़ में फिट होना नहीं है. क्योंकि मोटापा सापेक्षता में होता है और यह हर किसी की ऊंचाई और आकार के आधार पर अलग-अलग हो सकता है. हालांकि, यह बुनियादी नियम है कि एक महिला का बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 30 या उससे ज्यादा है तो उसे मोटापे का शिकार माना जाता है.
बीएमआई ऊंचाई और वजन के आधार पर शरीर में मोटापा नापने का एक तरीका है. बीएमआई को आप शरीर का मोटापा मापने का एक विश्वसनीय संकेतक मान सकते हैं. हालांकि, यह सभी के लिए सटीक नहीं हो सकता है, खासकर बहुत मांसल शरीर वालों या खिलाड़ियों के लिए.
मोटापा की वजह से स्वास्थ्य समस्याओं से बचने के लिए ऐसी कई चीज़ें हैं जिन्हें मोटापा से पीड़ित महिलाएं कर सकती हैं. और अगर पहले से ही स्वास्थ्य समस्याएं मौजूद हैं तो इन बातों के जरिए उनसे निपट सकती हैं.
1. सबसे पहले, महिलाओं में मोटापे पर अंकुश लगाने के लिए पर्याप्त फल, सब्जियां और साबुत अनाज के साथ एक स्वस्थ आहार खाना और बाजार का बना हुआ सामान, संतृप्त वसा (सैचुरेटेड फैट) और चीनी के सेवन को कम करना जरूरी है.
2. दूसरा, मोटापे से पीड़ित महिलाओं के लिए नियमित एक्सरसाइज करना जरूरी है. उन्हें हफ्ते के लगभग हर दिन कम से कम 30 मिनट के लिए मध्यम-तीव्रता वाली एक्सरसाइज करना चाहिए.
3.पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद महत्वपूर्ण है. इससे शरीर के चयापचय को बढ़ावा मिलेगा और कम कैलोरी लेने में भी मदद होगी.
4. आखिरकार, मोटापा से पीड़ित महिलाओं के लिए वजन कम करना सबसे ज्यादा मददगार हो सकता है. यहां तक कि कुल वजन के 5-10% कम होने से भी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं.
वजन कम करने के लिए संघर्ष कर रही मोटापे से पीड़ित महिलाओं को कई चीज़ें मदद कर सकती हैं, जिसमें वजन घटाने के प्रोग्राम, पोषण विशेषज्ञ और डॉक्टरों से सलाह लेना वगैरह शामिल हैं. मोटापे से पीड़ित महिलाओं को जरूरत पड़ने पर मदद लेने में संकोच नहीं करना चाहिए. जीवनशैली में बदलाव करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन स्वस्थ जीवन के लिए यह एक जरूरी कदम है.
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इस सवाल का कोई एक जबाब नहीं हो सकता. सभी का शरीर अलग होता है, और सबकी खान-पान कि आदतें अलग होती हैं. कोई ऐसा अकेला खाना नहीं है जिससे महिलाओं में मोटापा होता है. बल्कि, यह कई वजहों के एक साथ होने से होता है जिसमें डाइट, शारीरिक सक्रियता, और जेनेटिक वजहें होती हैं जिनसे महिलाओं में मोटापा हो सकता है. हालांकि, कुछ खाने वजन बढ़ाने में ज्यादा भूमिका निभाते हैं.
उदाहरण के लिए, बाजार के प्रोसेस किए गए खाने (प्रोसेस्ड फूड) में अक्सर कैलोरी ज्यादा और पोषक तत्व कम होते हैं जिससे वजन बढ़ सकता है. चीनी और तेल वाले खाने भी आम तौर पर अनहेल्थी होते हैं और मोटापा बढ़ाते हैं.
संक्षेप में, रिफाइंड किए गए कार्बोहाइड्रेट, चीनी मिले पेय पदार्थ और प्रोसेस किया गया मीट वगैरह कुछ ऐसे खाने हैं जिनसे वजन बढ़ता है. इसके अलावा, खाने की मात्रा देखना भी महत्वपूर्ण है. क्योंकि अगर कोई स्वस्थकर खाना खा रहा है, तब भी अगर वह ज्यादा खाना खा रही हैं तो उनका वजन बढ़ सकता है.
सभी उम्र की महिलाओं में मोटापा तेजी से आम होता जा रहा है. हालिया आंकड़े बताते हैं कि लगभग एक-चौथाई, या लगभग 25% भारतीय महिलाएं वजन बढ़ने या मोटापे से पीड़ित हैं.
इसके अलावा, एक अध्ययन के मुताबिक भारत में मोटापे से पीड़ित महिलाओं का प्रतिशत 2015-2016 में 21% से बढ़कर 2019-2020 में 24% हो गया है. मोटापे की दर में यह वृद्धि कई वजहों का मिलाजुला परिणाम हो सकती है, जिसमें खराब डाइट और एक्सरसाइज की कमी शामिल है.
ज्यादा वजन या मोटापा महिलाओं के स्वास्थ्य पर कुछ गंभीर प्रभाव डाल सकता है. अब भारत में रोकी जा सकने वाली मृत्यु के मुख्य कारणों में से महिलाओं में मोटापा भी एक है. आज के समय में बड़ी संख्या में महिलाएं इस जोखिम की चपेट में हैं. ज्यादा वजन वाली या मोटापे से पीड़ित महिलाओं के सामने ऐसी कई स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम है, इनमें निम्न शामिल हैं:
इसके अलावा, मोटापे से पीड़ित महिलाओं को अपनी बॉडी इमेज की वजह से मानसिक स्वास्थ्य से जैसे डिप्रेशन (अवसाद) भी हो सकता है. जिससे उनके जीवन की गुणवत्ता भी बहुत प्रभावित हो सकती है. इतना ही नहीं, बीएमआई महिलाओं की गर्भ धारण करने की क्षमता पर भी असर डाल सकता है और मोटापे से पीड़ित महिलाओं को अपनी गर्भावस्था में नियमित रूप से अपने बीएमआई की निगरानी करनी होगी.
जब एक महिला का वजन उनके सामान्य रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित करना शुरू कर देता है, तो मेडिकल सहायता लेना जरूरी होता है क्योंकि जब ऐसी स्थिति आती है, तो बात करने के लिए सबसे अच्छा व्यक्ति डॉक्टर ही होता है.
सभी मोटापे से पीड़ित महिलाओं के लिए अपने डॉक्टरों से बात करना महत्वपूर्ण है ताकि डॉक्टर उन महिलाओं को ज्यादा स्वस्थ और प्रभावी ढंग से वजन कम करने के लिए सही प्लान बनाने में मदद कर सकें.



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