
शिशु का वज़न बढ़ाने का सबसे सुरक्षित और असरदार तरीका उम्र के अनुसार सही पोषण है। 6 महीने से छोटे शिशु के लिए केवल माँ का दूध (एक्सक्लूसिव ब्रेस्टफीडिंग) ही पर्याप्त है, इस उम्र में पानी, घी, ऊपरी दूध या ठोस आहार नहीं देना चाहिए (WHO) (IAP)। 6 महीने के बाद माँ के दूध के साथ-साथ ऊर्जा-घन घरेलू भोजन (दाल, खिचड़ी, मसला केला, शकरकंद, रागी, थोड़ा घी मिलाकर) देना शुरू करें (UNICEF)। मालिश, बार-बार दूध पिलाना और सही latch भी वज़न बढ़ाने में मदद करते हैं। 1 साल से पहले शहद कभी न दें। यदि शिशु का वज़न लगातार न बढ़े, तो डॉक्टर से सलाह लें, घरेलू उपाय डॉक्टर की जगह नहीं लेते।
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शिशु का वज़न बढ़ाने का सबसे अच्छा घरेलू उपाय उम्र के अनुसार सही पोषण है। 6 महीने से छोटे शिशु के लिए केवल माँ का दूध दें (पानी या घी नहीं)। 6 महीने के बाद माँ के दूध के साथ ऊर्जा-घन घरेलू भोजन (दाल, खिचड़ी, घी, केला, शकरकंद, रागी) दें। मालिश और बार-बार दूध पिलाना भी मदद करता है। 1 साल से पहले शहद न दें। वज़न न बढ़े तो डॉक्टर से मिलें।
लेखिका: Mylo एडिटोरियल टीम, Mylo पेरेंटिंग डेस्क मेडिकल रिव्यू: Mylo पीडियाट्रिक एडिटोरियल बोर्ड, Indian Academy of Pediatrics (IAP), WHO और ICMR दिशानिर्देशों के अनुसार अंतिम अपडेट: 17 जून 2026
मेडिकल डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी पेशेवर चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। हर शिशु का विकास अलग होता है। यदि आपके शिशु का वज़न नहीं बढ़ रहा, वह सुस्त है, या ठीक से दूध नहीं पी रहा, तो कोई भी घरेलू उपाय शुरू करने से पहले अपने बाल रोग विशेषज्ञ (पीडियाट्रिशियन) से सलाह लें।
हर शिशु अलग गति से बढ़ता है। चिंता तब करें जब (WHO Growth Standards) (IAP):
याद रखें: एक बार वज़न नापने से घबराएँ नहीं। डॉक्टर समय के साथ बढ़ने के ट्रेंड (growth curve) को देखते हैं, एक संख्या को नहीं (WHO)।
➡️ और पढ़ें: आपके नवजात शिशु का वजन बढ़ाने के तरीके
इस उम्र में शिशु को केवल माँ का दूध चाहिए, यही सबसे शक्तिशाली "वज़न बढ़ाने वाला घरेलू उपाय" है (WHO) (IAP):
| उपाय | कैसे मदद करता है |
|---|---|
| बार-बार दूध पिलाएँ | दिन-रात में 8 से 12 बार; भूख के संकेत मिलते ही पिलाएँ |
| सही latch (पकड़) सुनिश्चित करें | सही पकड़ से शिशु ज़्यादा दूध पीता है |
| दोनों स्तनों से पिलाएँ | पीछे का गाढ़ा दूध (hindmilk) वज़न बढ़ाता है |
| सोते शिशु को जगाकर पिलाएँ | बहुत सोने वाले शिशु को हर 2 से 3 घंटे में पिलाएँ |
| रात का दूध न छोड़ें | रात में दूध उत्पादन ज़्यादा होता है |
| माँ खुद पौष्टिक भोजन ले | अच्छा दूध बनने के लिए माँ की सेहत ज़रूरी |
जो न करें (बहुत ज़रूरी): 6 महीने से पहले पानी, घुट्टी, घी, ऊपरी गाय/भैंस का दूध, फॉर्मूला (बिना डॉक्टर सलाह), या ठोस आहार न दें। इससे संक्रमण और कुपोषण का खतरा बढ़ता है (IAP)।
➡️ और पढ़ें: माँ का दूध (ब्रेस्ट मिल्क) बढ़ाने के पारंपरिक उपाय
6 महीने पूरे होने पर माँ के दूध के साथ ऊर्जा-घन (calorie-dense) घरेलू भोजन शुरू करें (UNICEF) (ICMR):
| उम्र | वज़न बढ़ाने वाले घरेलू भोजन |
|---|---|
| 6 से 8 महीने | मसली हुई दाल, खिचड़ी, मसला केला, उबला-मसला शकरकंद/आलू, रागी पॉरिज, सूजी की खीर, मसला सेब |
| 8 से 10 महीने | दाल-चावल, सब्ज़ी-खिचड़ी में थोड़ा घी, मसला पनीर, दही, उबला अंडे की ज़र्दी, ओट्स पॉरिज |
| 10 से 12 महीने | नरम रोटी-दाल, इडली, मसले फल, घर का बना हलवा (कम चीनी), पूरा उबला अंडा |
सुरक्षा नियम: भोजन नरम और मसला हुआ हो (दम घुटने से बचाव), नमक और चीनी कम, और 1 साल से पहले शहद, गाय का दूध (मुख्य पेय के रूप में) और चोकिंग वाले खाद्य पदार्थ (साबुत मेवे, अंगूर) न दें (AAP)।
➡️ और पढ़ें: बच्चे का वज़न बढ़ाने में मदद करेंगे ये उपाय (Baby Ka Weight Kaise Badhaye)
हाँ, मालिश सहायक होती है। शोध बताते हैं कि नियमित कोमल तेल मालिश शिशु के विकास, नींद और वज़न बढ़ने में मदद कर सकती है, खासकर समय से पहले जन्मे शिशुओं में (NCBI):
मालिश पोषण का विकल्प नहीं है, बल्कि अच्छे दूध/भोजन के साथ एक सहायक उपाय है।
अच्छा दूध बनने के लिए माँ का पोषण ज़रूरी है (ICMR):
| मिथक | तथ्य | स्रोत |
|---|---|---|
| "6 महीने से पहले घी/ऊपरी दूध देने से वज़न बढ़ता है" | गलत और असुरक्षित। केवल माँ का दूध दें | IAP |
| "शहद चटाने से शिशु तंदुरुस्त होता है" | गलत। 1 साल से पहले शहद खतरनाक (बोटुलिज़्म) | AAP |
| "मोटा शिशु ही स्वस्थ होता है" | गलत। स्वस्थ विकास ग्रोथ चार्ट से तय होता है | WHO |
| "वज़न बढ़ाने वाला पाउडर ज़रूरी है" | गलत। घरेलू पौष्टिक भोजन काफी है | UNICEF |
| "गाय का दूध माँ के दूध से बेहतर है" | गलत। 1 साल से पहले मुख्य पेय के रूप में न दें | AAP |
| "ज़बरदस्ती खिलाने से वज़न बढ़ता है" | गलत। इससे शिशु खाना छोड़ सकता है | IAP |
इनमें से कोई बात हो तो बाल रोग विशेषज्ञ से मिलें (WHO) (IAP):
सबसे अच्छा उपाय उम्र के अनुसार सही पोषण है। 6 महीने तक केवल माँ का दूध (बार-बार और सही latch के साथ), और 6 महीने के बाद माँ के दूध के साथ ऊर्जा-घन घरेलू भोजन (दाल, खिचड़ी, घी, रागी, केला) (WHO)। तेल मालिश भी सहायक है।
6 mahine tak sirf maa ka doodh dें (paani, ghee ya upri doodh nahi). 6 mahine ke baad maa ke doodh ke saath energy-dense ghar ka khana dें: dal, khichdi mein thoda ghee, ragi, mashed kela, shakarkand, dahi. Tel maalish bhi madad karti hai. 1 saal se pehle shahad na dें. Agar weight na badhe toh doctor se milें.
नहीं। 6 महीने से पहले शिशु को केवल माँ का दूध देना चाहिए, घी, पानी, घुट्टी या ऊपरी दूध नहीं (IAP)। इस उम्र में ऐसा करना संक्रमण और पाचन समस्याओं का खतरा बढ़ाता है।
माँ के दूध के साथ मसली दाल, खिचड़ी (थोड़ा घी मिलाकर), रागी पॉरिज, मसला केला, शकरकंद, दही और पनीर दे सकती हैं (UNICEF)। भोजन नरम और मसला हुआ हो, नमक-चीनी कम रखें।
हाँ, सहायक होती है। शोध बताते हैं कि नियमित कोमल तेल मालिश शिशु के विकास और वज़न बढ़ने में मदद कर सकती है, खासकर समय से पहले जन्मे शिशुओं में (NCBI)। नारियल या सरसों के तेल से कोमल मालिश करें।
Ghee 6 mahine ke baad, jab solid food shuru hota hai, dal ya khichdi mein 1 chammach milakar de sakte hain. Yeh energy badhata hai aur safe hai. Lekin 6 mahine se pehle ghee bilkul na dें, us umar mein sirf maa ka doodh kaafi hai.
बिना डॉक्टर सलाह के नहीं। बाज़ारू "वज़न बढ़ाने वाले" पाउडर ज़रूरी नहीं हैं और इनमें चीनी ज़्यादा हो सकती है (IAP)। घर का पौष्टिक भोजन (दाल, घी, रागी, दही) ज़्यादा सुरक्षित और असरदार है।
1 साल पूरा होने के बाद ही। 1 साल से पहले शहद देना इन्फैंट बोटुलिज़्म नामक गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ाता है (AAP)। वज़न बढ़ाने के लिए शहद की ज़रूरत नहीं है।
ज़रूरी नहीं। कुछ शिशु स्वाभाविक रूप से दुबले होते हैं। चिंता तब करें जब वज़न WHO ग्रोथ चार्ट पर लगातार गिर रहा हो, या शिशु सुस्त हो (WHO)। डॉक्टर ग्रोथ ट्रेंड देखकर बताएँगे।
नहीं। ज़बरदस्ती खिलाने से शिशु भोजन से दूर हो सकता है और खाने का डर बैठ सकता है (IAP)। शिशु के भूख के संकेतों का सम्मान करें और छोटे-छोटे पौष्टिक भाग दें।




This content is for informational purposes only and should not replace professional medical advice. Consult with a physician or other health care professional if you have any concerns or questions about your health. If you rely on the information provided here, you do so solely at your own risk.

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