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    Ovulation

    लेट ओव्यूलेशन के क्या कारण होते हैं?

    Written on 6 March 2019

    अगर आप प्रेग्नेंट होने की कोशिश कर रही हैं, या फिर आप सिर्फ़ मासिक चक्र के बारे में जानना चाहती हैं, तो आपको लेट ओव्यूलेशन के बारे में ज़रूर जानना चाहिए. तो चलिए इस लेख के ज़रिए हम आपको बताते हैं कि आख़िर लेट ओव्यूलेशन क्या है और इसके क्या कारण होते हैं?

    लेट ओव्यूलेशन क्या है?

    ओव्यूलेशन के दौरान अंडाशय में से एक अंडा जारी होता है. फिर फैलोपियन ट्यूब में जाता है और इस तरह शुक्राणु द्वारा फर्टिलाइज होता है. फर्टिलाइज अंडा गर्भाशय की परत से चिपक जाता है, लेकिन अगर फर्टिलाइजेशन नहीं होता है तो अंडा टूटकर गर्भाशय से होकर निकल जाता है, जिसे पीरियड्स कहते हैं. महिलाएँ जिनका मासिक चक्र 28 दिनों के लिए होता है, तो उनका ओव्यूलेशन 14 दिन के आसपास होता है. तो अगर आपका हर महीने सही समय पर मासिक धर्म होता है, तो ओव्यूलेशन आपके पीरियड्स के 14 दिन के आसपास होगा. इससे महिलाओं को अपना मासिक चक्र को ध्यान में रखने में मदद मिलती है और ओव्यूलेशन का भी पता चल जाता है. इसके साथ ही अगर आप प्रेग्नेंट होने के बारे में सोच रही हैं तो आप ओव्यूलेशन के समय गर्भधारण कर सकती हैं.

    क्या लेट ओव्यूलेशन होना आम बात है?

    हकीकत में कई महिलाओं को समय पर मासिक धर्म नहीं होता, एक स्टडी के अनुसार दस प्रतिशत महिलाओं को 14 दिन ओवुलेट होता है. 28 दिन एक औसत है, तो आपका मासिक चक्र 21 से 35 दिन के बीच होता है. इसका मतलब ये नहीं है कि आप कम फर्टाइल कर रही हैं, लेकिन ये जानना बेहद मुश्किल है कि ओव्यूलेशन कम होगा. साथ गर्भधारण करना भी बेहद मुश्किल है. अगर ओव्यूलेशन 21 दिन के बाद कभी भी होता है तो ये लेट ही माना जाता है.

    लेट ओवुलेशन के कारण

    01. दवाइयां

    बड़ी बीमारियों की दवाइयों की वजह से आपके ओव्यूलेशन और फर्टिलिटी पर असर पड़ता है, जैसे - एंटीडिप्रेसेंट, कैंसर कीमोथेरेपी, थायराइड की दवाइयां, स्टेरॉइड्स.

    02. पीसीओएस

    पीसीओएस एक आम स्थिति है जो अंडाशय के कार्य को प्रभावित करता है. पीसीओएस में अनियमित पीरियड्स होते हैं, पुरुष हॉर्मोन का स्तर महिलाओं में अधिक हो जाता है आदि. अगर आप इस समस्या से पीड़ित है तो आपके पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं, प्रेग्नेंट होने में परेशानी हो सकती है, सिर व सीने पर बाल बढ़ सकते हैं, वजन बढ़ सकता है, ऑइली स्किन आदि की समस्या हो सकती है.

    03. थायराइड

    थायराइड की वजह से भी आपके पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं और पीरियड्स अनियमित होने से ओव्यूलेशन में भी देरी हो सकती है.

    04. तनाव

    तनाव आपके स्वास्थ्य पर तो असर डालता ही साथ ही इससे आपके पीरियड्स पर भी प्रभाव पड़ता है.

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    ishmeetkaur95

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