
सारांश



स्कूल जाने वाले बच्चों के बालों में अक्सर जुएँ (lice hindi meaning) हो जाती हैं, उसकी वजह बच्चों का एक-दूसरे के साथ सिर से सिर मिलाना या फिर एक-दूसरे की इस्तेमाल की हुई चीज़ों, जैसे कि कंघी, टोपी, तौलिए या तकिए का प्रयोग है. अगर सही समय पर बच्चों के सिर को साफ़ न किया जाए तो लीख या जुओं की समस्या काफी गंभीर भी हो सकती है. जुएँ न सिर्फ बच्चों की छवि को प्रभावित करती हैं, बल्कि उनके स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रभाव डालती हैं. जुएँ जीवित रहने के लिए सिर के त्वचा में से खून चूसती हैं और अगर जुओं की संख्या बहुत अधिक हो जाए तो यह स्थिति संक्रमण का रूप ले लेती है. अगर आप भी अपने बच्चों को लेकर कुछ ऐसी ही स्थिति का सामना कर रही हैं तो चलिए आज इस आर्टिकल के ज़रिये जानते हैं, जुएँ होने के लक्षण, इनसे कैसे बचा जाए और बच्चों के बालों में से जूं (children's lice) निकालने का तरीका.
जुएँ या लीखें इतनी छोटी होती हैं कि बालों में होने पर भी नज़र नहीं आतीं. कई बार साधारणतय देखने पर भी यह बता पाना बहुत मुश्किल होता है कि बालों में सफ़ेद-पीली छोटी-छोटी दिखाई देने वाली लीखें हैं या फिर रूसी. और कुछ ऐसा ही हाल जुओं का भी होता है जो बालों के बीच में छुप जाती हैं. अब कैसे जान पाएं कि बच्चों के बालों में जुएँ हैं या नहीं? चलिए जानते हैं बच्चों के बालों में जुएँ होने के लक्षणों को.
जुओं के अंडे (लीख) दिखाई देना : अगर बालों में सिर के त्वचा के नज़दीक आपको भी रुसी की तरह दिखाई देने वाले छोटे-छोटे सफ़ेद-पीले अंडे दिखाई दे रहे हों, जो हटाने से भी हट नहीं रहे हों तो इसका मतलब है कि आपके बच्चे के बालों में भी जुएँ हो रही हैं.
बच्चे का बार-बार सिर खुजलाना : जिस तरह अधिक रुसी होने के कारण सिर में खुजली होती है, ठीक उसी तरह जुएँ होने के कारण भी बच्चों के सिर में बहुत खुजली होती है. इसका कारण है कि जुएँ सिर की त्वचा का खून पीकर ही जीवित रहती हैं, जिसके लिए जुएँ कई बार त्वचा को काटती हैं.
सिर में दाने और लाल निशान : जिस समय बच्चे लगातार अपने सिर को खुजलाते हैं, उस समय उनके नाखूनों के कारण सिर में कटने और रगड़ने के कारण लाल निशान भी बन जाते हैं. कभी-कभी सिर में कटने के कारण संक्रमण का ख़तरा बढ़ जाता है और सिर की त्वचा पर लाल निशान के अलावा दाने भी देखने को मिलते हैं.
नींद का ठीक से न आना : रात में जब बच्चे सोने के लिए बिस्तर पर जाते हैं तो उस समय जुएँ अँधेरे के कारण ज़्यादा एक्टिव हो जाती हैं, जिस कारण से बच्चे के सिर में बहुत अधिक खुजली होती है और उसे ठीक से नींद भी नहीं आ पाती.
बच्चों के बालों में जितनी आसानी से जुएँ हो जाती हैं, उनको निकाल पाना माँओं के लिए उतना ही मुश्किल है. अगर बच्चे बहुत छोटे हैं तो माताएँ बाज़ार में मिलने वाली दवाओं या फिर मेडिकेटिड शैम्पू, क्रीम, लोशन और तेल का भी प्रयोग नहीं कर सकतीं. इसके अलावा हाथ से एक-एक कर भी लीखों और जुओं को निकाला जा सकता है, पर इससे बच्चों को सिर में बहुत अधिक दर्द होता है. ऐसे में आप कुछ ख़ास घरेलू उपाय कर सकती हैं, जिनके लगातार प्रयोग से कुछ ही दिनों में बच्चों के बालों से जुएँ ख़त्म हो जाएंगी और उन्हें किसी प्रकार का कोई नुकसान भी नहीं पहुँचेगा.
सामग्री :
नीम का तेल - 1 चम्मच
शैम्पू - आपके अनुसार
कंघी
कैसे करें प्रयोग :
एक कटोरी में शैम्पू डालें और फिर उसमें एक चम्मच नीम का तेल डाल कर उसे अच्छे से मिला लें. अब इस मिश्रण से बच्चे के बालों को अच्छे से धो दें. जब बालों में से अच्छे से पानी निकल जाए तो बारीक कंघी का प्रयोग कर जुओं को निकालें. सप्ताह में 2 से 3 दिन इस तरह से बालों को धो कर कंघी करने से जल्द ही राहत मिलेगी.
सामग्री :
नारियल का तेल - 1 चम्मच
शॉवर कैप
शैम्पू - आपके अनुसार
कंघी
कैसे करें प्रयोग :
नारियल के तेल को हल्का-सा गर्म करें और फिर जड़ों से होते हुए बालों में लगाएं. इसके बाद बच्चे के बालों को शॉवर कैप से ढक दें. तेल लगाने के बाद कम से कम 2 घंटे बालों को ऐसे ही छोड़ा जाना चाहिए. फिर बारीक कंघी से लीख और जुएँ निकाल लें और उसके बाद शैम्पू से बालों को अच्छे से धो दें.
सामग्री :
टी ट्री ऑयल
तौलिया
कंघी
कैसे करें प्रयोग :
सोने से पहले बालों में कुछ बूंदें टी ट्री ऑयल की लगाएं. तकिए पर तौलिया बिछा लें. सुबह उठकर जुओं को निकालने के लिए कंघी का इस्तेमाल करें. टी ट्री ऑयल में एंटी-इन्फ्लैमेटरी, एंटी-सेप्टिक और एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो त्वचा के लिए बहुत लाभकारी होता है, इस कारण से जुओं के कारण अगर सिर की त्वचा पर कोई संक्रमण भी होगा तो यह उसको भी जल्दी से ठीक करने में मददकारी साबित होगा.
सामग्री:
नमक - एक चौथाई कप
सिरका - एक चौथाई कप
शॉवर कैप
स्प्रे बोतल
शैम्पू
कैसे करें प्रयोग :
नमक और सिरका, इन दोनों चीज़ों को एक बराबर मात्रा में मिलाकर उसका एक घोल तैयार कर लें. इस घोल को स्प्रे बोतल में भरें और फिर बालों में इसका अच्छे से स्प्रे करें. ध्यान रहे की आँखों या कान में यह घोल न जाए. कम से कम दो घंटे के लिए बालों को शावर कैप से अच्छे से ढकें और फिर बालों को अच्छे से शैम्पू कर लें. सप्ताह में दो से तीन बार इस घोल का प्रयोग कर सकते हैं. नमक-सिरके का घोल लगाने से जुओं की पकड़ बालों पर से ढीली हो जाती है और उन्हें बाहर निकालना आसान हो जाता है.
सामग्री :
जैतून का तेल - 2 चम्मच
शॉवर कैप
कंघी
कैसे करें प्रयोग :
सोने से पहले जैतून का तेल अच्छे से मालिश करते हुए बालों में लगाएं. शॉवर कैप लगा कर बच्चे को सुला दें. सुबह बारीक कंघी से जुओं को निकालें और फिर गर्म पानी से बालों को अच्छी तरह धो लें. इस प्रक्रिया को सप्ताह में दो से तीन बार दोहराने से लाभ मिलेगा.
सामग्री :
संतरे का रस - आधा कप
शॉवर कैप
कंघी
कैसे करें प्रयोग :
संतरे का ताज़ा रस निकाल कर आप बालों में अच्छे से लगाएं और शॉवर कैप से कम से कम 40 मिनट के लिए बालों को ढक दें. इसके बाद आप बारीक कंघी से लीखें और जुएँ निकाल लें. संतरे में मौजूद अम्लता से जुएँ मर जाती हैं. फिर आप चाहें तो अपने पसंद के शैम्पू या सिर्फ गर्म पानी से बालों को धो दें. बेहतर परिणाम देखने के लिए यह प्रक्रिया आपको सप्ताह में दो से तीन बार करनी चाहिए.
सामग्री :
बेकिंग सोडा - एक-चौथाई भाग
कंडिशनर - तीन-चौथाई भाग
तौलिया
कंघी
कैसे करें प्रयोग :
आप एक कटोरी में तीन-चौथाई भाग कंडिशनर और एक-चौथाई भाग बेकिंग सोडा मिला लें. सही मात्रा नापने के लिए आप चम्मच का प्रयोग भी कर सकती हैं. इन्हें अच्छे से मिलाएं और फिर बच्चे के बालों पर लगा कर बारीक कंघी का प्रयोग करते हुए जुओं को निकालें. इस तरह बहुत ही आसानी से जुएँ और लीखें कंघी की मदद से बाहर आ जाएंगी. सप्ताह में दो बार इस विधि का प्रयोग करने से जल्द ही बच्चे को जुओं से छुटकारा मिल जाएगा.
बालों में जुएँ हो जाने पर उनको निकालना ज़रूरी है, लेकिन इस बात का भी ख्याल रखना ज़रूरी है कि वे फिर न हों, इसलिए सावधानी से काम लेना चाहिए और कुछ बातों पर ख़ास ध्यान देना चाहिए.
बच्चों के बालों को हमेशा साफ़ रखना चाहिए.
जिनके सिर में जुएँ हों, उनकी निजी वस्तुएँ, जैसे कि कंघी, टोपी, तौलिया, हेयर ब्रश आदि का उपयोग नहीं करना चाहिए.
बच्चों की टोपी, चादर, तकिए के कवर आदि को गर्म पानी में धोना चाहिए.
समय-समय पर बच्चों की कंघी और हेयर ब्रश को गर्म पानी और साबुन से धोना चाहिए.
बच्चों के बालों में सप्ताह में एक बार बारीक कंघी ज़रूर करें.
अगर घरेलू उपचार के बाद भी बच्चे के बालों में से जुएँ खत्म नहीं हो रही और उनकी संख्या में लगातार बढ़ोतरी के साथ-साथ सिर की त्वचा में लाल निशान दिखाई दे रहे हों तो आपको डॉक्टर से परामर्श ज़रूर लेना चाहिए. इनकी बढ़ती संख्या संक्रमण के खतरे को भी बढ़ाती है.
Mylo की पैरेंटिंग एक्सपर्ट टीम का कहना है कि खेलने-कूदने वाले कम उम्र के बच्चों के बालों में आमतौर पर जुएँ हो जाती हैं, जिन्हें घरेलू उपायों की मदद से निकाला जा सकता है. घरेलू उपाय या तरीकों को अगर आज़मा रही हैं तो आपको उनका बेहतर परिणाम देखने के लिए धैर्य रखना होगा. अगर आपको समय के साथ सही परिणाम न दिखाई दें या फिर स्थिति गंभीर दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
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