
प्रेग्नेंसी अपने आप में ही बहुत खूबसूरत समय होता है. भले ही इस समय होने वाली माँ को कितनी ही चुनौतियों का सामना क्यों न करना पड़े, पर फिर भी बच्चे के जन्म को लेकर वे बहुत ही उत्साहित रहती है. ऐसे में हमारे देश में एक पारंपरिक रस्म है, जिसमें होने वाले बच्चे और माँ दोनों को सेहतमंद और लम्बी आयु होने का आशीर्वाद देने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया जाता है. इसे गोद भराई या अंग्रेजी में बेबी शॉवर (Baby shower meaning in hindi) भी कहते हैं. दरअसल, हिन्दुओं में 16 संस्कारों का ज़िक्र किया जाता है, जिसकी शुरुआत गर्भधान संस्कार से ही हो जाती है. शिशु में बेहतर संस्कार हों, इसके लिए जन्म से पहले ही गर्भ में पल रहे शिशु को रामायण आदि का पाठ सुनाया जाता है, क्योंकि माना जाता है कि गर्भ में रहते हुए भी शिशु बाहरी आवाज़ों को सुन सकता है. इसी परम्परा को आगे और अपने करीबी लोगों के बीच अपनी खुशियों को बांटने से जुड़ी एक रस्म है, गोद भराई।
बेबी शॉवर, जिसे हिंदी में गोद भराई कहते हैं, एक पारंपरिक भारतीय रस्म है जो गर्भावस्था के 7वें या 8वें महीने में होने वाली माँ के लिए की जाती है। इस रस्म में परिवार और सहेलियाँ मिलकर माँ को आशीर्वाद, फल, मिठाई, कपड़े और गहने भेंट करती हैं ताकि उसकी और बच्चे की सेहत अच्छी रहे।
बच्चे के जन्म से पहले ही उसके आने का स्वागत करने की रस्म है, बेबी शॉवर या गोद भराई (godh bharai ki rasam). इस रस्म में परिवार के सदस्यों के साथ-साथ परिचित लोग, खासकर महिलाएं शामिल होती हैं. ये महिलाएं होने वाली माँ को उपहार देने के साथ-साथ ही बच्चे की लम्बी आयु और सेहतमंद भविष्य और माँ के लिए आने वाला समय ढेरों खुशियाँ लेकर आए, इस प्रकार की दुआएं भी देती हैं. जिससे अब तक अपनी प्रेगनेंसी को लेकर डरी हुई एक माँ का मनोबल भी बढ़ता है. गोद भराई शब्द का मतलब इस रस्म के दौरान माँ को मिलने वाले आशीर्वाद से भी लगाया जा सकता है, जिसका सीधे-सीधे मतलब होता है कि अब हमेशा के लिए उसकी गोद भरी रहे और उसके बच्चे की आयु लम्बी हो.
इस रस्म के समय घर में विशेष पूजा रखी जाती है. इसके अलावा घर की ही बुज़ुर्ग महिलाएं होने वाली माँ और बच्चे को आशीर्वाद देती हुई गीत गाती हैं और माँ का पूरा श्रृंगार किया जाता है. माँ को हल्दी, मेहंदी, बालों में गजरा आदि भी लगाया जाता है और साथ ही साथ मेहमानों को भी इस तरह की चीज़ें बाँटी जाती हैं. हँसी-मज़ाक के साथ-साथ माँ को विभिन्न प्रकार के पकवान खिलाने और कहीं-कहीं तो उसे झूला झूलाने की भी परम्परा है.
गोद भराई की रस्म आमतौर पर गर्भावस्था के 7वें महीने में, शुक्ल पक्ष के शुभ मुहूर्त में की जाती है। कुछ परिवार इसे 8वें महीने में भी करते हैं। सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार शुभ माने जाते हैं। राहुकाल और अमावस्या से बचें, और पंडित जी से मुहूर्त जरूर निकलवाएँ ताकि माँ और बच्चे पर शुभ प्रभाव पड़े।
अलग-अलग कम्युनिटी या समुदाय के लोग अलग-अलग समय पर गोद भराई की रस्म को करते हैं. लेकिन किसी भी महिला की गोद भराई की रस्म, उसके मातृत्व हासिल करने के आखिरी पड़ाव यानी आखिरी तिमाही में ही की जाती है. इसके पीछे की सोच है कि प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही के दौरान होने वाली माँ और बच्चा, दोनों की सुरक्षा पर बहुत कम या न के बराबर संकट होता है. इस समय में माँ भी इस तरह के कार्यक्रम में भाग ले सकती है. इसलिए कुछ लोग प्रेग्नेंसी का सातवाँ महीना पूरा होने के बाद अपने घर में गोद भराई का कार्यक्रम करते हैं तो कुछ आठवाँ महीना बीत जाने के बात बेबी शॉवर का आयोजन करते हैं. हमारे देश में कुछ कम्युनिटीज़ ऐसी भी हैं, जहां गोद भराई की रस्म नहीं होती. यह बात बेहद दिलचस्प है कि आजकल कुछ हॉस्पिटल्स भी अपनी तरफ से माँ और होने वाले बच्चे के लिए बेबी शॉवर आदि का आयोजन करते हैं, जिसमें वे होने वाली माँ के लिए ख़ास फोटोशूट और गिफ्ट्स आदि की व्यवस्था भी करते हैं.
गोद भराई में सबसे अच्छे गिफ्ट हैं - होने वाली माँ के लिए आरामदायक मैटरनिटी कपड़े, स्ट्रेच मार्क क्रीम, प्रेगनेंसी पिलो, पौष्टिक ड्राई फ्रूट्स, और गहने। बच्चे के लिए नरम सूती कपड़े, झबला सेट, डायपर, बेबी ब्लैंकेट और चांदी की पायल शुभ माने जाते हैं। चांदी के सिक्के और शगुन का लिफाफा भी पारंपरिक रूप से दिए जाते हैं।
बेबी शॉवर क्योंकि होने वाली माँ और बच्चे दोनों को आशीर्वाद देने के लिए आयोजित किया जाता है, इसलिए इस फंक्शन में बच्चे और माँ दोनों से जुड़ी हुई वस्तुएं ही होने वाली माँ को गिफ्ट के रूप में दी जाती हैं. इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे ही गिफ्ट्स के ऑप्शंस के बारे में बता रहे हैं, जिनके बारे में आप भी विचार कर सकती हैं.
बेबी हैंड एंड फुट प्रिंट किट (Baby hand and foot print kit)
न्यू बॉर्न बेबी जम्पर सूट्स (New born baby jumper suits)
न्यू बॉर्न बेबी ग्रूमिंग किट (New born baby grooming kit)
न्यू बॉर्न बेबी बेथिंग किट (New born baby bathing kit)
बेबी ब्लैंकेट (Baby blanket)
बेबी पिल्लो (Baby pillow)
बेबी रैट्ल्ज़ (Baby rattles)
बेबी बूटीज़ (Baby booties)
क्लॉथ डायपर बास्केट (cloth diapers’ basket)
पर्सनलाइज़्ड फोटोफ्रेम, मग्स आदि (Personalised photo frame, mugs etc.)
बेबी बर्प(डकार) क्लोथ्स, चेंजिंग मैट्स या बिब बास्केट (Baby burp clothes, changing mat or bibs basket)
दूध की बोतल (Baby feeders)
न्यू बॉर्न बेबी सेट्स (Newborn baby sets)
माँ के लिए स्पा और सैलून कूपन्स (Spa aur salon coupons for mother)
पेरेंटिंग बुक (Parenting book)
नई बॉर्न बेबी कैरियर (Newborn baby carrier)
माता-पिता के लिए रेस्टोरेंट में डिनर की बुकिंग (Dine out Booking for parents)
डिलीवरी के बाद इस्तेमाल होने वाली केयर किट (After delivery care
डायपर बैग (Diaper bag)
बेबी और मॉम के लिए मैचिंग कपड़े (Twinning outfits for baby and mom)
गिफ्ट बास्केट (Gift Basket)
बेबी मेमोरी बुक (Baby memory book)
कुमकुम या ज्वेलरी बॉक्स (kumkum or jewellery box)
अरोमैटिक ऑइल या कैंडल्स (Aromatic oils or candles)
ब्रैस्ट पंप (Breast pump)
मैटरनिटी ऑउटफिट (Maternity outfit)
माँ के लिए पर्सनलाइज़्ड ज्वेलरी (Personalised jewellery for mom to be)
मैटरनिटी फोटोशूट (Maternity photoshoot)
Mylo की पैरेंटिंग एक्सपर्ट टीम का कहना है कि बेबी शॉवर या गोद भराई की रस्म से माँ को एक उत्सव में शामिल होने का मौका मिलता है इसलिए उसे एन्जॉय करना चाहिए लेकिन कार्यक्रम के दौरान अपनी सेहत का भी ध्यान रखना जरुरी है. अगर आपको किसी के बेबी शॉवर में जाना है तो आप माइलो से मॉम टू बी या बेबी के लिए सेल्फ केयर प्रोडक्ट्स मंगा सकते हैं. दिए गए लिंक से माइलो एप डाउनलोड करें और हमारा ऑनलाइन बेबी केयर स्टोर जरुर एक्सप्लोर करें.
गोद भराई आमतौर पर 7वें या 9वें महीने में की जाती है। शुभ मुहूर्त देखकर तारीख तय करें।
नारियल का जोड़ा, साड़ी, फल, मिठाई, नारियल के कपड़े, कंगन, मेहंदी।
गोद भराई पारंपरिक भारतीय रस्म है। Baby shower पश्चिमी संस्कृति से आया है। आजकल दोनों को मिलाकर मनाया जाता है।
'राम जी की निकली सवारी' और 'मेरे घर आए एक नन्हा मुन्ना' जैसे पारंपरिक गीत गाए जाते हैं।
पारंपरिक रूप से पहले बच्चे में होती है। लेकिन कई परिवार दूसरे बच्चे में भी मनाते हैं।
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No














Auli is a skilled content writer with 6 years of experience in the health and lifestyle domain. Turning complex research into simple, captivating content is her specialty. She holds a master's degree in journalism and mass communication.




Hello friends... Dr ne mujhe bola he 12 april se 15 april tak delivery ho jani chahiye baki bache ko prblm ho sakti he... Par bache ne head niche fix hi nai kra to bachedani ka muh kese khule.. apme koi he jiski sath ye prblm hui ho...!!
Hello mom's mera 6 month chsl rha h kl maine thoda wajan utha liya tha tkriban 10 kg k lgbhg to ky mere bachche ko koi problem to nhi n hogi
Hello moms meri delivery ko 4 month ho gye h mujhe feb me halki bleeding hui thi march me nahi hui fir april me start ho gaye kya ye normal h plzzz reply me
Hello sisters please meri ultrasound report dekhkar bataiye ki sab Kuch hai .... our meri pregnancy ko kitne din ho gay me bahut confused Hu ....mere hisaab se 7th month abhi start hua hai doctor ne Bola hai ki 7 month complete hone wala hai ..... please help me
Hlw mom's Mera baby rat bilkul bhi nahi sota aur din m sota h kyaa kru bhot rota h
Your body needs extra nutrition this trimester - these can help.




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