This changing weather, protect your family with big discounts! Use code: FIRST10This changing weather, protect your family with big discounts! Use code: FIRST10
ADDED TO CART SUCCESSFULLY GO TO CART
Track your parenting journey

बच्चे का डायपर कैसे बदलें? स्टेप बाय स्टेप आसान तरीका

Diapering
Written by - Priyanka VermaLast updated: Sep 11, 2026
बच्चे का डायपर कैसे बदलें? स्टेप बाय स्टेप आसान तरीका
Likes119 Likes|
Read time14 min

AI-Generated Summary

Quick overview in 30 seconds
toggle
  • बच्चे का डिस्पोजेबल डायपर बदलने से पहले और बाद में हाथ अच्छी तरह धोना बहुत जरूरी है ताकि कीटाणु न फैलें और बच्चा सुरक्षित रहे।
  • डायपर बदलने वाली जगह साफ-सुथरी और सूखी होनी चाहिए, और साफ डायपर, वाइप व कचरा बैग जैसी जरूरी चीज़ें पहले से पहुंच में रखें।
  • बच्चे के डायपर एरिया को गीले वाइप से आगे-पीछे अच्छी तरह साफ करें, फिर सही साइज का आरामदायक डायपर पहनाएं जो ज्यादा कसा हुआ न हो।
  • डायपर बदलने के लिए कौन-से प्रोडक्ट सबसे अच्छे हैं? Explore our Adjustable & Reusable Cloth Diaper - Red & Blue - Pack of 2.

आखिरी अपडेट: 11 सितंबर 2026

छोटा जवाब

पहले सारा सामान हाथ की पहुँच में रख लें, फिर बच्चे को साफ सतह पर लिटाएँ और एक हाथ हमेशा उस पर रखें। गंदा डायपर खोलकर आगे से पीछे की ओर साफ करें, त्वचा को अच्छी तरह सुखाएँ, ज़रूरत हो तो पतली बैरियर क्रीम लगाएँ, और नया डायपर इतना कसें कि कमर पर दो उंगलियाँ आराम से जा सकें। आखिर में हाथ साबुन से धोएँ।

मुख्य बातें

  • बच्चे को बदलने वाली सतह पर कभी अकेला न छोड़ें, एक सेकंड के लिए भी नहीं। एक हाथ हमेशा उस पर रखें।

  • हमेशा आगे से पीछे की ओर साफ करें। यह खासकर बच्चियों में पेशाब की नली के इन्फेक्शन का खतरा कम करता है।

  • नया डायपर पहनाने से पहले त्वचा पूरी तरह सूखी होनी चाहिए। गीली त्वचा पर साफ डायपर पहनाना बदलने का फायदा खत्म कर देता है।

  • डायपर एरिया में टैल्कम पाउडर बिल्कुल न लगाएँ। सांस के साथ अंदर जाने पर यह फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है।

  • नवजात शिशु में नाभि सूखने तक डायपर का अगला हिस्सा नाभि के नीचे मोड़ कर रखें।

  • लीकेज की सबसे आम वजह टांगों की इलास्टिक का अंदर मुड़ जाना है, टाइट न बाँधना नहीं।


डायपर बदलने से पहले क्या तैयार रखें?

सब कुछ पहले से हाथ की पहुँच में रखें। बीच में कुछ लेने जाना ही वह क्षण है जब बच्चा पलट जाता है।

सामान

क्यों ज़रूरी है

साफ डायपर, सही साइज़ का

वज़न के हिसाब से साइज़, उम्र के हिसाब से नहीं

रुई और गुनगुना पानी, या बिना खुशबू वाले वाइप्स

नवजात के लिए पानी और रुई सबसे कोमल विकल्प है

मुलायम सूखा कपड़ा

त्वचा को थपथपाकर सुखाने के लिए

बैरियर क्रीम, ज़रूरत पड़ने पर

अगर त्वचा गुलाबी हो या रैश हो, तो ज़िंक ऑक्साइड वाली पतली परत

बदलने की चटाई या साफ तौलिया

साफ और सुरक्षित सतह

ढक्कन वाला डिब्बा या कागज़

गंदे डायपर को लपेटकर अलग रखने के लिए

बदलने के लिए कपड़े

लीक हो जाने पर तुरंत ज़रूरत पड़ती है

एक सलाह: घर में दो जगह यह सामान रखें, एक जहाँ आप सोते हैं और एक जहाँ दिन बीतता है। रात 3 बजे दूसरे कमरे तक जाना ही वह चीज़ है जिससे लोग डायपर बदलना टालने लगते हैं।

डायपर बदलने का स्टेप बाय स्टेप तरीका

  1. हाथ धोएँ और बच्चे को साफ, समतल सतह पर लिटाएँ। ऊँची सतह हो तो एक हाथ हमेशा बच्चे पर रखें।

  2. गंदा डायपर खोलें। टेप वाला हो तो टेप खोलें, पैंट स्टाइल हो तो दोनों तरफ की साइड सीम फाड़ दें। पॉटी वाली पैंट को कभी टांगों से नीचे न खींचें, वरना गंदगी दोनों जांघों पर फैल जाती है।

  3. डायपर के सामने वाले हिस्से से मोटी गंदगी पोंछ लें, फिर उसे बच्चे के नीचे मोड़कर रख दें ताकि साफ हिस्सा ऊपर रहे।

  4. आगे से पीछे की ओर साफ करें। रुई और गुनगुना पानी सबसे अच्छा है। हर सिलवट में, खासकर जांघों और जोड़ों के बीच। रगड़ें नहीं, हल्के से पोंछें।

  5. त्वचा को थपथपाकर पूरी तरह सुखाएँ। यही वह स्टेप है जो जल्दबाज़ी में सबसे ज़्यादा छूटता है, और यही रैश की सबसे बड़ी वजह बनता है।

  6. ज़रूरत हो तो बैरियर क्रीम की पतली परत लगाएँ। रोज़ हर बार लगाना ज़रूरी नहीं। अगर त्वचा गुलाबी है, रैश है, या दस्त चल रहे हैं तो हर बदलाव पर लगाएँ।

  7. गंदा डायपर हटाकर नया लगाएँ। पिछला हिस्सा इतना ऊँचा हो कि पूरा हिस्सा ढक जाए। सामने से ऊपर लाकर बंद करें।

  8. टांगों की इलास्टिक बाहर निकालें। हर लेग ओपनिंग में एक उंगली घुमाकर इलास्टिक को बाहर की ओर खींचें ताकि वह जांघ की सिलवट में सीधी बैठे, अंदर मुड़ी हुई नहीं।

  9. फिटिंग जाँचें। कमर पर दो उंगलियाँ आराम से जानी चाहिए। इलास्टिक से गहरा निशान नहीं पड़ना चाहिए।

  10. गंदे डायपर को अंदर की ओर मोड़कर लपेटें और ढक्कन वाले डिब्बे में डालें। फिर हाथ साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड धोएँ।

लड़का और लड़की के लिए अलग किन बातों का ध्यान रखें?

ध्यान देने वाली बात

बच्ची के लिए

हमेशा आगे से पीछे की ओर साफ करें, ताकि पॉटी के बैक्टीरिया पेशाब की नली की तरफ न जाएँ। लेबिया यानी बाहरी हिस्सों को अलग करके अंदर तक साफ करने की ज़रूरत नहीं होती, ऊपर से साफ करना काफी है।

बच्चे के लिए

डायपर पहनाते समय लिंग को नीचे की ओर रखें, वरना पेशाब ऊपर से निकल जाता है। खतना न हुआ हो तो चमड़ी को पीछे खींचकर साफ करने की कोशिश न करें, यह अपने आप समय के साथ ढीली होती है। साफ करते समय ऊपर एक कपड़ा रखें, क्योंकि ठंडी हवा लगते ही बच्चे अक्सर पेशाब कर देते हैं।

दोनों के लिए

अंडकोष के नीचे और जांघों की सिलवटों में गंदगी जमा होती है। वहाँ साफ करना और सुखाना न भूलें।

नवजात शिशु के लिए क्या अलग है?

  • नाभि का ध्यान रखें। जब तक नाभि की डोरी सूखकर गिर न जाए, डायपर का अगला किनारा उसके नीचे मोड़ कर रखें ताकि कुछ रगड़े नहीं और वह हिस्सा हवा में सूखता रहे। टेप स्टाइल डायपर इसमें पैंट से आसान रहता है।

  • पहले कुछ दिन की पॉटी गाढ़ी, काली और चिपचिपी होती है, जिसे मेकोनियम कहते हैं। यह सामान्य है। इसे साफ करने के लिए रगड़ें नहीं, गुनगुने पानी और रुई से धीरे धीरे हटाएँ।

  • बच्चियों में जन्म के पहले हफ्तों में कभी कभी थोड़ा सफेद या हल्का खून जैसा स्राव दिख सकता है। यह माँ के हार्मोन की वजह से होता है और आमतौर पर सामान्य है, लेकिन चिंता हो तो डॉक्टर से पूछ लें।

  • नवजात का डायपर दिन में 10 से 12 बार बदलना पड़ता है। यह सामान्य है और इस बात का अच्छा संकेत है कि दूध ठीक से मिल रहा है।

डायपर लीक क्यों होता है और कैसे रोकें?

ज़्यादातर लीकेज फिटिंग या साइज़ की वजह से होता है, एब्ज़ॉर्बेंसी की वजह से नहीं।

कहाँ से लीक हो रहा है

असली वजह

क्या करें

टांगों के पास से

लेग इलास्टिक अंदर मुड़ी हुई है

हर लेग ओपनिंग में उंगली घुमाकर इलास्टिक बाहर निकालें। यही सबसे आम गलती है

पीछे से, खासकर रात में

डायपर पीछे से नीचे बैठा है

बंद करने से पहले पिछला हिस्सा ऊपर खींचें

आगे से, बच्चों में ज़्यादा

लिंग ऊपर की ओर रह गया

पहनाते समय नीचे की ओर रखें

हर तरफ से, डायपर भारी और फूला हुआ

डायपर भर चुका है या साइज़ छोटा है

ज़्यादा बार बदलें, या एक साइज़ बड़ा करें

कमर या जांघ पर लाल निशान के साथ लीक

साइज़ छोटा है। टाइट डायपर लीक रोकता नहीं, बढ़ाता है

एक साइज़ बड़ा करें

सही साइज़ का पूरा चार्ट वज़न के हिसाब से यहाँ देखें: डायपर साइज़ और वज़न चार्ट

डायपर बदलते समय क्या नहीं करना चाहिए?

  • बच्चे को अकेला न छोड़ें। बदलने वाली सतह से गिरना शिशुओं में होने वाली सबसे आम घरेलू दुर्घटनाओं में से एक है। कुछ लाने जाना पड़े तो बच्चे को गोद में लेकर जाएँ या ज़मीन पर लिटा दें।

  • टैल्कम या बेबी पाउडर न लगाएँ। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स इसके खिलाफ सलाह देती है, क्योंकि सांस के साथ अंदर जाने पर टैल्क फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है। यह सिलवटों में जमकर जलन भी बढ़ाता है।

  • डेटॉल या स्पिरिट जैसी चीज़ों से साफ न करें। ये सतहों के लिए हैं, बच्चे की त्वचा के लिए नहीं। कटी या छिली त्वचा पर ये जलन बढ़ाते हैं।

  • बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड क्रीम न लगाएँ। डायपर एरिया की त्वचा दवा ज़्यादा सोखती है, और फंगल रैश पर स्टेरॉयड लगाने से हालत बिगड़ सकती है।

  • खुशबू वाले वाइप्स से बचें, खासकर अगर त्वचा संवेदनशील हो या पहले रैश हुआ हो।

  • थोड़ा गीला डायपर दोबारा न पहनाएँ। कोर एक बार पेशाब सोख ले तो उसे पहले जैसा नहीं किया जा सकता।

  • बहुत कसकर न बाँधें। इससे निशान और छिलन होती है, और लीकेज कम नहीं होता।

गंदा डायपर कहाँ फेंकें?

पहले ठोस पॉटी टॉयलेट में डाल दें, फिर डायपर को अंदर की ओर मोड़कर कसकर लपेटें और उसके अपने टेप या फटी हुई सीम से बंद कर दें। उसे अखबार या पैकेट के साथ आए पाउच में लपेटकर ढक्कन वाले डिब्बे में डालें।

1 अप्रैल 2026 से लागू नए नियमों के अनुसार इस्तेमाल किए गए डायपर सैनिटरी वेस्ट की श्रेणी में आते हैं, यानी इन्हें गीले और सूखे कचरे से अलग रखना होता है। पूरी जानकारी यहाँ: डायपर सही तरीके से कैसे फेंकें

डायपर या वाइप्स को टॉयलेट में कभी फ्लश न करें। ये घुलते नहीं और पाइप तथा सीवर जाम कर देते हैं।

डायपर कितनी देर में बदलना चाहिए?

नवजात शिशु का हर 2 से 3 घंटे में, और 3 महीने के बाद हर 3 से 4 घंटे में। पॉटी होने पर तुरंत, चाहे कितना भी समय हुआ हो।

उम्र के हिसाब से पूरा चार्ट और रात के समय से जुड़े सवालों के जवाब यहाँ हैं: बच्चे का डायपर कितनी देर में बदलना चाहिए

Mylo पैरेंट्स ने पूछा

बच्चे का डायपर कैसे पहनाते हैं?
साफ डायपर को बच्चे के नीचे इस तरह सरकाएँ कि पिछला हिस्सा कमर के बराबर या थोड़ा ऊपर रहे। सामने वाला हिस्सा टांगों के बीच से ऊपर लाकर टेप बंद करें, या पैंट स्टाइल हो तो दोनों तरफ से बराबर ऊपर खींचें। फिर हर लेग ओपनिंग में उंगली घुमाकर इलास्टिक बाहर निकालें, और देखें कि कमर पर दो उंगलियाँ जा रही हैं।

डायपर बदलते समय बच्चे को कैसे संभालें?
एक हाथ हमेशा बच्चे पर रखें, खासकर ऊँची सतह पर। सारा सामान पहले से पहुँच में रखें ताकि बीच में उठना न पड़े। बच्चा बहुत हिल रहा हो तो पैंट स्टाइल डायपर आसान रहता है, क्योंकि उसे खड़े खड़े भी पहनाया जा सकता है।

आगे से पीछे की ओर ही क्यों साफ करना चाहिए?
ताकि पॉटी के बैक्टीरिया पेशाब की नली की तरफ न पहुँचें। यह खासकर बच्चियों में ज़रूरी है, जहाँ पेशाब की नली छोटी होती है और इन्फेक्शन का खतरा ज़्यादा रहता है।

क्या हर बार बैरियर क्रीम लगाना ज़रूरी है?
नहीं। स्वस्थ त्वचा पर रोज़ हर बार लगाने की ज़रूरत नहीं। लेकिन अगर त्वचा गुलाबी है, रैश है, या दस्त चल रहे हैं, तो हर बदलाव पर पतली परत लगाएँ।

नाभि सूखने तक डायपर कैसे पहनाएँ?
डायपर का अगला किनारा नाभि के नीचे मोड़ कर रखें ताकि उस पर कुछ रगड़े नहीं और वह हिस्सा हवा में सूखता रहे। टेप स्टाइल डायपर में यह मोड़ना आसान होता है।

डायपर बदलते समय बच्चा बहुत रोता है, क्या करें?
अक्सर वजह ठंडी हवा, ठंडा वाइप या लेटने की स्थिति होती है। गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें, कमरा गर्म रखें, और बदलते समय बात करते रहें या कोई खिलौना पकड़ा दें। 6 महीने के बाद बच्चा लेटने का विरोध करने लगे तो पैंट स्टाइल डायपर आसान रहता है।

बदलने के बाद हाथ धोना कितना ज़रूरी है?
बहुत ज़रूरी। साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड। खाना बनाने या बच्चे को दूध पिलाने से पहले भी धोएँ, सिर्फ बाद में नहीं।

डॉक्टर को कब दिखाएँ?

  • रैश जो बार बार बदलने और बैरियर क्रीम के बाद 2 से 3 दिन में ठीक न हो

  • डायपर एरिया में फफोले, खुले घाव, मवाद, पीली पपड़ी या खून

  • चमकदार लाल रैश जिसके किनारे साफ दिखें और उसके आगे छोटे दाने फैल रहे हों

  • रैश के साथ बुखार

  • नाभि के आसपास लालिमा, सूजन, मवाद या बदबू

  • रोज़ से बहुत कम गीले डायपर, गाढ़ा पेशाब, या असामान्य रूप से सुस्त बच्चा

  • पेशाब करते समय दर्द या रोना, या पेशाब या पॉटी में खून

यह लेख सामान्य जानकारी है और डॉक्टर की जाँच का विकल्प नहीं है। आपके बच्चे के लिए कोई भी निदान या दवा आपके डॉक्टर से ही लें।

निष्कर्ष

सामान पहले से पास रखें, एक हाथ हमेशा बच्चे पर रखें, आगे से पीछे साफ करें, त्वचा पूरी तरह सुखाएँ, और नया डायपर इतना कसें कि दो उंगलियाँ कमर पर जा सकें। पाउडर, डेटॉल और बिना सलाह की क्रीम से बचें। लीक हो रहा हो तो सबसे पहले टांगों की इलास्टिक जाँचें, फिर पीछे की ऊँचाई, फिर साइज़।

रेफरेंस

  1. NHS, UK. Nappy rash and nappy changing.

  2. AAP, HealthyChildren.org. Common Diaper Rashes and Treatments.

  3. AAP, HealthyChildren.org. Make Baby's Room Safe. टैल्कम और बेबी पाउडर के खिलाफ सलाह।

  4. Indian Academy of Pediatrics. IAP Guidelines for Pediatric Skin Care. Indian Pediatrics. 2021.

  5. CDC. When and How to Wash Your Hands.

  6. Solid Waste Management Rules, 2026, भारत सरकार, 1 अप्रैल 2026 से लागू।

Article Posted Under

Related Articles

Related Topics

Medical Disclaimer

This content is for informational purposes only and should not replace professional medical advice. Consult with a physician or other health care professional if you have any concerns or questions about your health. If you rely on the information provided here, you do so solely at your own risk.

foot top wavefoot down wave

AWARDS AND RECOGNITION

Awards

Mylo wins Forbes D2C Disruptor award

Awards

Mylo wins The Economic Times Promising Brands 2022

AS SEEN IN

Mylo featured on Business World
Mylo featured on CNBC
Mylo featured on Financial express
Mylo featured on The Economics Times
Mylo featured on Business Today
Mylo featured on Business World
Mylo featured on CNBC
Mylo featured on Financial express
Mylo featured on The Economics Times
Mylo featured on Business Today
Mylo featured on TOI
Mylo featured on inc42
Mylo featured on Business Standard
Mylo featured on YourStory
Mylo featured on ANI
Mylo Logo

Start Exploring

wavewave
About Us
Mylo_logo
At Mylo, we help young parents raise happy and healthy families with our innovative new-age solutions:
  • Mylo Care: Effective and science-backed personal care and wellness solutions for a joyful you.
  • Mylo Baby: Science-backed, gentle and effective personal care & hygiene range for your little one.
  • Mylo Community: Trusted and empathetic community of 10mn+ parents and experts.