


Maternity Leave
8 August 2023 को अपडेट किया गया
प्रेगनेंसी एक नाजुक दौर है और इस दौरान होने वाली माँ को अपनी और अपने शिशु की सुरक्षा के लिए कई छोटी छोटी बातों का ख्याल रखना चाहिए. ये तब और भी ज्यादा ज़रूरी हो जाता है जब आपको घर और ऑफिस दोनों को मैनेज करना हो और इस के लिए गर्भावस्था में कम्यूटिंग करने या सीढ़ी चढ़ने जैसी ऐक्टिविटीज़ हर रोज़ करनी पड़ें.
हालांकि प्रेग्नेंसी के दौरान एक्टिव रहना मां और शिशु दोनों की हेल्थ के लिए अच्छा है और इसलिए ये ज़रूरी है कि आप कम्यूटिंग और सीढ़ी चढ़ने जैसे काम करते हुए कुछ सावधानियाँ बरतें.
आइए जानते हैं आपको किस तरह की सावधानियां रखनी चाहिए.
एक नौर्मल प्रेग्नेंसी में कुछ बातों पर अमल करते हुए कम्यूटिंग करना आमतौर पर सुरक्षित होता है. जैसे कि
प्रेगनेंसी के दौरान आप किस ट्रांसपोर्ट से यात्रा करना चाहती हैं उस के बारे में अपने डॉक्टर को बता कर उनकी सलाह ज़रूर लें.
गर्भावस्था में कम्यूटिंग के दौरान आप भारी सामान न उठायें.
कम से कम लगेज ले के चलें जिसे आप आसानी से उठा सकें.
सामान को न तो झुक कर उठाएं और न ही व्हील्स के सहारे खींचने कि कोशिश करें.
गर्भावस्था में कम्यूटिंग के दौरान खाने के लिए, घर के बनी चीजें पैक कर के ले जाएँ और बाहर का खाने से परहेज़ करें.
डिहाइड्रेशन और थकान से बचने के लिए पानी, छाछ या नारियल पानी लगातार पीती रहें.
ट्रेवेलिंग के दौरान हील्स पहनने से बचें और फ्लैट चप्पल या जूते साथ रखें.
अगर आप किसी रोड ट्रिप पर हैं तो खुद ड्राइव ना करें और यात्रा के दौरान सीट बेल्ट जरूर लगाएं. रास्ते में ब्रेक ज़रूर लें और कार से उतरकर कुछ देर के लिए टहलें.
प्रेग्नेंसी में रोड ट्रिप पर जाते हुए अपने साथ एक दो कुशन जरूर ले जाएँ जिससे बैक पेन होने की स्थिति में आप पीठ को सहारा दे सकें.
अपने हॉस्पिटल से संबन्धित सभी ज़रूरी पेपर्स और दवाएं साथ ले जाएं और चैक अप से जुड़ी ड्यू डेट्स को याद रखें.
अगर आप रोजाना औफिस के लिए ट्रेवल करती हैं तो आप रश-आवर्स में या भीड़-भाड़ वाले इलाके से ना गुजरें.
ट्रैवलिंग अगर आपके जॉब का हिस्सा है तो फिर ये आपके एम्प्लॉयर की रेस्पौन्सिबिलिटी है कि वो आपकी हेल्थ और सेफ्टी का ध्यान रखे.
एक नौर्मल प्रेग्नेंसी जिसमें कोई कौंप्लीकेशन ना हो उसमें 28 से 36 सप्ताह तक एअर ट्रेवल सेफ माना जाता है.
प्रेग्नेंसी की शुरुवात में सीढ़ी चढ़ने से कोई नुकसान नहीं होता है लेकिन जैसे जैसे आपका बेबी बम्प बढ्ता है वैसे वैसे सीढ़ियां चढ़ते हुए गिरने या फिसलने का रिस्क भी बढ़ जाता है.
ठीक इसी तरह प्रसव से पहले लगभग 37वें हफ्ते में जब बच्चा पेल्विक में आ जाता है तब सांस फूलने की समस्या बंद हो जाती है और ऐसे में जरूरी होने पर रेलिंग का सहारा लेकर धीरे-धीरे सीढ़ियां चढ़नी चाहिए.
जब भी जरूरत हो धीरे -धीरे और आराम से सीढ़ियां चढ़ें. जल्दबाजी न करें.
यह ज़रूरी है कि सीढ़ियों पर पर्याप्त रोशनी हो. सीढ़ियों में अंधेरा होने पर न चढ़ें.
सीढ़ियों पर अगर कारपेट बिछा हो तो यह ध्यान दें कि इसके मुड़े हुए हिस्से में आपका पैर न उलझे.
सीढ़ी चढ़ते हुए अगर आपकी सांस फूलती हो तो ऐसे में रुककर आराम ज़रूर करें.
ब्लीडिंग होने, लो या हाई बीपी होने, किसी तरह की बीमारी या ब्लड शुगर के फ्लक्चुएट होने की स्थिति में भी सीढियां न चढ़ें.
प्रेग्नेंसी में सीढ़ी चढ़ते या घेर वाले या फैले हुए कपड़े न पहनें. इसमें उलझने की संभावना अधिक रहती है.
थंब रूल ये है कि जब तक आपको सीढ़ियां चढ़ने में कोई दिक्कत महसूस न हो तब तक आप सावधानी के साथ सीढ़ियां चढ़ सकती हैं.
हालांकि सीढ़ी चढ़ते हुए हमेशा रेलिंग पकड़कर रखें ताकि आप को सहारा मिल सके.
Yes
No

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Kavita Uprety
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