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गर्भावस्था में सिस्ट हो सकती है घातक

Pregnancy Complications
Written by - Mittali Khuranaअंतिम अपडेट: May 4, 2026
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सारांश


  • गर्भावस्था में ओवरी सिस्ट एक गंभीर समस्या है जो साइलेंट किलर की तरह काम करती है, क्योंकि बढ़ने तक इसके कोई महत्वपूर्ण लक्षण दिखाई नहीं देते हैं।
  • आजकल 25-60 वर्ष की लगभग 20-30 प्रतिशत महिलाओं में यह समस्या पाई जा रही है और हार्मोनल दवाओं का प्रभाव केवल अल्प समय तक रहता है।
  • गर्भाशय में फाईबराइड या अवरोध होने पर अंडा निषेचित होने के बावजूद विकसित नहीं हो पाता, जिससे बांझपन की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।
  • क्या आप जानती हैं कि सिस्ट से बचाव कैसे करें? समय-समय पर जांच कराना, वसायुक्त आहार कम करना और डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है।

गर्भावस्था में न चाहते हुए भी कई कष्ट प्रद समस्याओं से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसी ही एक समस्या है, गर्भावस्था में सिस्ट का होना। ओवरी में हुए छोटा अल्‍सर को सिस्‍ट कहा जाता है। गर्भावस्था में सिस्ट अक्सर घातक होते हैं। इस लेख में जानें कि गर्भावस्था में सिस्ट कैसे होते हैं और यह किस प्रकार घातक साबित हो सकते है। गर्भावस्था में डिम्बग्रंथि या ओवरी में सिस्ट भी महिलाओं में साइलेंट किलर होते हैं, क्योंकि ये काफी बढ़ जाने तक तक कोई भी महत्वपूर्ण लक्षण उत्पन्न नहीं करते है। गर्भावस्था में सिस्ट महिलाओं के लिए एक परेशान करने वाली समस्या है। आजकल 25-60 वर्ष की लगभग 20-30 प्रतिशत महिलाओं में ये समस्या पाई जा रही है।

गर्भावस्था में सिस्ट के इलाज की अधिक जानकारी न होने के कारण शुरू में ऐसी हार्मोनल दवाओं का उपयोग करते हैं, जिनका प्रभाव अल्प समय तक ही देखने को मिलता है तथा हार्मोनल दवाओं का उपयोग बंद कर देने पर बीमारी पुनः हो जाती है। और पहले से गंभीर रूप ले लेती है और अंततः उन्हें ऑपरेशन कराना पड़ता है। ऐसी महिलाओं में, जिनमे गर्भाशय (यूटेरस) या ओवरी हटा दी जाती है, उनमे अनेक प्रकार कि मानसिक एवं शारीरिक विकृतियां उत्पन्न होने लगती हैं। जिनके कारण उनका पारिवारिक एवं वैवाहिक जीवन अत्यंत दुखमय व्यतीत होता है।

गर्भाशय एक नाशपाती के आकार की संरचना होती है जो स्त्री के पेट के निचले हिस्से में होती है। गर्भाशय 8 सेमी. लंबी एवं 5 सेमी. चौड़ी संरचना होती है जिसकी दीवारें मोटी एवं मांसल होती है, तथा गर्भावस्था के दौरान यह अपने वास्तविक आकार से कई गुना बढ़ सकती है। प्रसव के बाद अपने वास्तविक आकार में वापस आ जाती है। गर्भाशय के ऊपरी हिस्से में दोनों तरफ गर्भाशय नलिका मौजूद होती है। जो आगे चलकर अंडाशय के पास समाप्त होती है जो गर्भाशय के दोनों ओर मांसपेशियों द्वारा जुड़ी होती है।

जब अंडाशय से अंडा बाहर आता है तो यह गर्भाशय नलिका से होते हुए गर्भाशय में आता है। यदि अंडा निषेचित है तो यह गर्भाशय की दीवार से जुड़कर गर्भ के रूप में विकसित होने लगता है परन्तु यदि यह निषेचित नहीं होता तो मासिक धर्म के दौरान ये बाहर आ जाता है यदि गर्भाशय में कोई अवरोध (फाईबराइड) मौजूद हो तो कभी-कभी अंडा निषेचित होने के बावजूद गर्भ के रूप में विकसित नहीं हो पाता एवं बांझपन की स्थिति भी आ सकती है।

गर्भावस्था में सिस्ट में कभी-कभी के अंडाशय के ऊतकों में असामान्य रूप से अन्य शरीर के ऊतक भी विकसित होते हैं जैसे बाल या दांत। इन असामान्य ऊतकों को डर्माइड सिस्ट कहते हैं। अधिकांश सिस्ट इस हद तक लक्षणविहीन होते हैं कि एक औरत को भी इसका एहसास नहीं हो सकता है और वे एक ही आकार के रहते हैं या अपने आप समाप्त हो जाते हैं।

गर्भावस्था में सिस्ट जोखिम -

  • विकसित देशों में जहां आहार में वसा अधिक होती है सिस्टह का खतरा अधिक हो सकता है ।जो महिलाएं गर्भवती नहीं होती है या अधिक उम्र में अपना पहला बच्चा पैदा करती हैं, उनमें सिस्ट का जोखिम अधिक रहता है ।
  • गर्भावस्था में सिस्ट कई बार अनुवांशिक होता है, जो हानिकारक होता है।
  • आमतौर पर 40 वर्ष से कम उम्र की महिला में हार्मोनल प्रभाव से सिस्ट होते हैं और केवल 'फंक्शनल' सिस्ट होते है जो धीरे-धीरे स्वत: ही कम हो जाते हैं। इसलिए ऐसे में, केवल सिस्ट के आकार का अवलोकन और किसी भी तरह के दर्द अचानक लक्षणों के लिए देखा जाता है, इस प्रकार के सिस्ट ज्यादा जोखिम भरे नहीं होते हैं।
  • जो महिलायें गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती हैं उनमें ऐसे डिम्बग्रंथि सिस्ट या ओवरी सिस्ट का विकास होने की उम्मीद नहीं होती और जोखिम कम होता है।
  • गर्भावस्था में सिस्ट से बतने के लिए समय समय पर जांच कराती रहें और अपने खाने-पीने का विशेष खयाल रखें। सावधानियां बरत कर और जागरूक रह कर आप इस समस्या से बच सकती हैं।

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