लो लिबिडो का मतलब है सेक्स में रुचि का कम होना या बिल्कुल न रहना। यह बहुत आम है और जीवन के किसी न किसी पड़ाव पर 5 में से 1 पुरुष तक और महिलाओं में इससे भी ज़्यादा को प्रभावित करता है, और आमतौर पर इसका इलाज संभव है (NHS) (Cleveland Clinic)। इसके कारण अक्सर शारीरिक और भावनात्मक कारकों का मिलाजुला रूप होते हैं: हार्मोनल बदलाव (गर्भावस्था, स्तनपान और मेनोपॉज़ सहित), तनाव, थकान, रिश्ते की मुश्किलें, डिप्रेशन या चिंता, डायबिटीज़ जैसी लंबी बीमारियाँ, और कुछ दवाइयाँ जैसे कुछ ख़ास एंटीडिप्रेसेंट और ब्लड प्रेशर की दवाइयाँ (NHS)। इलाज कारण पर निर्भर करता है और इसमें किसी अंतर्निहित बीमारी का इलाज करना, दवा में बदलाव, काउंसलिंग या सेक्स थेरेपी, जीवनशैली में बदलाव, और कुछ महिलाओं के लिए ख़ास तौर पर डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयाँ शामिल हो सकती हैं। यह कोई व्यक्तिगत कमी नहीं है, और एक डॉक्टर आपको कारण और सही तरीका ढूँढने में मदद कर सकते हैं।
लो लिबिडो का मतलब है यौन गतिविधि में रुचि का कम होना। यह महिलाओं और पुरुषों दोनों में आम है और आमतौर पर इसके पीछे शारीरिक और भावनात्मक कारणों का मिलाजुला रूप होता है, जैसे हार्मोनल बदलाव, तनाव, थकान, रिश्ते की समस्याएँ, डिप्रेशन, लंबी बीमारी या कुछ दवाइयाँ। कारण पता चलने के बाद यह अक्सर अस्थायी और इलाज योग्य होता है। इलाज में काउंसलिंग, जीवनशैली में बदलाव, दवाइयों में समायोजन, किसी अंतर्निहित बीमारी का इलाज, और कभी-कभी डॉक्टर द्वारा दी गई दवा शामिल हो सकती है। अगर लो लिबिडो आपको परेशान करता है या आपके रिश्ते पर असर डालता है, तो डॉक्टर से मिलें।
Author: Mylo Editorial Team, Mylo Parenting Desk Medically reviewed by: Mylo Editorial Board, NHS, Cleveland Clinic और FOGSI के दिशानिर्देशों के अनुरूप Last updated: 6 जुलाई 2026
Medical Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है और यह पेशेवर चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। लो लिबिडो के कई अंतर्निहित कारण हो सकते हैं, जिनमें से कुछ को इलाज की ज़रूरत होती है। किसी भी प्रिस्क्रिप्शन दवा या सप्लीमेंट को डॉक्टर के बिना शुरू न करें। अगर यौन इच्छा में कमी आपको परेशान करती है, आपके रिश्ते पर असर डालती है, या इसके साथ अन्य लक्षण भी हों (जैसे दर्द, थकान या उदासी), तो डॉक्टर से बात करें।
लिबिडो यौन गतिविधि में आपकी समग्र रुचि या इच्छा है। लो लिबिडो (जिसे लो सेक्स ड्राइव भी कहते हैं) का मतलब है सेक्स की इच्छा पहले से कम बार होना या कम तीव्रता से होना, या फिर जितना आप चाहते हैं उससे कम (Cleveland Clinic)।
इच्छा हर व्यक्ति में स्वाभाविक रूप से अलग होती है और जीवन भर बदलती रहती है, इसलिए कोई "सामान्य" संख्या नहीं होती। जो मायने रखता है वह यह है कि क्या यह बदलाव आपको परेशान करता है या आपके रिश्ते पर असर डालता है। जब इच्छा में लंबे समय तक बनी रहने वाली कमी परेशानी का कारण बनती है, तो डॉक्टर कभी-कभी इसे हाइपोएक्टिव सेक्शुअल डिज़ायर डिसऑर्डर (HSDD) कहते हैं या, महिलाओं में, फीमेल सेक्शुअल इंटरेस्ट/अराउज़ल डिसऑर्डर कहते हैं (StatPearls / NCBI)।
एक अहम बात: लो लिबिडो आम है और यह कोई व्यक्तिगत कमी नहीं है। इसका आमतौर पर कोई पहचाना जा सकने वाला कारण होता है जिसका समाधान किया जा सकता है।
यह बहुत आम है। यौन इच्छा में कमी जीवन के किसी न किसी पड़ाव पर 5 में से 1 पुरुष तक, और महिलाओं में इससे भी ज़्यादा को प्रभावित करती है (NHS) (Cleveland Clinic)। यह उम्र के साथ और गर्भावस्था, स्तनपान तथा मेनोपॉज़ जैसे हार्मोनल बदलावों के आसपास अधिक आम हो जाती है।
इसका कोई एक अकेला कारण शायद ही कभी होता है। लो लिबिडो आमतौर पर शारीरिक, भावनात्मक और जीवनशैली से जुड़े कारकों के मेल से होता है (NHS) (Mayo Clinic):
| श्रेणी | उदाहरण |
|---|---|
| हार्मोनल बदलाव | गर्भावस्था, स्तनपान और प्रसव के बाद का समय; मेनोपॉज़ और estrogen का गिरना; कम testosterone; थायरॉइड की समस्याएँ |
| भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य | तनाव, चिंता, डिप्रेशन, उदासी, कम आत्मसम्मान, अपने शरीर की छवि को लेकर चिंता, बीते समय का कोई आघात |
| रिश्ते से जुड़े कारक | झगड़े, बातचीत की कमी, भावनात्मक नज़दीकी का अभाव, भरोसे की समस्याएँ |
| चिकित्सीय स्थितियाँ | डायबिटीज़, दिल की बीमारी, कम सक्रिय थायरॉइड, लंबे समय तक रहने वाला दर्द या बीमारी, कैंसर |
| दवाइयाँ | कुछ एंटीडिप्रेसेंट, ब्लड प्रेशर की दवाइयाँ, और हार्मोनल गर्भनिरोधक (पिल, पैच, इम्प्लांट) |
| जीवनशैली से जुड़े कारक | थकान और नींद की कमी, ज़्यादा काम, बहुत अधिक शराब, धूम्रपान, नशीली दवाइयाँ |
| अन्य शारीरिक कारण | दर्दनाक सेक्स, इरेक्शन या स्खलन की समस्याएँ, सर्जरी या रेडिएशन के दुष्प्रभाव |
चूँकि ये कारण आपस में जुड़े होते हैं और एक-दूसरे को बढ़ाते हैं, इसलिए डॉक्टर का मूल्यांकन यह पहचानने में मदद करता है कि असल में क्या हो रहा है।
मुख्य संकेत बस यह है कि पहले की तुलना में सेक्स में कम रुचि। इसके साथ, लोग यह भी महसूस कर सकते हैं (Cleveland Clinic):
ध्यान दें: इच्छा में कमी अपने आप में कोई समस्या नहीं है, जब तक कि यह आपको या आपके साथी को परेशान न करे। यह परेशानी या रिश्ते पर पड़ने वाला असर ही है जो इसे ध्यान देने योग्य बनाता है।
डॉक्टर से मिलने पर विचार करें अगर (NHS):
डॉक्टर अंतर्निहित कारणों की जाँच कर सकते हैं और इलाज पर चर्चा कर सकते हैं। भारत में, आप किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट), सामान्य चिकित्सक (जनरल फ़िज़िशियन), या किसी योग्य यौन-स्वास्थ्य विशेषज्ञ या काउंसलर से शुरुआत कर सकते हैं।
इलाज कारण के अनुसार तय किया जाता है, और अक्सर एक से अधिक तरीके एक साथ अपनाए जाते हैं (Cleveland Clinic) (Mayo Clinic):
| तरीका | इसमें क्या शामिल है |
|---|---|
| अंतर्निहित कारण का इलाज | डायबिटीज़, थायरॉइड या दिल की बीमारी को संभालना; डिप्रेशन या चिंता का इलाज; दर्दनाक सेक्स या योनि के सूखेपन का समाधान |
| दवाइयों की समीक्षा | अगर कोई दवा इच्छा को कम कर रही है, तो डॉक्टर उसकी खुराक में बदलाव या दवा बदल सकते हैं, इसे अपने आप कभी बंद न करें |
| काउंसलिंग और थेरेपी | साइकोथेरेपी, कपल्स काउंसलिंग या सेक्स थेरेपी तनाव, आत्मसम्मान, आघात या रिश्ते की समस्याओं में मदद कर सकती है |
| जीवनशैली में बदलाव | बेहतर नींद, नियमित व्यायाम, तनाव प्रबंधन, और शराब तथा धूम्रपान में कमी |
| हार्मोन थेरेपी | मेनोपॉज़ से जुड़े लो लिबिडो के लिए, डॉक्टर उपयुक्त होने पर estrogen या अन्य हार्मोन थेरेपी पर विचार कर सकते हैं |
| ख़ास तौर पर दी जाने वाली दवाइयाँ | निदान की गई इच्छा-संबंधी समस्या (HSDD) वाली प्रीमेनोपॉज़ल महिलाओं के लिए, FDA द्वारा स्वीकृत दवाइयाँ जैसे flibanserin या bremelanotide विकल्प हो सकती हैं, केवल डॉक्टर की देखरेख में (Cleveland Clinic) |
flibanserin के बारे में एक बात: यह एक रोज़ाना रात को सोते समय ली जाने वाली गोली है जो ख़ास तौर पर HSDD वाली प्रीमेनोपॉज़ल महिलाओं के लिए स्वीकृत है, यह हर किसी के लिए कोई सामान्य "लिबिडो बूस्टर" नहीं है। इससे ब्लड प्रेशर कम होना, नींद आना और चक्कर आ सकते हैं, और शराब के साथ ये और भी बदतर हो जाते हैं, इसलिए इसका इस्तेमाल चिकित्सीय देखरेख में ही होना चाहिए (Cleveland Clinic)।
आपको शहद, ginseng, maca की जड़, "लिबिडो ऑयल" या क्रीम को तुरंत असर करने वाले उपाय के रूप में बेचते हुए देखने को मिल सकता है। सावधान रहें: इनमें से ज़्यादातर के लिए प्रमाण सीमित या मौजूद ही नहीं हैं, इन्हें दवाइयों की तरह नियंत्रित नहीं किया जाता, और कुछ प्रिस्क्रिप्शन दवाइयों के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं (Mayo Clinic)। लो लिबिडो शायद ही कभी एक दिन में ठीक होने वाली चीज़ है। संतुलित आहार, अच्छी नींद, तनाव प्रबंधन और अंतर्निहित कारण का इलाज किसी भी अकेले उत्पाद से कहीं ज़्यादा मदद करते हैं। कोई भी सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से बात करें, और रातोंरात नतीजे देने का वादा करने वाले उत्पादों से सावधान रहें।
संतुलित आहार समग्र और यौन स्वास्थ्य दोनों को सहारा देता है। कुछ पोषक तत्वों की कमी, जैसे zinc (एक खनिज (मिनरल) जो testosterone के लिए ज़रूरी है), आयरन, vitamin D, vitamin B12, मैग्नीशियम और फोलेट, थकान और कम इच्छा में योगदान दे सकती है (Cleveland Clinic)। फलों, सब्ज़ियों, साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर विविध आहार लेना इन्हें पाने का सबसे अच्छा तरीका है। सप्लीमेंट कोई इलाज नहीं हैं, और कुछ विटामिन या खनिजों की बहुत अधिक मात्रा नुकसानदेह हो सकती है, इसलिए सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से जाँच कर लें।
| मिथक | तथ्य | स्रोत |
|---|---|---|
| "लो लिबिडो दुर्लभ या असामान्य है" | यह बहुत आम है, 5 में से 1 पुरुष तक और महिलाओं में इससे भी ज़्यादा को प्रभावित करता है | NHS |
| "यह सब आपके दिमाग़ का वहम है" | इसके पीछे आमतौर पर शारीरिक और भावनात्मक कारणों का मिलाजुला रूप होता है; यह काल्पनिक नहीं है | Cleveland Clinic |
| "कोई टॉनिक या तेल रातोंरात लिबिडो बढ़ा सकता है" | ऐसे ज़्यादातर उत्पाद अप्रमाणित, अनियंत्रित और एक दिन में ठीक करने वाले नहीं हैं | Mayo Clinic |
| "एक ऐसी गोली है जो हर किसी का लो लिबिडो ठीक कर देती है" | flibanserin जैसी दी जाने वाली दवाइयाँ केवल एक ख़ास निदान वाली प्रीमेनोपॉज़ल महिलाओं के लिए हैं, वह भी डॉक्टर की देखरेख में | Cleveland Clinic |
| "लो लिबिडो का मतलब है कि आप में कोई ख़राबी है" | यह आम है और अक्सर अस्थायी होता है, कोई व्यक्तिगत कमी नहीं | NHS |
| "इसके बारे में कुछ नहीं किया जा सकता" | कई मामलों में अंतर्निहित कारण का इलाज करके इच्छा को वापस लाया जा सकता है | Cleveland Clinic |
हाँ, कई मामलों में। जब अंतर्निहित कारण का इलाज किया जाता है, जैसे किसी दवा में बदलाव, तनाव या डिप्रेशन को संभालना, किसी हार्मोनल या थायरॉइड समस्या का इलाज, या रिश्ते की समस्याओं का समाधान, तो यौन इच्छा अक्सर वापस आ सकती है (Cleveland Clinic)।
यह इसके कारण पर निर्भर करता है। सबसे पहले डॉक्टर से मिलकर कारण समझें, क्योंकि यह अक्सर शारीरिक और भावनात्मक दोनों चीज़ों का मेल होता है (हार्मोनल बदलाव, तनाव, थकान, डिप्रेशन, रिश्ते की समस्याएँ, या कोई दवा)। इलाज में काउंसलिंग या सेक्स थेरेपी, जीवनशैली में बदलाव (अच्छी नींद, व्यायाम, कम शराब), अंतर्निहित बीमारी का इलाज, या कुछ मामलों में डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा शामिल हो सकती है (NHS)। किसी भी टॉनिक, तेल या दवा को डॉक्टर की सलाह के बिना इस्तेमाल न करें।
इसकी कोई तय उम्र नहीं है। इच्छा जीवन भर स्वाभाविक रूप से घटती-बढ़ती रहती है, जो हार्मोन, तनाव, सेहत और रिश्तों से प्रभावित होती है, और उम्र के साथ यह आमतौर पर धीरे-धीरे कम हो जाती है (NHS)। किसी भी उम्र में अचानक या परेशान करने वाले बदलाव पर डॉक्टर से चर्चा करना ज़रूरी है।
हाँ, बहुत आम है और आमतौर पर अस्थायी होता है। थकान, हार्मोनल बदलाव (ख़ासकर स्तनपान के दौरान), शारीरिक रूप से ठीक होना और नवजात शिशु की देखभाल की ज़िम्मेदारियाँ, ये सभी इच्छा को कम करते हैं। यह आमतौर पर समय, आराम और सहारे के साथ बेहतर हो जाता है; अगर यह बना रहे या आपको परेशान करे तो डॉक्टर से मिलें (NHS)।
संतुलित आहार समग्र और यौन स्वास्थ्य दोनों के लिए अच्छा होता है। कुछ पोषक तत्वों की कमी, जैसे zinc (जो एक खनिज (मिनरल) है, विटामिन नहीं), आयरन, vitamin D, B12, मैग्नीशियम या फोलेट, थकान और कम इच्छा में योगदान दे सकती है (Cleveland Clinic)। लेकिन सप्लीमेंट कोई इलाज नहीं हैं, और किसी विटामिन/खनिज की बहुत ज़्यादा मात्रा नुकसान भी कर सकती है। इसलिए सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से पूछें; संतुलित खाना सबसे बेहतर तरीका है।
ज़्यादातर बिना पर्ची के मिलने वाले सप्लीमेंट और "लिबिडो ऑयल" के लिए प्रमाण सीमित या मौजूद ही नहीं हैं, और इन्हें दवाइयों की तरह नियंत्रित नहीं किया जाता। कुछ अन्य दवाइयों के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं। ये कोई भरोसेमंद या रातोंरात असर करने वाला उपाय नहीं हैं, इसलिए प्रचार के दावों को सावधानी से लें और डॉक्टर से सलाह करें (Mayo Clinic)।
हाँ। कुछ एंटीडिप्रेसेंट, ब्लड प्रेशर की दवाइयाँ और हार्मोनल गर्भनिरोधक सेक्स ड्राइव को कम कर सकते हैं। अगर आपको लगता है कि कोई दवा आपके लिबिडो पर असर डाल रही है, तो अपने डॉक्टर से बात करें, जो खुराक में बदलाव या दवा बदल सकते हैं। कोई प्रिस्क्रिप्शन दवा अपने आप बंद न करें (NHS)।
आमतौर पर यह किसी ख़तरनाक चीज़ के बजाय तनाव, हार्मोन, रिश्तों या दवा के कारण होता है। लेकिन चूँकि डायबिटीज़, थायरॉइड की बीमारी, डिप्रेशन और दिल की बीमारी जैसी स्थितियाँ इच्छा को कम कर सकती हैं, इसलिए किसी लगातार बने रहने वाले या अचानक हुए बदलाव की जाँच कराना ज़रूरी है (Cleveland Clinic)।
This content is for informational purposes only and should not replace professional medical advice. Consult with a physician or other health care professional if you have any concerns or questions about your health. If you rely on the information provided here, you do so solely at your own risk.

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