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अगर मेरे शिशु का विकास वक्र चार्ट के अनुसार न चल रहा हो तो, मुझे क्या करना चाहिए ?

Growth Charts
Written by - Jyoti Prajapatiअंतिम अपडेट: Dec 12, 2022
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विकास चार्ट एक ऐसा साधन है, जिससे यह आंकलन किया जाता है कि शिशु अपनी उम्र के अनुसार सही विकास कर रहा है या नहीं।लड़के और लड़कियों के विकास चार्ट अलग-अलग होते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि लड़के औसतन लड़कियों की तुलना में थोड़े भारी और लंबे होते हैं। इनके विकास का स्वरूप भी भिन्न होता है। हर शिशु अलग होता है और अपनी ही गति से बढ़ता है। मगर, अधिकांश स्वस्थ शिशु एक ही तरह के विकास स्वरूप का अनुसरण करते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि उनका कद और वजन समान होता है। उनका विकास और वजन बढ़ना उनके लिंग और आकार के अनुपातिक आधार पर एक समान तरीके से ही होता है।

विकास चार्ट मे क्या मापा जाता है?

विकास चार्ट में आपके शिशु के विकास को इन तीन मापदंडों के आधार पर मापा जाता है:

  • कद (लंबाई)
  • वजन
  • सिर का घेर (परीधि)

शिशु का डॉक्टर उसे इन तीन मापदंडों पर माप कर इसका विवरण शिशु के विकास चार्ट में भर देंगे। कुछ समय के बाद, ये माप आपको बताएंगे कि आपका शिशु मानक विकास दर से अनुसार बढ़ रहा है या नहीं। अगर, उसका विकास सही है, तो यह इस बात का संकेत है कि शिशु अच्छी तरह से स्तनपान कर रहा है और पचा भी रहा है। चार्ट में दिए गए आपके शिशु के विवरण से आपको पता चलेगा कि वह अपनी उम्र के अन्य शिशुओं के मुकाबले किस तरह प्रदर्शन कर रहा है। अन्य शब्दों में, यह चार्ट दिखाएगा कि आपका शिशु किस शतमक (पर्सेंटाइल) में आता है।

मेरे शिशु की पर्सेंटाइल का क्या मतलब है?

यह एक उदाहरण के जरिये अच्छी तरह समझाया जा सकता है। मान लीजिए कि आपका शिशु वजन की 25वीं पर्सेंटाइल पर है, तो इसका मतलब है कि आपके शिशु की उम्र और लिंग के 24 प्रतिशत शिशुओं का वजन आपके शिशु से कम है और 75 फीसदी शिशुओं का वजन उससे ज्यादा है। वजन और लंबाई के पर्सेंटाइल हर बार समान नहीं होती। इसलिए, उदाहरण के तौर पर अगर आपका शिशु वजन की 25वीं पर्सेंटाइल पर है, तो वह कद की 50वीं पर्सेंटाइल पर भी हो सकता है। इसका मतलब यह होगा कि आपके शिशु की उम्र और लिंग के 49 फीसदी बच्चे उससे छोटे और 50 फीसदी उससे लंबे हैं। आपके शिशु के डॉक्टर इस बात पर ध्यान देंगे कि शिशु का विकास उसके पर्सेंटाइल वक्र (कर्व) के अनुसार चले और वह इसके साथ-साथ निरंतर विकास करे।

अगर मेरे शिशु का विकास वक्र चार्ट के अनुसार न चल रहा हो तो क्या करें?

शिशु के पर्सेंटाइल वक्र में थोड़ा उतार-चढ़ाव आना सामान्य है और आमतौर पर यह कोई चिंता का विषय नहीं होता। वक्र में चढ़ाव विकास में आई अचानक तेजी के कारण हो सकता है। वहीं अगर, वक्र अस्थाई रूप से नीचे की ओर जाता है, तो यह किसी बीमारी की वजह से हो सकता है। मगर, यदि कुछ समय बाद आपके डॉक्टर को लगता है कि आपका शिशु विकास वक्र के साथ नहीं चल पा रहा है, तो वह जांच कर सकते हैं कि वह क्या चीज है, जो शिशु के समुचित विकास में बाधा बन रही है। अगर, आपका शिशु केवल स्तनपान कर रहा है, तो डॉक्टर देखेंगे कि क्या वह उचित तरीके से स्तनपान कर पा रहा है या क्या वह स्तन सही ढंग से मुंह में ले पा रहा है (लैचिंग)? अगर, शिशु ठोस आहार ले रहा है, तो डॉक्टर किसी भोजन से हुई एलर्जी का पता लगाने के लिए आपसे शिशु के मल के बारे में पूछ सकते हैं। डॉक्टर शिशु की पर्सेंटाइल में होने वाले बड़े अंतर पर भी नजर रखेंगे। उदाहरण के तौर पर, यदि आपका शिशु कद की 75वीं पर्सेंटाइल पर है, मगर वजन की केवल 25वीं पर्सेंटाइल पर है, तो वह आपको शिशु का वजन बढ़ाने और पौष्टिक भोजन खिलाने के बारे में सुझाव दे सकते हैं। यह बात ध्यान रखने वाली है कि यद्यपि ये विकास चार्ट यह बात पता लगाने का उपयोगी साधन है कि आपके शिशु को आगे जांच की जरुरत है या नहीं, मगर इनसे किसी समस्या या बीमारी का पता नहीं चल सकता। कई बार तो विकास चार्ट ऐसी समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं, जो होती ही नहीं या फिर किसी समस्या का पता लगाने में चूक सकते हैं। इसलिए, अगर आपको शिशु के विकास वक्र को लेकर को चिंता है, तो बेहतर है कि शिशु के आहार या जीवनशैली में किसी भी तरह के परिवर्तन करने से पहले डॉक्टर से सलाह ली जाए। इस बात की पूरी संभावना है कि डॉक्टर आपको आश्वस्त करेंगे कि सब ठीक-ठाक है। जरुरी हुआ तो, वह आपको सलाह देंगे कि आगे क्या उचित कदम उठाए जाएं।

मैं अपने शिशु को उच्च पर्सेंटाइल वक्र पर लाने के लिए क्या कर सकती हूं?

विकास चार्ट के इस्तेमाल और शिशु के माप पर नजर रखने का लक्ष्य यह कतई नहीं है कि उसे उच्च पर्सेंटाइल पर रखने के तरीके ढूंढ़े जाएं। बल्कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपका शिशु किसी भी पर्सेंटाइल से शुरु करे, मगर वह उस पर्सेंटाइल वक्र के साथ-साथ ही विकास करे।अगर, आपके शिशु के कद की पर्सेंटाइल उसके वजन की पर्सेंटाइल से काफी अधिक है, तो शिशु के डॉक्टर उसे वजन की उच्च पर्सेंटाइल पर लाना चाह सकते हैं। या फिर अगर, आपके शिशु की वजन की पर्सेंटाइल थोड़ी घट गई है, तो डॉक्टर आपको उसे पहले वाली पर्सेंटाइल पर लाने के तरीके बता सकते हैं। मगर, जब तक कि कोई चिकित्सकीय समस्या या स्थिति आपके शिशु के विकास को प्रभावित न कर रही हो, तब तक सभी पर्सेंटाइल सामान्य और संतोषजनक मानी जाती हैं। अगर, आपके शिशु का जन्म समय से पहले हुआ था, तो डॉक्टर आपके शिशु के विकास को मापने के लिए आपको थोड़ा अलग विकास चार्ट दे सकते हैं।मगर, यदि आप वही चार्ट इस्तेमाल कर रही हैं, जो अन्य माता-पिता के पास है, तो डॉक्टर आपको शिशु की कालानुक्रमिक उम्र (क्रोनोलॉजिकल ऐज) की बजाय समायोजित उम्र (एडजस्टेड ऐज) से उसका विकास मापने की सलाह दे सकते हैं।समय से पहले पैदा हुए शिशुओं को डॉक्टर दो अलग-अलग उम्र देते हैं - एक उनकी कालानुक्रमिक उम्र (जिसकी गणना उनके जन्मदिन से की जाती है) और दूसरी समायोजित उम्र (जिसकी गणना उनकी जन्म की नियत तिथि से या फिर जिस समय उन्हें वास्तव में जन्म लेना था, से की जाती है)। शिशु के विकास की पैमाइश अगर उसकी समायाजित उम्र से की जाए, तो अधिक सही पर्सेंटाइल आती है, क्योंकि यह उसे उन शिशुओं के आधार पर मापेगा, जिनका गर्भाधान आपके शिशु के समय पर ही हुआ था।

हो सकता है कि कम जन्म वजन वाले शिशु निचली पर्सेंटाइल रेखा से शुरू करें। मगर, हमारी बाल विशेषज्ञ डॉक्टर सरोजा बालन के अनुसार समय से पहले पैदा हुए शिशु और कम जन्म वजन वाले शिशु आमतौर पर तीन साल का होने तक अपनी उम्र के अन्य साथियों के समान विकास करने लगते हैं। मेरे शिशु के डॉक्टर द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला विकास चार्ट डब्ल्यू.एच.ओ. के विकास चार्ट के अलग क्यों है? भारत में बहुत से बाल रोग विशेषज्ञों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले विकास चार्ट और डब्ल्यू.एच.ओ. द्वारा बताए गए चार्ट में अंतर है। भारत समेत विश्व के अन्य देशों में शिशुओं के विकास के स्वरूप पर गहन अध्ययन करने के बाद डब्ल्यू.एच.ओ. ने विकास चार्ट तैयार किए। उनके चार्ट लगभग 100 देशों में इस्तेमाल किए जाते हैं और भारतीय शिशुओं के विकास को मापने के लिए भी ये उचित हैं। यहां तक कि भारतीय बाल चिकित्सा अकादमी (आई.ए.पी.) भी भारतीय शिशुओं के लिए जन्म से पांच साल तक डब्ल्यू.एच.ओ. विकास चार्ट इस्तेमाल करने की सिफारिश करती है। मगर, कई बड़े अस्पतालों में और निजी बाल रोग विशेषज्ञ अलग विकास चार्ट इस्तेमाल करते हैं। यह वो चार्ट है, जो भारत के मुख्य शहरी केंद्रो में समृद्ध परिवारों के शिशुओं के विकास स्वरूप पर अध्ययन के आधार पर तैयार किया गया है। क्योंकि यह अध्ययन केवल भारतीय शिशुओं पर किया गया था, इसलिए कुछ बाल रोग विशेषज्ञ इस चार्ट को ही इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। दोनों ही तरह के विकास चार्ट भारत में इस्तेमाल किए जाते हैं और दोनों ही डॉक्टरों द्वारा उपयुक्त माने गए हैं। इसलिए, आपके डॉक्टर कौन से चार्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसे लेकर चिंता न करें। बल्कि इस बात पर ध्यान दें कि आपके शिशु के डॉक्टर समय के साथ हो रहे उसके विकास से संतुष्ट हैं या नहीं। उम्र के अनुसार लड़के और लड़कियों के लिए डब्ल्यूएचओ के विकास मानक आप नीचे दिए गए पेजों पर देख सकती हैं:

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