
प्रेग्नेंसी का दूसरा ट्राइमेस्टर वह समय होता है, जब आपके पेट का आकार बढ़ने लगता है और आपकी बॉडी थोड़ी स्टेबल हो जाती है. इस समय प्रीनेटल योग आपके लिए और भी फ़ायदेमंद साबित हो सकता है. चलिए इस आर्टिकल के ज़रिये आपको बताते हैं कि प्रेग्नेंसी की दूसरी तिमाही में आप किन योगासन को कर सकते हैं और आपको इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
प्रेग्नेंसी की दूसरी तिमाही में योग करने से आपको कुछ इस तरह के फ़ायदे हो सकते हैं;
दूसरी तिमाही में योग करने से बॉडी की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ जाती है. साथ ही स्टेमिना में भी सुधार होता है.
प्रेग्नेंसी की दूसरी तिमाही में पेट दर्द और कमर दर्द बहुत ही आम होता है. ऐसे में प्रीनेटल योग आपको इस दर्द से राहत दे सकता है.
अक्सर प्रेग्नेंसी की दूसरी तिमाही तक आते-आते गर्भवती महिलाएँ नींद न आने की शिकायत करने लगती है. ऐसे में योग आपको अच्छी नींद लेने में मदद कर सकता है.
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प्रेग्नेंसी की दूसरी तिमाही में आप बद्धकोणासन, बालासन और त्रिकोणासन जैसे योगासान कर सकते हैं. चलिए आपको इन योगासन को करने का सही तरीक़ा बताते हैं.
यह आसान आपके हिप्स और लोअर बैक को रिलेक्स करता है, जिससे आपका कमर दर्द कम होता है. साथ ही, इस योगासन से आपको डिलीवरी के समय आसानी होती है.
इस आसान को करने के लिए सबसे पहले सीधे बैठें.
अब अपने पैरों को आपस में मिलाएँ और अपने पैरों के तलवों को अपनी बॉडी के पास ले जाएँ.
धीरे-धीरे अपने घुटनों को नीचे की तरफ़ ले जाएँ और एक कंफर्टेबल स्ट्रेट महसूस करें.
चाइल्ड पोज़ या बालासन एक रिलेक्सिंग आसान है, जो प्रेग्नेंसी के दौरान स्ट्रेस को कम करता है.
इस आसान को करने के लिए आपको अपने हाथ और घुटनों के बल बैठना होगा.
अब अपने हिप्स को अपनी हिल्स की ओर ले जाएँ और अपने सिर को फ्लोर पर रखें.
एक बार करने के बाद इस प्रोसेस को धीरे-धीरे दोहराएँ.
त्रिकोणासन की मदद से आपके पैरों और कमर की मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं. यह आसान आपके बैलेंस को सुधारने में मदद करता है और इससे आपका पोस्चर भी बेहतर बना रहता है.
इस आसान को करने के लिए अपना एक पैर आगे की तरफ़ रखें और दूसरे पैर को साइड की तरफ फैलाएँ.
अपने एक हाथ को फ्लोर पर रखें और दूसरे हाथ को ऊपर की ओर स्ट्रेच करें.
उत्तानासन एक महत्वपूर्ण आसान होता है.
इस आसान को करने के लिए आपको खड़े रहकर अपने पैरों को हिप्स के पास लाना है.
अब अपने हाथों को पैरों के पास ले जाते हुए धीरे-धीरे अपने शरीर को नीचे की तरफ़ झुकाएँ.
आप इस पोजीशन में 30 सेकंड के लिए रह सकते हैं.
प्रेग्नेंसी के दूसरे ट्राइमेस्टर में योग करते समय अगर आपको कुछ अलग दर्द या लक्षण महसूस होते हैं, तो योग न करें और अपने डॉक्टर से परामर्श करें.
ओवर स्ट्रेचिंग से बचें. योग के दौरान अपनी बॉडी को ज़्यादा स्ट्रेच न करें, क्योंकि इससे आपको चोट लगने की आशंका बढ़ सकती है.
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प्रेग्नेंसी के दौरान किसी भी योगासन को करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से ज़रूर सलाह ले लें. हर महिला की प्रेग्नेंसी अलग होती है. एक्सपर्ट आपकी मेडिकल कंडीशन के आधार पर आपको सही सलाह देंगे.
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