hamburgerIcon

Orders

login

Profile

Profile
This changing weather, protect your family with big discounts! Use code: FIRST10This changing weather, protect your family with big discounts! Use code: FIRST10
ADDED TO CART SUCCESSFULLY GO TO CART
  • Home arrow

  • Illnesses & Infections arrow

  • सर्दियों में नवजात शिशु को रहता है टॉन्सिलाइटिस होने का ख़तरा, ऐसे रखें उनका ध्यान arrow

In this Article

    सर्दियों में नवजात शिशु को रहता है टॉन्सिलाइटिस होने का ख़तरा, ऐसे रखें उनका ध्यान

    Illnesses & Infections

    सर्दियों में नवजात शिशु को रहता है टॉन्सिलाइटिस होने का ख़तरा, ऐसे रखें उनका ध्यान

    Updated on 12 December 2022

    टॉन्सिल गले में होने वाली एक ऐसी संक्रामक बीमारी है जो नवजात शिशु को सबसे ज्यादा अपना शिकार बनाती है। टॉन्सिल या टॉन्सिलाइटिस होने पर गले के अंदरूनी हिस्से में सूजन और दर्द होता है जिसके कारण खाने-पीने में बहुत परेशानी होती है। कई बार तो ये रोग इतना गंभीर होता है कि बोलने और थूक निगलने में भी तेज दर्द महसूस होता है। गले के अंदरूनी हिस्से में टॉन्सिलाइटिस होता है जो मुंह के रास्ते जाने वाले हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस से हमारी रक्षा करता है लेकिन कई बार ये टॉन्सिलाइटिस खुद इंफेक्शन का शिकार हो जाता है। इसी इंफेक्शन को आम भाषा में लोग टॉन्सिल कहते हैं। ये समस्या ज्यादातर छोटे बच्चों को होती है। आइए जानते हैं कैसे दिखते हैं शरीर में इसके लक्षण और क्या हैं इसके कारण और इलाज। टॉन्सिल के लक्षण • गले में खराश होना • गले में खराश आना • गले में दर्द के साथ बुखार आना • जबड़ों के निचले हिस्से में सूजन आना • सांसों में बदबू होना • गले में दर्द होना • खाना खाने या पानी पीने में दर्द होना • खाने का स्वाद न मिलना या स्वाद बदला-बदला लगना किन कारणों से होता है टॉन्सिल टॉन्सिलाइटिस होने के पीछे कई कारण जिम्मेदार होते हैं। टॉन्सिलाइटिस की समस्या अक्सर तब होती है जब टॉन्सिल्स कमजोर हो जाते हैं। इसके अलावा इम्युनिटी कमजोर होने पर, बहुत गर्म और स्पाइसी फूड खाने से, बहुत ठंडा खाने पर और मुंह की सही से सफाई न करने पर टॉन्सिलाइटिस हो जाता है। कई बार पेट खराब होने पर, कब्ज होने पर या प्रदूषण, धूल आदि के कारण भी टॉन्सिलाइटिस हो जाता है। टॉन्सिल का उपचार टॉन्सिल का इलाज घर में करने पर गले को नम करने और डिहाइड्रेशन को रोकने के लिए हर दो घंटे के बाद नमक मिले गर्म पानी से गर्रारे करने चाहिए। अगर टॉन्सिल का कारण बैक्‍टीरियल इंफेक्‍शन हैं तो एंटीबायोटिक का कोर्स निर्धारित किया जाता है। अक्‍सर होने वाला टॉन्सिल, क्रोनिक टॉन्सिल और बैटीरियल टॉन्सिल का उपचार कभी-कभी सर्जरी द्वारा किया जाता है। क्या हैं इसकी जटिलताएं टॉन्सिल में सूजन, सांस लेने में कठिनाई और ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया के रूप में जटिलताएं पैदा कर सकता हैं। कभी कभी, संक्रमण आसपास के ऊतकों में भी फैल सकता है। टॉन्सिल के पीछे मवाद का संग्रह हो जाता है, जिससे ‍टॉन्सिलर ऐब्सेस हो जाता है। रूमेटिक फीवर और पोस्‍ट-स्ट्रेप्टोकॉकल, ग्लोमेरुलोनेफ्रयटिस सभी टॉन्सिल से होने वाल जटिलताएं हैं। टॉन्सिल के लिए घरेलू नुस्खे • हर्बल चाय पीने से भी टॉन्सिल की समस्या में जल्द राहत मिलती है। टॉन्सिल का कारण टॉन्सिलाइटिस का संक्रमण होता है और हर्बल चाय से इस पर जमे बैक्टीरिया और कीटाणु धीरे-धीरे मर जाते हैं जिससे गले के सूजन में कमी आती है और दर्द ठीक हो जाता है। हर्बल चाय बनाने के लिए आप ग्रीन टी में लौंग, इलायची और दालचीनी मिलाकर पी सकते हैं। इसके अलावा अदरक और शहद वाली चाय भी टॉन्सिल के इलाज में कारगर है। • दालचीनी में दर्द कम करने के और शहद में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं इसलिए ये दोनों टॉन्सिल के रोग में फायदेमंद होते हैं। इसके लिए थोड़ी सी दालचीनी को पीस लें। अब दो चुटकी दालचीनी को एक चम्मच शहद में मिलाकर दिन में तीन बार सेवन करें। इससे दर्द और सूजन में राहत मिलेगी और संक्रमण कम होगा। • दालचीनी में दर्द कम करने के और शहद में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं इसलिए ये दोनों टॉन्सिल के रोग में फायदेमंद होते हैं। इसके लिए थोड़ी सी दालचीनी को पीस लें। अब दो चुटकी दालचीनी को एक चम्मच शहद में मिलाकर दिन में तीन बार सेवन करें। इससे दर्द और सूजन में राहत मिलेगी और संक्रमण कम होगा। कई बार टॉन्सिल का कारण शरीर में आयोडीन की कमी भी होती है। सिंघाड़ा में आयोडीन पाया जाता है इसलिए इसके सेवन से टॉन्सिल की समस्या में राहत मिलती है। इसे आप कच्चा भी खा सकते हैं और उबालकर भी खा सकते हैं। इसके अलावा सिंघाड़े को छीलकर इसे साफ पानी में उबाल लें। अब इस सिंघाड़े वाले पानी से गरारा करने पर भी टॉन्सिल की समस्या ठीक हो जाती है।

    Is this helpful?

    thumbs_upYes

    thumb_downNo

    Written by

    Ravish Goyal

    Official account of Mylo Editor

    Read More

    Get baby's diet chart, and growth tips

    Download Mylo today!
    Download Mylo App

    RECENTLY PUBLISHED ARTICLES

    our most recent articles

    foot top wavefoot down wave

    AWARDS AND RECOGNITION

    Awards

    Mylo wins Forbes D2C Disruptor award

    Awards

    Mylo wins The Economic Times Promising Brands 2022

    AS SEEN IN

    Mylo featured on Business World
    Mylo featured on CNBC
    Mylo featured on Financial express
    Mylo featured on The Economics Times
    Mylo featured on Business Today
    Mylo featured on Business World
    Mylo featured on CNBC
    Mylo featured on Financial express
    Mylo featured on The Economics Times
    Mylo featured on Business Today
    Mylo featured on TOI
    Mylo featured on inc42
    Mylo featured on Business Standard
    Mylo featured on YourStory
    Mylo featured on ANI
    Mylo Logo

    Start Exploring

    wavewave
    About Us
    Mylo_logo
    At Mylo, we help young parents raise happy and healthy families with our innovative new-age solutions:
    • Mylo Care: Effective and science-backed personal care and wellness solutions for a joyful you.
    • Mylo Baby: Science-backed, gentle and effective personal care & hygiene range for your little one.
    • Mylo Community: Trusted and empathetic community of 10mn+ parents and experts.