
बच्चों की त्वचा बेहद कोमल और मुलायम होती है. लेकिन, अगर उनकी सही से देखभाल ना की जाये तो वह रूखी हो सकती है. गर्भ में होने से लेकर जन्म तक, बच्चों के शरीर पर वर्निक्स की एक परत होती है. वर्निक्स एक मोम जैसी परत होती है जो बच्चों की त्वचा की रक्षा करती है. यह शिशु को गर्म रखने में मददगार होती है और उसकी त्वचा में नमी बनाए रखती है. परंतु, जैसे-जैसे ये उतरती है तब शिशु को त्वचा के रूखेपन का अहसास होता है.
वर्निक्स एक सफेद पदार्थ होता है जो जन्म के वक्त शिशु की त्वचा को कवर करके रखता है. इससे शिशु को बाहरी वातावरण से अपनी त्वचा को बचाने में मदद मिलती है.परंतु, बाहरी वातावरण के संपर्क में आने के बाद, आपके शिशु की त्वचा छिलने लगती है और ऐसे में आपको अपने बच्चे को मॉइश्चराइज़र ज़रूर लगाना चाहिए.
शिशु को मॉइश्चराइज़र लगाने का सबसे अच्छा व उपयुक्त समय क्या है?
जब शिशु की त्वचा रूखी व छिलने लगे; तो ऐसे में आपको अपने शिशु को मॉइश्चराइज़र लगाने की आवश्यकता होती है. शिशु के माथे, कोहनी, हाथ और टखनों से उसकी त्वचा के छिलने की शुरूआत हो सकती है. ऐसे में आपको अपने बच्चे की त्वचा को हाइड्रेटेड और पोषित रखने के लिए खुशबू रहित, सौम्य, विटामिन ई से भरपूर मॉइस्चराइज़र का इस्तेमाल करना चाहिए .
शिशु की त्वचा को मॉइस्चराइज़र लगाने की आवश्यकता क्यों पड़ती है?
नवजात शिशु की त्वचा बेहद नाज़ुक और कोमल होती है. ऐसे में शुष्क हवा, ठंड के मौसम या पानी के संपर्क में आने से त्वचा रूखी हो जाती है. इनसे बच्चे की त्वचा में मौजूद प्राकृतिक तेल सूख जाता है इसलिए शिशु की त्वचा को पपड़ीदार होने से बचाने लिए अधिक मॉइस्चराइज़र इस्तेमाल करने की आवश्यकता हो सकती है. इसके अलावा, ये आपके बच्चे की त्वचा को नर्म और मुलायम बनाता है.
बेबी मॉइस्चराइज़र की मदद से बच्चे की त्वचा के रूखेपन को दूर करने में मदद मिलती है और ये त्वचा के ऊपर एक कवच की तरह काम करता है. बच्चे की त्वचा हाइड्रेटेड होने से त्वचा संबंधी संक्रमण होने की संभावना भी कम हो जाती है.
बच्चे के शरीर पर कितनी बार मॉइस्चराइजर लगाना चाहिए?
यदि बच्चे की त्वचा निर्जलित है, तो रोज़ाना नियमित रूप से बेबी मॉइस्चराइज़र का उपयोग करना उपयुक्त है. हालाँकि, यदि आपके बच्चे की त्वचा अधिक रूखी नहीं और केवल थोड़ी -थोड़ी सी यहाँ-वहाँ से रूखी है, तो आपको बच्चे की त्वचा पर सप्ताह में केवल तीन बार ही मॉइस्चराइजर लगाना चाहिए.
बच्चे की त्वचा पर कौन सा मॉइस्चराइज़र इस्तेमाल करे
बच्चे की नाज़ुक और कोमल त्वचा के लिए ऑर्गैनिक तेल और प्राकृतिक चीज़ों से बने मॉइस्चराइज़र का इस्तेमाल करें. बेबी मॉइस्चराइज़र अधिक गाढ़ा नहीं होना चाहिए और ये शिशु की त्वचा में बहुत जल्दी से अवशोषित होना चाहिए. बच्चे के बेबी मॉइस्चराइज़र में प्राकृतिक चीज़ों के साथ असेन्शल ऑयल, विटामिन ए, डी, और ई भी शामिल होना चाहिए ताकि शिशु की त्वचा को पर्याप्त मात्रा में पोषण मिले और वह स्वस्थ रहे. एक अच्छे बेबी मॉइस्चराइज़र में बादाम का तेल, ग्लिसरीन और शीया बटर जैसे पौष्टिक तत्व ज़रूर होने चाहिए. यदि आप अपने शिशु के लिए रसायन मुक्त मॉइस्चराइज़र ख़रीदने के बारें में सोच रहें हैं, तो ऐसे में माइलो केयर डेली मॉइस्चराइजिंग लोशन बिलकुल उपयुक्त है. ये चिकनाईरहित है और आपके बच्चे की नाज़ुक त्वचा के लिए बिलकुल उपयुक्त है.
ऐसे में अगर आपके बच्चे की त्वचा रूखी है, तो आप बच्चे को सप्ताह में तीन बार मॉइस्चराइज करें. ये आपके बच्चे के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है अन्यथा जब तक कि आपके डॉक्टर द्वारा निर्देशित न किया जाए.
Yes
No















Priyanka is an experienced editor & content writer with great attention to detail. Mother to an 11-year-old, she's a ski




Agr bacche ka rang km ho jaye to kiya kare Please bataye
Your body needs extra nutrition this trimester - these can help.





This content is for informational purposes only and should not replace professional medical advice. Consult with a physician or other health care professional if you have any concerns or questions about your health. If you rely on the information provided here, you do so solely at your own risk.

Mylo wins Forbes D2C Disruptor award

Mylo wins The Economic Times Promising Brands 2022
Baby Carrier | Baby Soap | Baby Wipes | Stretch Marks Cream | Baby Cream | Baby Shampoo | Baby Massage Oil | Baby Hair Oil | Stretch Marks Oil | Baby Body Wash | Baby Powder | Baby Lotion | Diaper Rash Cream | Newborn Diapers | Teether | Baby Kajal | Baby Diapers Pants | Cloth Diapers | Laundry Detergent | Lactation Granules |