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    गर्भावस्था के दौरान थकान: स्वस्थ रहने के लिए लक्षण और समाधान

    Written on 19 December 2018

    गर्भवती होने पर प्रसन्न होना तो स्वाभाविक है ही लेकिन इसके साथ साथ स्वाभाविक है आपका सारा दिन थका हुआ महसूस करना. गर्भावस्था की पहली तिमाही और गर्भावस्था के अंतिम दिनों में विशेषकर आप स्वयं को थका हुआ पाएंगी. प्रेग्नेंसी के नौवें महीने में तो लगातार कई घंटो सोने के बाद भी आपको और सोने की इच्छा होगी और रात को जागना तो आपके लिए असंभव हो जाएगा.

    दरअसल गर्भवती होने पर आपके शरीर में कई नए बदलाव आते हैं. आपका शरीर इस दौरान शिशु को गर्भ में पालने और उसका पोषण करने के लिए स्वयं को तैयार कर रहा होता है. शिशु को पोषण पहुंचाने के लिए आपके शरीर में अपरा (प्लेसेंटा) का निर्माण होता है. हॉर्मोन स्तर और मेटाबॉलिज्म में तेजी से बदलाव के साथ साथ आपकी ब्लड शुगर और रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) भी इस समय कम होने लगते हैं. इन्हीं कारणों के चलते आप लगातार थकान महसूस करती हैं. लेकिन आमतौर पर यह चिंता का विषय नहीं होता है.

    गर्भावस्था में थकान किन समस्याओं की वजह से होती है?

    प्रेगनेंसी में थकान और शरीर में ऊर्जा का कम होना ज़्यादातर एनीमिया का संकेत हो सकता है. गर्भावस्था में शरीर में आ रहे बदलावों के कारण एनीमिया होना सामान्य बात है. इसके लिए आप लगातार अपने खून की जांच कराती रहें और डॉक्टर द्वारा प्रिसक्राइब की गयी फोलिक एसिड की टेबलेट्स लेती रहें. अपने आहार पर विशेष ध्यान दें ताकि प्रसव के दौरान आपको किसी भी अवांछित स्थिति का सामना न करना पड़े.

    नींद आने में भी मुश्किल होना तथा थकान और शक्तिहीन महसूस करना अवसाद (डिप्रेशन) की निशानी भी हो सकते हैं. इसके चलते आप हर चीज़ में रूचि खोने लगती हैं और स्वयं को निराशा से घिरा हुआ पाती हैं. अवसाद को उदासी समझने की भूल न करें और अपने डॉक्टर से इसका इलाज अवश्य कराएं .

    गर्भावस्था में थकान कौनसी तिमाही में महसूस होती है?

    यूं तो हर प्रेगनेंसी दूसरी प्रेगनेंसी से अलग होती है और हर गर्भवती महिला के अपने अनुभव हो सकते हैं लेकिन गर्भावस्था में थकावट का अहसास मुख्यत: पहली और तीसरी तिमाही में होता है. पहली तिमाही में थकावट सुबह की मिचली (morning sickness) का लक्षण होती है. इसके चलते आपको भूख कम लगना और मिचली होने के साथ-साथ उल्टी भी हो सकती है. इन सभी लक्षणों के कारण आपकी नींद और खान पान में बाधा उत्पन्न होना और आपका चिड़चिड़ा महसूस होना स्वाभाविक है. ऐसे में आवश्यक है की आप जितना हो सके शांत रहें और आराम करें. जहां कुछ गर्भवती महिलाओं को 14 हफ्तों से 16 हफ्तों की गर्भावस्था में मिचली से राहत मिलने लग जाती है वहीँ कुछ महिलाओं में यह 20 सप्ताह तक बनी रह सकती है. कुछ महिलाओं को यह समस्या इससे ज्यादा समय के लिए भी परेशान कर सकती है. प्रेगनेंसी के आखरी हफ़्तों में आप फिर से थकान महसूस करेंगी. बढ़ते पेट और बढ़ते वज़न के कारण आपके लिए आराम से उठना-बैठना, चलना- फिरना और बिस्तर पर आराम से सोना और अच्छी नींद ले पाना काफी मुश्किल हो जाएगा. ऐसा होने से आपका थकान महसूस करना लाज़मी है.

    गर्भावस्था में थकान से निपटने के क्या उपाय हैं?

    1. अपने शरीर की सुनें

    अपने स्वास्थ्य पर पूरा ध्यान दें और अपने शरीर से मिल रहे संकेतों को पहचानें. अगर आप थकी हुई हैं तो सारे काम छोड़कर आराम करें. दिन में जब ही हो सके थोड़ी-थोड़ी देर के लिए सो जाएँ. रात को जल्दी सो जाने की कोशिश करें जिस से आपके शरीर को पर्याप्त आराम मिल सके.

    अगर आप कामकाजी हैं तो यह सब करना आपके लिए मुश्किल होगा. कोशिश करें की आप अच्छा और स्वास्थ्यवर्धक भोजन करें और ऑफिस में आप 10-15 मिनट की झपकी ले लें. गर्भावस्था में आपके शरीर की ज़रूरतें अलग होंगी इसलिए आपको अपनी दिनचर्या इसी हिसाब से व्यवस्थित करनी होगी. अपने काम के घंटों को थोड़ा कम करने का प्रयास करें और किसी भी प्रकार के तनाव से दूर रहें.

    अगर आपके परिवार में और भी सदस्य हैं या आप पहले से ही एक माँ हैं, तो अपनी ज़िम्मेदारियों को उनके साथ बाँट लें. अपने साथी और मित्रों से सहयता लेने से न हिचकिचाए. इस तरह आप काफी रिलैक्स्ड महसूस करेंगी और अपनी नींद भी पूरी कर पाएंगी.

    2. पौष्टिक भोजन करें

    अच्छा और स्वास्थ्यवर्धक भोजन आपको ऊर्जावान बनाये रखने के लिए आवश्यक है. अपने आहार में दालों, हरी -पत्तेदार सब्जियों और विभिन्न तरह के फलों को शामिल करें जिससे आपको सभी तरह के ज़रूरी पोषक तत्त्व मिल सकें. मिचली के दौरान पौष्टिक भोजन कर पाना बहुत मुश्किल होता है. ऐसी स्थिति होने पर कोशिश करें कि थोड़ा-थोड़ा करके दिन में कई बार कुछ न कुछ खाती रहें. मिचली की स्थिति में खाली पेट रहने से आपको और अधिक नुक्सान होगा और आप अधिक थका हुआ महसूस करेंगी.

    3. कुछ हल्के व्यायाम भी ज़रूरी हैं

    गर्भवती होने का अर्थ यह नहीं की आप कसरत करना बिलकुल छोड़ दें. बल्कि आम धारणा के विपरीत गर्भावस्था में हल्का फुल्का व्यायाम जैसे टहलना, आसान योगाभ्यास करना या तैराकी करना आपके और आपके शिशु के लिए अच्छा है. इससे आप हल्का और रिलैक्स्ड महसूस करेंगी.

    हो सकता है की लगातार थकान के चलते आप असहाय महसूस करने लगें. ऐसे में याद रखें की आप जीवन के एक महत्वपूर्ण दौर से गुज़र रही हैं और आपके शरीर में काफी बदलाव आ रहे हैं. प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही में प्रवेश करते-करते आप फिर से बेहतर महसूस करने लगेंगी. आख़िरी दिनों में होने वाली थकान तो शिशु के जन्म लेने के साथ ही स्वयं जाती रहेगी. हाँ, एक बात से आप निश्चिंत रहे की गर्भावस्था के दौरान थकावट किसी भी गंभीर समस्या का संकेत नहीं है. बस प्रयास करें की आप ज़्यादा से ज़्यादा आराम कर सकें और स्वयं को तनाव से दूर रखकर प्रसन्न रह सकें.

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