
चमकदार त्वचा तो सबको चाहिए होती है लेकिन दुर्भाग्यवश ये सबको नहीं मिलती है. बहुत से लोग मुंहासों से परेशान रहते हैं. ये हमारे शरीर के कई हिस्सों में हो सकते हैं जैसे चेहरे, गले, सीने, पीछे के हिस्सों में या फिर कंधे पर. ग्लैंड में अत्यधिक ऑयल बनने की वजह से मुंहासे हो जाते हैं जिससे दाने हो जाते हैं और दाग-धब्बे भी. हार्मोनल बदलाव भी मुंहासे होने की वजह हो सकते हैं. हालांकि, मुंहासों के इलाज के लिए तरह-तरह के तरीके अपनाए जा सकते हैं.
किसी को भी कई तरह के मुंहासे हो सकते हैं, जो गंभीरता के मामले में भी अलग-अलग हो सकते हैं. बहुत गंभीर मुंहासों का इलाज डर्मेटोलॉजिस्ट से कराया जाना चाहिए. मुंहासों का इलाज कराने से पहले ये जानना जरूरी है कि आप किस तरह के मुंहासे से परेशान हैं.
नॉन-इंफ्लेमेट्री एक्ने, जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है, इसकी वजह से सूजन नहीं होती है और ये आसानी से ठीक हो जाता है. ये निम्न रूप में हो सकता है,
1. ओपन कॉमेडोन Open comedones: डेड स्किन सेल और सीबम के मिलने से स्किन के पोर्स बंद हो जाते हैं जिसकी वजह से ओपन कॉमेडोन हो जाता है. जिनको आम भाषा में ब्लैक हेड बोलते हैं. इसमें बाकी पोर बंद हो जाता है लेकिन इसका ऊपरी हिस्सा खुला रहता है, जिससे रंग काला हो जाता है.
2. क्लोज़ कॉमेडोन Closed comedones: ब्लैकहेड से इतर, क्लोज़ कॉमेडोन या व्हाइट हेड में ऊपर के हिस्से सहित पूरा पोर बंद हो जाता है. इससे स्किन ऊपर की ओर बढ़ती और दाना जैसा बन जाता है.
इंफ्लेमेट्री एक्ने बनने में डेड स्किन सेल और सीबम के अतिरिक्त बैक्टीरिया बड़ा रोल अदा करता है. इसके चार प्रकार होते हैं -
1. पपुल्स Papules: पपुल्स स्किन पर उभरे छोटे, सख्त बंप होते हैं. ऐसा तब होता है जब पोर्स की दीवार सूजन के चलते टूट जाती है. ये बंद पोर्स अक्सर छूने में काफ़ी नाजुक होते हैं और इसके आसपास की स्किन अक्सर गुलाबी होती है.
2. फुंसी Pustules: जब पोर्स की दिवार टूटती है तो फुंसी भी बन सकती है. पपुल्स से इतर, फुंसी में पस भरा होता है. ये आमतौर पर स्किन से आते हैं और लाल होते हैं. इसमें ऊपरी हिस्से पर पीले या सफ़ेद हेड aa जाते हैं.
3. नोडल्स Nodules: नोडल्स तब बनते हैं जब बंद, सूजे पोर्स परेशान करते हैं और बड़े हो जाते हैं. पपुल्स और फुंसी से इतर नोडल्स स्किन में ज्यादा गहराई तक होते हैं.
4. अल्सर Cysts: अल्सर बंद पोर्स होते हैं जो स्किन में गहराई में बनते हैं. ये तब होता है जब सीबम, बैक्टीरिया और डेड स्किन सेल पोर को बंद कर देते हैं. नोडल्स बंद पोर होते हैं जो स्किन की सतह के करीब होते हैं.
मुंहासों को हटाने के लिए इन्हें फोड़ देना बहुत अच्छा लग सकता है लेकिन ऐसा न करने की सलाह ही दी जाती है. मुंहासों को फोड़ने के फायदों से ज्यादा नुकसान हो सकते हैं- ऐसा करने से तेल और डेड स्किन सेल त्वचा की और गहराई में पहुंच जाते हैं. ये अतिरिक्त दबाव फोलिकल की दीवार को तोड़ देता है और संक्रमण वाले तत्व त्वचा के और अंदरूनी हिस्से में पहुंच जाते हैं. इसके परिणामस्वरूप त्वचा को नुकसान होता है. जिसकी वजह से टिशू कम हो सकते हैं और मुंहासों के निशान भी पड़ सकते हैं. अच्छी बात ये है कि मुंहासों का इलाज करने के लिए कुछ आजमाए हुए प्राकृतिक नुस्खे हैं.
एलोवेरा मुंहासे ठीक करने का एक पुराना तरीका है. एलोवेरा में एंटीबैक्टीरियल खासियतें होती हैं जो स्किन को ठंडा और सूजन को कम करके मुंहासे खत्म करने में मदद करती हैं. इसके अतिरिक्त, ये त्वचा से तेल का असर भी कम करता है.
टूथपेस्ट रात भर में मुंहासों को सुखाकर इसके आकार को कम कर देता है. टूथपेस्ट में मिलने वाले सिलिका सूजन को कम करता है और मुंहासों को कम करता है. इसको मुंहासों वाली जगह पर लगाकर रात भर के लिए छोड़ दें और सुबह इसे धो दें.
सूजन के लिए बर्फ कमाल कर सकती है. प्रभावित जगह पर बस बर्फ का टुकड़ा रगड़ने से एंटी इंफ्लेमंट्री और ठंडा असर हो सकता है. स्किन के नीचे की नसों को बर्फ संकुचित कर देगी. जिससे मुंहासों के लाल रंग और परेशानी दोनों में कमी आती है.
शहद में प्राकृतिक एंटीबायोटिक होते हैं जिसके साथ मुंहासे जल्दी ठीक हो जाते हैं. इसका चिपचिपापन गंदगी और अशुद्धता को स्किन से खत्म करता है. इस वजह से ये एक्ने प्रोन स्किन के लिए सबसे अच्छा विकल्प बन जाता है. इसके लिए प्रभावित जगह पर एक बूंद शहद लगा लें. अब सोने से पहले इस पर बैंडेज लगा लें. ये काम करेगा और सुबह आपको मुंहासा दिखेगा भी नहीं. इसके साथ दाग धब्बे भी चले जाएंगे. ऐसे ही परिणाम के लिए मुंहासे की जगह पर नींबू की बूंदें लगाकर रात भर के लिए छोड़ा जा सकता है.
अंडे का सफ़ेद हिस्सा मुंहांसे और इसके निशान दोनों को कम करने में फायदेमंद है. इसमें विटामिन और अमिनो एसिड होते हैं जो स्किन सेल दोबारा बनाने में मदद करते हैं. मुंहासों वाली जगह पर अंडे का सफ़ेद हिस्सा लगाएं और बेहतर रिजल्ट के लिए इसके सूखने का इंतजार करें.
ये बात अब साफ़ हो चुकी है कि मुंहासे दर्द देते हैं लेकिन इन्हें प्राकृतिक तरीकों से ठीक किया जा सकता है. इसके लिए थोड़ा धैर्य बनाए रखने की जरूरत होती है. ऐसे ही जानकारी भरे आर्टिकल पढ़ने के लिए Mylo Family blog को फॉलो करें.




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