
सारांश



मेरी बचपन की सहेली नीतू ने हाल ही में एक लड़की को जन्म दिया,और इसी लिए मैं आज उसे बधाई देने के लिए उसके घर गई. लेकिन, मैंने देखा कि नीतू बहुत ही परेशान थी... उसके बाल उलझे हुए से, नींद पूरी ना होने की वजह से उसकी आँखों के नीचे सूजन थी. मुझे ये सब देखकर बिलकुल भी अच्छा नहीं लगा क्योंकि कॉलेज के वक्त हर बात पर खिलखिलाने वाली लड़की, माँ बनने के बाद बहुत उदास रहने लगी थी. मुझे यह देखकर बहुत ही अजीब लगा क्योंकि नीतू अपने शिशु को दूध पिलाने के वक्त बहुत ही खीझ रही थी और बार-बार अपने शिशु को दूध पिलाते हुए बड़बड़ा रही थी. मुझे ये देखकर बिलकुल भी अच्छा नहीं लगा और मैंने नीतू से पूछ ही लिया कि तुम इतना परेशान क्यों हो, क्या रमेश से तुम्हारा झगड़ा हुआ है या ससुराल में किसी बात को लेकर परेशानी है.
तभी उसने मुझे बीच में टोकते हुए बोला, नहीं-नहीं ऐसा कुछ भी नहीं है बल्कि सोनू (बेटे का नाम) के आने के बाद तो रमेश और बाकि के घरवाले मुझे और भी ज़्यादा प्यार करने लगे हैं. दरअसल, मैं जब भी सोनू को दूध पिलाने लगती हूँ तो पता नहीं क्यों यह इधर-उधर देखने लगता है, जिस वजह से वो सही तरीके से दूध नहीं पी पाता और फिर थोड़ी-थोड़ी देर बाद दूध पीता है. इस वजह से मैं पूरा दिन ना तो कोई काम कर पाती हूँ और ना ही आराम, मुझे बिलकुल भी समझ नहीं आता कि मैं अपने सोनू को कैसे दूध पिलाऊँ कि उसका इधर-उधर ध्यान भी ना भटके और वो आराम से दूध भी पी ले. तभी मैंने नीतू को समझाते हुए बोला कि ऐसा कई वजह से हो सकता है क्योंकि यही समस्या मेरी बेटी तान्या के साथ भी थी. तब मैंने नीतू को विस्तार से समझाया कि आखिर क्यों बच्चों का दूध पीते हुए ध्यान भटकता है और उन्हें ऐसा करने से कैसे रोकें.
मेरी बेबी चार महीने की हो गई है, पहले वो अच्छे से दूध पीती थी. लेकिन अब उतना अच्छे से दूध नहीं पीती है, इसके पीछे क्या कारण हो सकता है प्लीज़ बताइए ?
अक्सर जब शिशु का विकास हो रहा होता है, तो वह कई तरह के मोटर सिक्लस व नए कौशल सीख रहा होता है, तो ज़ाहिर सी बात है ऐसे में उसका ध्यान भटक सकता है. लेकिन, इसका मतलब ये नहीं कि उसका स्तनपान (breastfeeding meaning in hindi) से ध्यान हट रहा है बल्कि इससे इस बात पर असर पड़ेगा कि दिन में वह कितनी बार और कितनी देर तक स्तनपान करता है. बता दें, इस वक्त वो स्तनपान करने की बजाय इधर-उधर पड़ी चीज़ों को उत्साहपूर्वक देखना पसंद करेगा.
मेरा बेटा दो माह का है और जब मैं उसे फ़ीड करवाती हूँ, तो वो स्तन को बहुत तेज़ी से चूसता है, जिससे मुझे कभी-कभी ये डर लगता है कि कहीं उसकी साँस ना अटक जाए. ऐसे में मैं उसे कैसे फ़ीड करवाऊँ कि उसे कोई परेशानी ना हो?
बता दें, शिशु को स्तनदूध पीते वक्त स्तन का पूरा अग्रभाग मुंह में लेना चाहिए ताकि वह सही तरीके से दूध पी सके. इसके अलावा, अगर आपका शिशु थोड़ा बड़ा भी हो गया है, तो भी उसकी लैच पर नज़र ज़रूर रखें क्योंकि अगर आपके शिशु ने दूध पीते हुए स्तन मुंह में अच्छे से नहीं लिया, तो उसके लिए स्तनदूध निकाल पाना भी बेहद कठिन होगा. ऐसे में आपको स्तनपान (breastfeeding meaning in hindi) के दौरान दर्द व असहजता महसूस हो सकती है.
सही सहारे और देखभाल के साथ आपका स्तनपान अनुभव शिशु और आपके लिए सुखद और आरामदायक बन सकता है.

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