
सारांश



अपने नन्हें शिशु को पहला कदम रखते हुए देखने का आप को भी बेसब्री से इंतज़ार होगा. पुराने जमाने में बड़े बुजुर्ग सीख देते थे कि जब बच्चा पहली बार खुद से कदम बढ़ाए तो उसके पाँव पर एक चाँदी का सिक्का रखना चाहिए और नज़र उतारनी चाहिए. असल में चलने की शुरुवात का यही मतलब है कि अब धीरे धीरे आपका बच्चा इंडिपेंडेंट होता जाएगा और इस माइलस्टोन को थोड़ा आसान बनाने के लिए आप अपने नन्हे मुन्ने को एक वॉकर ला कर दे सकते हैं जिसके सहारे से उसे चलना सीखने में मदद मिलेगी. अब आप पूछेंगे कि बच्चे को वॉकर कब दे? तो आइये सबसे पहले जानते हैं कि वौकर किस स्टेज में लाना चाहिए. (baby ko walker kab dena chahiye)
बच्चे के लिए वौकर का इस्तेमाल शुरू करने की कोई फिक्स एज़ नहीं है. सही समय जानने के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा जैसे कि
इन बातों के आधार पर आप को ये पता चल जाएगा कि क्या आपका शिशु वौकर में बैठाने और उसके सहारे से चलना सीखने के लिए तैयार है या नहीं? बच्चा वौकर का सही इस्तेमाल तब कर पाता है जब उसके पैर फर्श को छूने लगें. वॉकर आमतौर पर 4 से 16 महीने की उम्र के बच्चों के लिए बनाया जाता है और इस अवधि के दौरान ऊपर बताई गयी बातों को चैक करके आप अपने बच्चे की रेडिनेस का अंदाज़ा लगा सकते हैं.
बेबी वौकर के इस्तेमाल के कई फायदे हैं. जैसे कि
बेबी वॉकर के उपयोग के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं जैसे कि,
बच्चे का ज़मीन पर पलटना, घुटने के बल चलना और फिर खड़े होने की कोशिश करते हुए धीरे धीरे चलने लग जाना एक नेचुरल प्रक्रिया है. इससे बच्चा ये सीखता है कि उसे खुद को कैसे बैलेंस करना है. जब बच्चा वॉकर ले कर चलना सीखता है तो उसके पहियों के घूमने के साथ बच्चा अपने कूल्हों की मदद से आगे बढ़ने लगता है. लेकिन इस वजह से बच्चे को बैलेंस बनाना सीखने में कोई मदद नहीं मिलती है. वॉकर के इस्तेमाल के बाद भी बच्चे को बैलेंस बनाना खुद से ही सीखना पड़ता है. खुद से चलने वाले बच्चों के शरीर में कई तरह का मसल मूवेमेंट होता रहता है जो वॉकर में बैठने वाले बच्चों में नहीं होता. यह एक बड़ा कारण है कि ऐसे बच्चों को चलना सीखते हुए बैलेंस बनाने में समय लगता है.
वॉकर का इस्तेमाल करना शुरू करते हुए बच्चे की सेफ़्टी से जुड़ी कुछ सावधानियां बरतनी बहुत ज़रूरी हैं. आइये जानते हैं कि हमें किन बातों का ख्याल रखना चाहिए.
बच्चों के लिए बेबी वॉकर के कुछ फायदे और कुछ नुकसान भी हैं. लेकिन पेरेंट्स होने के नाते आपके लिए ये ज़रूरी है कि अपने बच्चे की शारीरिक ग्रोथ और क्षमता के अनुरूप सही उम्र में ही उसे बेबी वौकर में बैठाएँ. दिन में कुछ समय के लिए ही इसका इस्तेमाल करें और इस दौरान बच्चे को अपनी नज़रों के सामने रखें. इस तरह से बच्चे के विकास में रुकावट आए बिना उसे चलना सीखने में मदद मिलेगी और वह सुरक्षित भी रहेगा.
सुरक्षित और मज़ेदार वॉकर जो आपके शिशु को आत्मविश्वास से पहला कदम बढ़ाने में मदद करें.

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